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नोट बंदी से आभूषण व्यवसाय पर लगा ग्रहण
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Sun, 20 Nov 2016 12:40 AM IST
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नोट बंदी के बाद से आभूषण व्यवसाय पर ग्रहण लग गया है। इन दिनों विवाह का सीजन है, दुकानें ग्राहकों से भरी रहती थी। हालत यह है कि दिन भर एक भी ग्राहक दिखाई नहीं दे रहा है। नामी कंपनियों की दुकानों में ही दुकान का खर्च निकालने भर की दुकानदारी हो रही है। सराफा कारोबार में अस्सी प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है।
पांच सौ हजार के नोट बंद होने के सराफा व्यवसाय भी मंदी की चपेट में है। शादी का सीजन होने के बाद भी आभूषण विक्रेताओं की दुकानों में सूनसानी पसरी हुई है। दुकानदार ग्राहकों के आने के इंतजार में टकटकी लगाए रहते हैं। सुबह से शाम हो जाती अधिकांश दुकानदारों की बोहनी तक नहीं होती है।
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अगर कोई ग्राहक आ भी जा रहा है तो वह प्रतिबंधित नोट लेकर आ रहा है। चैक लेने की सुविधाएं भी ब्रांडेड कंपनी के शोरूम में ही हैं। जबकि इन दिनों सोने का भाव नोट बंदी के दिन से लगभग एक दो हजार कम है। फिर भी ग्राहक नजर नहीं आ रहा है। हालांकि अधिकांश दुकानदारों ने नोट बंदी का समर्थन किया है।
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- मनोहर ज्वैलर्स के मालिक गौरव गुप्ता ने कहा कि नोट बंदी के बाद से व्यवसाय ठंडा पड़ गया है। दिन भर खाली बैठना पड़ रहा है।
-सुरेंद्र कुमार अग्रवाल, अमर नाथ एंड संस ज्वैलर्स फर्म के मालिक कोमल अग्रवाल ने कहा कि कारोबार में भारी मंदी चल रही है। व्यवसाय लगभग बीस प्रतिशत रह गया है। जिससे दुकान के खर्चे ही पूरे नहीं हो रहे हैं।
-तनिस्क ज्वैलर्स शोरूम के मालिक प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि नोट बंदी से ज्वैलर्स मार्केट पर कुछ तो असर पड़ा ही है। लेकिन प्रधान मंत्री का यह कदम स्वागत योग्य है। कुछ समय बाद हालात सुखद एवं ठीक हो जाएंगे।
-व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष एवं डंपी न्यू कलैक्सन ज्वैलर्स के मालिक राजीव सेतिया ने कहा कि ज्वैलर्स व्यवसाय ठप है। जब तक बाजार में पर्याप्त संख्या में एक सौ पांच सौ और दो हजार के नोट नहीं आते हैं तब तक ज्वैलर्स व्यवसाय ठप रहेगा।