{"_id":"5c22757cbdec2256d14f3dd9","slug":"one-year-sentence-to-accused","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेक अनादरित होने पर फैक्ट्री के साझीदार को एक वर्ष की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेक अनादरित होने पर फैक्ट्री के साझीदार को एक वर्ष की सजा
Tue, 25 Dec 2018 11:52 PM IST
विपिन कुमार
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर।
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर।
Published by: विपिन कुमार
Updated Tue, 25 Dec 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
पकड़ी गई नई करेंसी
- फोटो : AmarUjala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
5.99 लाख रुपये की राशि का चेक अनादरित होने पर एसीजेएम/ सिविल जज (जू.डि) ने एक इस्पात फैक्ट्री के साझीदार को एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने परिवादी को एक माह के भीतर दस लाख रुपये का प्रतिकर अदा करने के आदेश दिए हैं। सजा सुनाने के बाद दोषी ठहराए गए व्यक्ति को हल्द्वानी जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
थाना कुंडा के ग्राम हल्दुआ शाहू निवासी प्रेसाइज कास्टिंग के डायरेक्टर अमित अग्रवाल ने अपने अधिवक्ता अर्पित गरोड़िया के माध्यम से 11 दिसंबर 2012 को एसीजेएम की अदालत में धारा 138 एनआई एक्ट के तहत परिवाद दायर किया था। इसमें कहा कि प्रेसाइज कास्टिंग ने गढ़ीनेगी स्थित प्रभुसरन इस्पात को 16 सितंबर 2012 और 26 सितंबर 2012 को लोहे के उपकरण सप्लाई किए थे।
विज्ञापन
भुगतान के तौर पर कंपनी के साझीदार अरविंद कुमार मित्तल ने प्रेसाइज कंपनी को 5,99,206 रुपये का चेक एक अक्तूबर 2012 को जारी किया। 19 नवंबर 2012 को चेक ओबीसी काशीपुर शाखा में कंपनी के खाते में जमा किया तो चेक अनादरित हो गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपने बचाव में कहा कि उसने कंपनी से जो माल खरीदा था, उसका भुगतान 30 अगस्त 2012 से पूर्व किया जा चुका है। विवादित चेक उसने व्यापार शुरू करने के लिए बतौर सिक्योरिटी जमा कराया था।
विज्ञापन
परिवादी की ओर से केंद्रीय उत्पाद कर के अधीक्षक को बतौर गवाह परीक्षित कराया गया। साक्ष्यों एवं पत्रावली का परिशीलन कर एसीजेएम/ सिविल जज (जू.डि) विनोद कुमार वर्मन ने आरोपी अरविंद कुमार मित्तल को एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी पाया। अदालत ने आरोपी को एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।