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गेट वे नोड तलाशने और फोन कॉल ट्रेस करने में जुटी पुलिस टीमें

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2022 11:00 PM IST
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Meeting For Crime Control in kashipur
काशीपुर। काशीपुर के तीन सराफा व्यापारियों से 1.30 करोड़ की रंगदारी मांगने के प्रकरण में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसओजी और पुलिस की टीमें साइबर सेल की मदद से व्यापारियों को मिली फोन कॉल को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। पुलिस फोन कॉल कंपनी का गेट वे नोड तलाशने में लगी है। इसके लिए नेटवर्क प्रदाता कंपनियों का डाटा एकत्र करने की कोशिश की जा रही है।
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पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक वर्मा के भाई पुरुषोत्तम वर्मा, उसके भांजे आनंद ज्वैलर्स के स्वामी विवेक वर्मा और अशोक ज्वैलर्स के स्वामी गौरव अग्रवाल को मंगलवार शाम फोन कर उनसे क्रमश: 50 लाख, 30 लाख और 50 लाख की रंगदारी मांगी गई है। तीनों सराफा कारोबारियों ने कोतवाली में अलग-अलग तहरीरें देकर केस दर्ज कराए हैं।
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रंगदारी मांगने के लिए फोन कॉल्स पर बंबीहा गिरोह के गोल्डी बरार और लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल किया गया है। इस घटना के बाद से व्यापारी दहशत में हैं। हालांकि पुलिस ने तीनों सराफा कारोबारियों को सुरक्षा गार्ड मुहैया करा दिए हैं। बुधवार को एसपी चंद्रमोहन ने करीब चार घंटे तक एसओजी टीम के साथ बैठकर धमकी भरे फोन कॉल्स को लेकर सभी संभावनाओं पर चर्चा की।
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पुलिस की प्राथमिकता संबंधित मोबाइल कंपनी का गेट वे नोड पता करना है। यह साफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों रूपो में होता है। इस डिवाइस का इस्तेमाल दो अलग-अलग नेटवर्क को एक-दूसरे से संचार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इससे संभावित प्रदाता नेटवर्क कंपनी के सॉफ्टवेयर से नंबरों की छंटनी की जाएगी। इस डाटा से फोन कॉल्स को ट्रेस करने का प्रयास किया जाएगा।
हालांकि इस प्रक्रिया में काफी समय लग सकता है। इसमें दिल्ली की पुलिस एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है। इन धमकियों के मद्देनजर अभिसूचना इकाइयों को भी अलर्ट किया गया है। एसपी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि धमकी भरे फोन कॉल्स को लेकर पुलिस की टीमें सभी संभावनाओं पर काम कर रही हैं। यदि इस प्रकरण में किसी अंतरराष्ट्रीय गैंग की लिप्तता होने की बात सामने आएगी तो फिर उसी के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
एसएसपी ने लिया पीड़ितों से फोन कॉल्स का फीडबैक
काशीपुर। फोन कॉल पर सराफा व्यापारियों को धमकी मिलने के बाद एसएसपी मंजूनाथ टीसी बुधवार शाम को काशीपुर पहुंचे। वह एसपी कार्यालय में पीड़ित व्यापारियों से मिले। विधायक त्रिलोक सिंह चीमा और पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा की मौजूदगी में एसएसपी ने तीनों सराफा व्यापारियों से केस के सिलसिले में जानकारी जुटाई। एसएसपी ने व्यापारियों को आत्मरक्षा के लिए भी तैयार रहने का सुझाव दिया।
एसएसपी ने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से असलाह के लिए आवेदन करने वाले व्यापारियों के प्रार्थना पत्रों का अग्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। यदि जरूरी हो तो व्यापारी किसी ट्रेनर से हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी ले सकते हैं। एसएसपी ने पूरी घटना का फीडबैैैक लेने के बाद अधीनस्थ अधिकारियों को इस पर काम करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि जल्द ही धमकी देने वालों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उन्होंने आरोपियों के आसपास के होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया। कहा कि साइबर सेल और पुलिस की टीमें केस को वर्कआउट करने में लगाई गई हैं। विधायक त्रिलोक सिंह चीमा अपने पिता पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा और भाजपा प्रदेश मंत्री गुरविंदर सिंह चंडोक के साथ पीड़ित व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर भी पहुंचे। विधायक ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि वह उनके साथ हैं। उन्होंने पीड़ित व्यापारी पुरुषोत्तम के प्रतिष्ठान पर व्यापारियों के साथ बैठक भी की।
एसएसपी ने व्यापारियों को दिलाया सुरक्षा का भरोसा
काशीपुर। सराफा व्यापारियों को रंगदारी के लिए धमकी भरे फोन कॉल्स मिलने के बाद काशीपुर पहुंचे एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने व्यापारियों के साथ बैठक कर उनसे सुरक्षा के एहतियाती उपाय करने के सुझाव दिए। कहा कि व्यापारी अपनी दुकानों पर सीसीटीवी कवरेज बढ़ाए। इसके साथ ही मुख्य बाजारों में नियमित गश्त की जाएगी।
बुधवार शाम को नगर निगम सभागार में व्यापारियों के साथ हुई बैठक में पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, वर्तमान विधायक त्रिलोक सिंह चीमा और मेयर ऊषा चौधरी ने रंगदारी के लिए फोन कॉल्स आने पर चिंता जताई। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाजारों में गश्त बढ़ाई जाएगी। उन्होंने व्यापारियों ने दुकानों में अच्छी गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगवाने, अंजान कॉल अटेंड नहीं करने का अनुरोध किया।
एसएसपी ने कहा कि यूपी बॉर्डर पर चेकिंग बढ़ाने के साथ ही बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन कराया जाएगा। सराफा एसोसिएशन ने सीसीटीवी कवरेज के लिए पुलिस विभाग को एक लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। वहां एसपी चंद्रमोहन सिंह, सीओ वंदना वर्मा, एसएसआई प्रदीप मिश्रा आदि थे।

चार साल पहले हुए केस के खुलासे की मांग
काशीपुर। व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष दीपक वर्मा ने एसएसपी के समक्ष परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग रखी। कहा कि उन्हें नवंबर 2017 में रंगदारी के लिए धमकाया गया था। उन्होंने तत्कालीन एसएसपी को इस बारे में अवगत कराया था लेकिन वह इसे हंसी में टाल गए। बाद में 12 जुलाई 2018 की रात बदमाशों ने घर लौटते समय उन पर गोली चला दी थी। उस दिन भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक और सीपीयू लांच होने के चलते पूरे जिले का फोर्स काशीपुर में ही था। इसके बावजूद बदमाश वारदात को अंजाम देकर भाग निकले। दीपक ने बताया कि चार साल बाद भी उनके केस का खुलासा नहीं हो सका है। कहा कि उन्होंने पांच असलहों के लिए आवेदन किया था जिसमें से उन्हें दो के लिए लाइसेंस दिए गए हैं।
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