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आईआईएम ने छात्रों की बाहर आवाजाही पर रोक
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काशीपुर। आईआईएम काशीपुर ने छात्र-छात्राओं की परिसर से बाहर आवाजाही पर रोक लगा दी है। अब घर गए छात्र इंस्टीट्यूट में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। उन्हें घर से ही परीक्षा देनी होगी। कॉलेज में कोरोना के तीन केस मिलने के बाद एहतियातन कॉलेज ने यह कदम उठाया है।
आईआईएम में कोरोना के तीन केस मिलने के बाद संस्थान ने सख्त कदम उठाया है। कॉलेज की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि संस्थान कोविड से निपटने के लिए नियमों का पालन कर रहा है।
जब छात्र वापस कैंपस में शामिल होते हैं तो उन्हें क्वारंटीन किया जाता है। क्वारंटीन अवधि के बाद आरटीपीसीआर का परीक्षण किया जाता है। हाल ही में क्वारंटीन किए गए छात्रों में से तीन पॉजिटिव मिले हैं। तीनों को आइसोलेट किया गया है और उनका इलाज किया जा रहा है। संस्थान की मेडिकल टीम इन छात्रों की व्यक्तिगत देखभाल कर रही है और निगरानी कर रही है। उसी दिन से परिसर के बाहर छात्रों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। एहतियात के तौर पर संस्थान ने 674 छात्र-छात्राओं और कर्मियों का आरटीपीसीआर परीक्षण कराया जिसमें सभी निगेटिव निकले।
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कोरोना प्रबंधन के लिए संचालन समिति अक्सर बैठक करती है। स्थिति का मूल्यांकन करती है और यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय उपाय करती है कि परिसर कोरोना मुक्त और अच्छी तरह से संचालित हो। संस्थान की पब्लिक रिलेशन कमेटी की आयुषी झा ने बताया कि कुछ दिन बाद कॉलेज में परीक्षा होने वाली है। छात्र-छात्राओं से कहा गया है कि अगर वह घर जाना चाहते हैं तो जा सकते हैं लेकिन दोबारा कॉलेज में लौटने का मौका अगले कुछ महीनों तक नहीं मिलेगा। कोरोना का दौर खत्म होने तक उन्हें ऑनलाइन कक्षाएं लेनी होंगी। उन्होंने बताया कि घर पर मौजूद और हाल के दिनों में घर गए विद्यार्थियों को परीक्षा ऑनलाइन देनी होगी।
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आईआईएम में कोरोना के तीन केस मिलने के बाद संस्थान ने सख्त कदम उठाया है। कॉलेज की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि संस्थान कोविड से निपटने के लिए नियमों का पालन कर रहा है।
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जब छात्र वापस कैंपस में शामिल होते हैं तो उन्हें क्वारंटीन किया जाता है। क्वारंटीन अवधि के बाद आरटीपीसीआर का परीक्षण किया जाता है। हाल ही में क्वारंटीन किए गए छात्रों में से तीन पॉजिटिव मिले हैं। तीनों को आइसोलेट किया गया है और उनका इलाज किया जा रहा है। संस्थान की मेडिकल टीम इन छात्रों की व्यक्तिगत देखभाल कर रही है और निगरानी कर रही है। उसी दिन से परिसर के बाहर छात्रों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। एहतियात के तौर पर संस्थान ने 674 छात्र-छात्राओं और कर्मियों का आरटीपीसीआर परीक्षण कराया जिसमें सभी निगेटिव निकले।
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कोरोना प्रबंधन के लिए संचालन समिति अक्सर बैठक करती है। स्थिति का मूल्यांकन करती है और यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय उपाय करती है कि परिसर कोरोना मुक्त और अच्छी तरह से संचालित हो। संस्थान की पब्लिक रिलेशन कमेटी की आयुषी झा ने बताया कि कुछ दिन बाद कॉलेज में परीक्षा होने वाली है। छात्र-छात्राओं से कहा गया है कि अगर वह घर जाना चाहते हैं तो जा सकते हैं लेकिन दोबारा कॉलेज में लौटने का मौका अगले कुछ महीनों तक नहीं मिलेगा। कोरोना का दौर खत्म होने तक उन्हें ऑनलाइन कक्षाएं लेनी होंगी। उन्होंने बताया कि घर पर मौजूद और हाल के दिनों में घर गए विद्यार्थियों को परीक्षा ऑनलाइन देनी होगी।