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Udham Singh Nagar News: गौविषाण टीले पर लगाए पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ
Sat, 22 Nov 2025 12:35 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 22 Nov 2025 12:35 AM IST
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काशीपुर के गौविषाण टीला परिसर में लगे पिंजरा में कैद तेंदुआ। स्रोत : पार्षद
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काशीपुर। तीर्थ द्रोणासागर स्थित गौविषाण टीला परिसर में तेंदुआ की चहलकदमी से लोगों में दहशत व्याप्त है। क्षेत्रवासियों की मांग पर वन विभाग ने टीला परिसर में पिंजरा लगा दिया था। इसमें एक तेंदुआ कैद हो गया, जिसे वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू करके जंगल में छोड़ दिया।
गौविषाण टीले में बीते कई वर्षों से तेंदुए का कुनबा डेरा जमाए हुए हैं। समय-समय पर परिसर के अंदर और रात के समय परिसर के बाहर तेंदुए घूमते देखे जा चुके हैं। अब तक लगभग तीन तेंदुआ विभिन्न कारणों से मर चुके हैं। क्षेत्रवासियों ने बताया कि लगभग 10-15 दिन पहले टीले के आसपास तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए आसपास रहने वालों में दहशत का माहौल था। क्षेत्र के पार्षद अनिल कुमार ने बताया कि इस संबंध में वन विभाग को जानकारी दी गई।
तब वन विभाग की टीम ने टीला परिसर क्षेत्र में गश्त कर जानकारी जुटाई। साक्ष्य मिलने पर विभाग ने यहां एक पिंजरा लगा दिया था, जिसमें शनिवार-शुक्रवार की रात में एक तेंदुआ कैद हो गया। उन्होंने बताया अभी भी परिसर के अंदर 4-5 तेंदुए और हैं। बताया तेंदुए के डर से रात के समय लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकलते हैं। क्षेत्रीय वनाधिकारी देवेंद्र सिंह रजवार ने बताया कि सुबह सूचना मिलने पर विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी, जिसे रेस्क्यू करके ढेला रेस्क्यू सेंटर में छोड़ा जाएगा। क्षेत्रवासियों ने बताया कि परिसर में 4-5 और तेंदुए हैं इसलिए पिंजरे को दोबारा से वहां लगाया गया।
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गौविषाण टीले में बीते कई वर्षों से तेंदुए का कुनबा डेरा जमाए हुए हैं। समय-समय पर परिसर के अंदर और रात के समय परिसर के बाहर तेंदुए घूमते देखे जा चुके हैं। अब तक लगभग तीन तेंदुआ विभिन्न कारणों से मर चुके हैं। क्षेत्रवासियों ने बताया कि लगभग 10-15 दिन पहले टीले के आसपास तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए आसपास रहने वालों में दहशत का माहौल था। क्षेत्र के पार्षद अनिल कुमार ने बताया कि इस संबंध में वन विभाग को जानकारी दी गई।
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तब वन विभाग की टीम ने टीला परिसर क्षेत्र में गश्त कर जानकारी जुटाई। साक्ष्य मिलने पर विभाग ने यहां एक पिंजरा लगा दिया था, जिसमें शनिवार-शुक्रवार की रात में एक तेंदुआ कैद हो गया। उन्होंने बताया अभी भी परिसर के अंदर 4-5 तेंदुए और हैं। बताया तेंदुए के डर से रात के समय लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकलते हैं। क्षेत्रीय वनाधिकारी देवेंद्र सिंह रजवार ने बताया कि सुबह सूचना मिलने पर विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी, जिसे रेस्क्यू करके ढेला रेस्क्यू सेंटर में छोड़ा जाएगा। क्षेत्रवासियों ने बताया कि परिसर में 4-5 और तेंदुए हैं इसलिए पिंजरे को दोबारा से वहां लगाया गया।
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