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Udham Singh Nagar News: नवजात मौत मामला... सीएमओ के निर्देश पर जांच टीम गठित
Sat, 17 Jan 2026 01:30 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 17 Jan 2026 01:30 AM IST
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रुद्रपुर। जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही से नवजात की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. केके अग्रवाल ने जांच टीम का गठन किया है। यह कार्रवाई ट्रांजिट कैंप निवासी अंकुश कुमार की ओर से दिए गए शिकायती पत्र के बाद की गई है।
बीती 14 जनवरी को अंकुश कुमार अपनी गर्भवती भाभी को प्रसव के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचा था। आरोप है कि अस्पताल में महिला को समय पर समुचित चिकित्सीय उपचार नहीं मिला। उपचार में देरी और संतोषजनक देखभाल न होने के कारण वे महिला को एक निजी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।
मामले में जिला अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को खारिज किया है। पीएमएस (प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक) डॉ. आरके सिन्हा का कहना है कि अस्पताल में महिला की नियमित निगरानी और आवश्यक उपचार किया जा रहा था।
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महिला के तीमारदारों ने जल्दबाजी में अस्पताल से छुट्टी लेकर निजी अस्पताल का रुख किया जबकि जिला अस्पताल की मेडिकल टीम लगातार देखभाल में जुटी हुई थी।
सीएमओ ने बताया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक टीम गठित की गई है जो उपचार से संबंधित सभी पहलुओं, मेडिकल रिकॉर्ड और परिस्थितियों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बीती 14 जनवरी को अंकुश कुमार अपनी गर्भवती भाभी को प्रसव के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचा था। आरोप है कि अस्पताल में महिला को समय पर समुचित चिकित्सीय उपचार नहीं मिला। उपचार में देरी और संतोषजनक देखभाल न होने के कारण वे महिला को एक निजी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।
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मामले में जिला अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को खारिज किया है। पीएमएस (प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक) डॉ. आरके सिन्हा का कहना है कि अस्पताल में महिला की नियमित निगरानी और आवश्यक उपचार किया जा रहा था।
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महिला के तीमारदारों ने जल्दबाजी में अस्पताल से छुट्टी लेकर निजी अस्पताल का रुख किया जबकि जिला अस्पताल की मेडिकल टीम लगातार देखभाल में जुटी हुई थी।
सीएमओ ने बताया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक टीम गठित की गई है जो उपचार से संबंधित सभी पहलुओं, मेडिकल रिकॉर्ड और परिस्थितियों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।