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वन क्षेत्र में खनन करने वालों को ग्रामीणों ने खदेड़ा
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Sun, 11 Dec 2016 10:50 PM IST
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ग्राम गुलजारपुर और जगतपुर के जंगलों में अवैध खनन रोकने में वन रक्षक और वन कर्मी तो विफल हो गए, लेकिन किसानों ने खनन करने वालों को घेरकर पकड़ लिया और खनन भरी ट्रालियां खाली कराकर भगा दिया।
रविवार सुबह ग्रामीणों ने कोसी नदी के किनारे ग्राम जगतपुर वन क्षेत्र में खनन कार्य में लगी ट्रैक्टर ट्रालियों को घेर लिया। ग्रामीणों को आता देख अधिकांश लोग ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर भाग गए। एक ट्रैक्टर ट्राली चालक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया।
ट्राली में रेता बजरी भरी थी। ट्रैक्टर चालक ने आगे से वहां खनन करने नहीं आने की कसम खाई। तब लोगों ने रेता बजरी खाली कराकर चेतावनी देकर उसे छोड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि अवैध खनन करने वालों ने गुलजारपुर और जगतपुर के जंगलों में पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से पच्चीस तीस फिट तक गहरे गड्डे खोद दिए है। गड्डे इतने बड़े हैं कि उनमें उतरने के लिए सड़कें बनाई गई है। डंपर और ट्रैक्टर ट्रालियां गड्डों में जाकर उप खनिज लेकर आते है। बताया कि इससे पेड़ों का भारी नुकसान हो रहा है। पूरे जंगल में गड्डे ही गड्डे नजर आते हैं। खनन करने वाले से आसपास के ग्रामीण भी परेशान हैं। डंपर लोगों के खेतों से होकर गुजरते हैं। इससे फसलें भी खराब होती है। ग्रामीणों ने बताया कि खनन करने वाले रेता बजरी के नीचे शीशम और सागौन के लट्ठे छिपाकर ले जाते है।
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रविवार सुबह ग्रामीणों ने कोसी नदी के किनारे ग्राम जगतपुर वन क्षेत्र में खनन कार्य में लगी ट्रैक्टर ट्रालियों को घेर लिया। ग्रामीणों को आता देख अधिकांश लोग ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर भाग गए। एक ट्रैक्टर ट्राली चालक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया।
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ट्राली में रेता बजरी भरी थी। ट्रैक्टर चालक ने आगे से वहां खनन करने नहीं आने की कसम खाई। तब लोगों ने रेता बजरी खाली कराकर चेतावनी देकर उसे छोड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि अवैध खनन करने वालों ने गुलजारपुर और जगतपुर के जंगलों में पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से पच्चीस तीस फिट तक गहरे गड्डे खोद दिए है। गड्डे इतने बड़े हैं कि उनमें उतरने के लिए सड़कें बनाई गई है। डंपर और ट्रैक्टर ट्रालियां गड्डों में जाकर उप खनिज लेकर आते है। बताया कि इससे पेड़ों का भारी नुकसान हो रहा है। पूरे जंगल में गड्डे ही गड्डे नजर आते हैं। खनन करने वाले से आसपास के ग्रामीण भी परेशान हैं। डंपर लोगों के खेतों से होकर गुजरते हैं। इससे फसलें भी खराब होती है। ग्रामीणों ने बताया कि खनन करने वाले रेता बजरी के नीचे शीशम और सागौन के लट्ठे छिपाकर ले जाते है।
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