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अब पैथोलॉजिस्ट का भी तबादला
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:24 PM IST
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Lack of doctors in the hospital.
- फोटो : अमर उजाला
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स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और बढ़ाने के प्रदेश सरकार भले ही कितने दावे करे लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके उलट हैं। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला जिला अस्पताल खुद बीमारी की कगार पर है। जिला अस्पताल में फिजिशियन, रेडियोलॉजिस्ट के न होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई हैं।
जिला अस्पताल में तैनात पैथोलॉजिस्ट, जिले के ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. अजय मोहन शर्मा का तबादला बागेश्वर किया जा चुका है। जिला अस्पताल में फिजिशियन, रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। इससे मरीजों को परेशानी हो रही थी। मरीजों को मजबूरन महंगे दामों पर निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा था।
वहीं अब पैथोलॉजिस्ट का तबादला होने से खून की जांच कराने आने वाले मरीजों को जांच एवं रिपोर्ट के लिए परेशानी हो रही है। डॉ. एमके शर्मा के रिलीव होने के चार दिन बाद भी उनकी जगह दूसरा पैथोलॉजिस्ट नहीं पहुंचा। जिला अस्पताल की पीएमएस डॉ. अमिता उप्रेती का कहना है कि जिला अस्पताल में जल्द डॉक्टर आ जाएंगे।
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बताया कि खाली पदों की संख्या के बारे में शासन को पत्र भेजा जा चुका है। मरीजों ने कड़े शब्दों में अस्पताल प्रबंधन को खरीखोटी सुनाई। भीम आर्या ने बताया की जिला अस्पताल में मरीजों की कोई सुध लेने वाला नहीं है। अब अस्पताल रेफरल सेंटर बन चुका है।
लता टम्टा ने बताया की मोटी तनख्वाह लेने वाले डॉक्टरों को मरीजों के दर्द का अहसास नहीं है। यही कारण है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टर भी मरीजों को देखने में रुचि नहीं दिखा रहे।
किच्छा सरकारी अस्पताल को जल्द मिलेंगे तीन चिकित्सक
रुद्रपुर। विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि पांच साल अपनी सरकार के रहते कांग्रेस नेताओं ने अपने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप सरकारी अस्पताल में एक भी डाक्टर की नियुक्ति नहीं कराई, और अब उन्हें अस्पताल की अव्यवस्थाओं का ख्याल आया है। जब भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही अस्पताल मे मेरे अनुरोध पर तीन चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी है।
उन्होंने कहा कि कुछ तथाकथित कांग्रेसी नेताओं को पता चल गया कि भाजपा सरकार ने तीन चिकित्सकों की नियुक्ति कर दिया है और जल्द ही तीनों डाक्टर अस्पताल में चार्ज संभाल लेंगे वैस ही कांग्रेस नेताओं की कुंभकरणी नींद टूट गई और अपनी वाहवाही लूटने की मंशा लेकर वे अस्पताल में नौटंकी कर रहे हैं।
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जिला अस्पताल में तैनात पैथोलॉजिस्ट, जिले के ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. अजय मोहन शर्मा का तबादला बागेश्वर किया जा चुका है। जिला अस्पताल में फिजिशियन, रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। इससे मरीजों को परेशानी हो रही थी। मरीजों को मजबूरन महंगे दामों पर निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा था।
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वहीं अब पैथोलॉजिस्ट का तबादला होने से खून की जांच कराने आने वाले मरीजों को जांच एवं रिपोर्ट के लिए परेशानी हो रही है। डॉ. एमके शर्मा के रिलीव होने के चार दिन बाद भी उनकी जगह दूसरा पैथोलॉजिस्ट नहीं पहुंचा। जिला अस्पताल की पीएमएस डॉ. अमिता उप्रेती का कहना है कि जिला अस्पताल में जल्द डॉक्टर आ जाएंगे।
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बताया कि खाली पदों की संख्या के बारे में शासन को पत्र भेजा जा चुका है। मरीजों ने कड़े शब्दों में अस्पताल प्रबंधन को खरीखोटी सुनाई। भीम आर्या ने बताया की जिला अस्पताल में मरीजों की कोई सुध लेने वाला नहीं है। अब अस्पताल रेफरल सेंटर बन चुका है।
लता टम्टा ने बताया की मोटी तनख्वाह लेने वाले डॉक्टरों को मरीजों के दर्द का अहसास नहीं है। यही कारण है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टर भी मरीजों को देखने में रुचि नहीं दिखा रहे।
किच्छा सरकारी अस्पताल को जल्द मिलेंगे तीन चिकित्सक
रुद्रपुर। विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि पांच साल अपनी सरकार के रहते कांग्रेस नेताओं ने अपने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप सरकारी अस्पताल में एक भी डाक्टर की नियुक्ति नहीं कराई, और अब उन्हें अस्पताल की अव्यवस्थाओं का ख्याल आया है। जब भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही अस्पताल मे मेरे अनुरोध पर तीन चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी है।
उन्होंने कहा कि कुछ तथाकथित कांग्रेसी नेताओं को पता चल गया कि भाजपा सरकार ने तीन चिकित्सकों की नियुक्ति कर दिया है और जल्द ही तीनों डाक्टर अस्पताल में चार्ज संभाल लेंगे वैस ही कांग्रेस नेताओं की कुंभकरणी नींद टूट गई और अपनी वाहवाही लूटने की मंशा लेकर वे अस्पताल में नौटंकी कर रहे हैं।