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न रूट निर्धारित हैं और न नियमों की परवाह
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Sun, 19 Nov 2017 11:51 PM IST
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रुद्रपुर में ई रिक्शा में स्कूली बच्चों को ठूंसकर ले जाता चालक
- फोटो : Amar ujala
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पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग की लापरवाही से रुद्रपुर शहर में ई-रिक्शा चालक पूरी तरह मनमानी पर उतर आये हैं। बाजार क्षेत्र में ई-रिक्शा के बेतरतीब संचालन से जाम लग रहा है। नाबालिग भी ई-रिक्शा चला रहे हैं तो स्कूली बच्चों को ई-रिक्शा में ठूस-ठूस कर भरा जा रहा है।
रुद्रपुर एआरटीओ कार्यालय में 765 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जबकि शहर में करीब 5000 से अधिक टेंपो संचालित हो रहे हैं। परमिट न होने के कारण यह ई-रिक्शा बुकिंग पर सवारियां नहीं ले जा सकते हैं और सिर्फ चार सवारियां ही बैठाने का नियम है, जबकि नियम के खिलाफ एक ई-रिक्शा छह सवारियों को लेकर दौड़ रहा है। इसके साथ स्कूली बच्चों को भी मानक से अधिक बैठाया जा रहा है। पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग ने अभी तक ई-रिक्शा संचालन के लिए रूटों की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। रूट निर्धारित न होने से ई-रिक्शा चालक मनमाने ढंग से किसी भी रूट पर अपने रिक्शा दौड़ा रहे हैं। परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम द्वारा नियमित चेकिंग न होने से शहर में कई नाबालिग खुलेआम ई-रिक्शा चला रहे हैं।
इस संबंध में एआरटीओ प्रवर्तन रामप्रकाश राठौर कहते हैं कि ई-रिक्शा के परमिट मुक्त होने के कारण इनके रूटों का वैकल्पिक निर्धारण करना भी बेहद मुश्किल है। फिर भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई की जा रही है। बगैर पंजीकरण संचालित ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ई-रिक्शा में सुरक्षा उपकरण जरूरी
ई-रिक्शा में फर्स्ट एड बॉक्स, चालक का नाम, मोबाइल नंबर, सीज फायर और वाहन पर रेडियम प्लेट होना जरूरी है। इसके अलावा पुलिस का हेल्प लाइन नंबर भी आवश्यक रूप से ई रिक्शा पर लिखा होना चाहिए।
चार से अधिक सवारियों की अनुमति नहीं
ई-रिक्शा में चार से अधिक सवारियां बैठाने की अनुमति नहीं है, जबकि चालक अधिक सवारियां बैठा रहे हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी है। अधिक सवारियां बैठाने पर प्रति सवारी 400 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही चालक का लाइसेंस भी निरस्त हो सकता है।
किराये पर चल रहे ई-रिक्शा
रुद्रपुर शहर में कई लोगों ने अधिक ई-रिक्शा खरीद कर उन्हें किराये पर लगा रखा हैं। इन चालकों में से अधिकांश के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। नौसिखिये होने के कारण हादसों की आशंका बन रही है।
डीलर को देना चाहिए प्रशिक्षण
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ई-रिक्शा चालकों को पहले डीलरों द्वारा प्रशिक्षण देने का प्रावधान है, लेकिन अधिकांश डीलर चालकों को प्रशिक्षण नहीं दे रहे हैं। बगैर प्रशिक्षण ई-रिक्शा चलाने से कई बार दुर्घटना में लोग चोटिल हो रहे हैं।
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रुद्रपुर एआरटीओ कार्यालय में 765 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जबकि शहर में करीब 5000 से अधिक टेंपो संचालित हो रहे हैं। परमिट न होने के कारण यह ई-रिक्शा बुकिंग पर सवारियां नहीं ले जा सकते हैं और सिर्फ चार सवारियां ही बैठाने का नियम है, जबकि नियम के खिलाफ एक ई-रिक्शा छह सवारियों को लेकर दौड़ रहा है। इसके साथ स्कूली बच्चों को भी मानक से अधिक बैठाया जा रहा है। पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग ने अभी तक ई-रिक्शा संचालन के लिए रूटों की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। रूट निर्धारित न होने से ई-रिक्शा चालक मनमाने ढंग से किसी भी रूट पर अपने रिक्शा दौड़ा रहे हैं। परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम द्वारा नियमित चेकिंग न होने से शहर में कई नाबालिग खुलेआम ई-रिक्शा चला रहे हैं।
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इस संबंध में एआरटीओ प्रवर्तन रामप्रकाश राठौर कहते हैं कि ई-रिक्शा के परमिट मुक्त होने के कारण इनके रूटों का वैकल्पिक निर्धारण करना भी बेहद मुश्किल है। फिर भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई की जा रही है। बगैर पंजीकरण संचालित ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ई-रिक्शा में सुरक्षा उपकरण जरूरी
ई-रिक्शा में फर्स्ट एड बॉक्स, चालक का नाम, मोबाइल नंबर, सीज फायर और वाहन पर रेडियम प्लेट होना जरूरी है। इसके अलावा पुलिस का हेल्प लाइन नंबर भी आवश्यक रूप से ई रिक्शा पर लिखा होना चाहिए।
चार से अधिक सवारियों की अनुमति नहीं
ई-रिक्शा में चार से अधिक सवारियां बैठाने की अनुमति नहीं है, जबकि चालक अधिक सवारियां बैठा रहे हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी है। अधिक सवारियां बैठाने पर प्रति सवारी 400 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही चालक का लाइसेंस भी निरस्त हो सकता है।
किराये पर चल रहे ई-रिक्शा
रुद्रपुर शहर में कई लोगों ने अधिक ई-रिक्शा खरीद कर उन्हें किराये पर लगा रखा हैं। इन चालकों में से अधिकांश के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। नौसिखिये होने के कारण हादसों की आशंका बन रही है।
डीलर को देना चाहिए प्रशिक्षण
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ई-रिक्शा चालकों को पहले डीलरों द्वारा प्रशिक्षण देने का प्रावधान है, लेकिन अधिकांश डीलर चालकों को प्रशिक्षण नहीं दे रहे हैं। बगैर प्रशिक्षण ई-रिक्शा चलाने से कई बार दुर्घटना में लोग चोटिल हो रहे हैं।