उत्पीड़न का आरोप लगा कलक्ट्रेट में गरजे किसान: सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
रुद्रपुर में विभिन्न किसान संगठनों से जुड़े नेताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने किसान नेता युद्धवीर सिंह को अवैध हिरासत में लेने और किसानों के साथ हुए समझौते का उल्लंघन करने के विरोध जताते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
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संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले विभिन्न किसान संगठनों से जुड़े नेताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने किसान नेता युद्धवीर सिंह को अवैध हिरासत में लेने, उनकी यात्रा पर प्रतिबंध लगाने और किसानों के साथ हुए समझौते का उल्लंघन करने के विरोध जताते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। उन्होंने सरकार पर किसान आंदोलन में सक्रिय किसान नेताओं का उत्पीड़न का आरोप मढ़ा।
सोमवार को किसान संगठनों के लोगों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर एडीएम अशोक कुमार जोशी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कहा कि केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं से लिखित समझौता किया था। इसमें किसान आंदोलन में किसानों पर दर्ज केस वापस लेने और किसान नेताओं को बेवजह परेशान नहीं का जिक्र था लेकिन सरकार के कहने पर पुलिस और जांच एजेंसियां किसान नेताओं को प्रताड़ित कर रही हैं।
29 नवंबर को कोलंबिया में अंतरराष्ट्रीय किसान सम्मेलन में भाग लेने के लिए जाने को तैयार भाकियू के राष्ट्रीय सचिव युद्धवीर सिंह को हिरासत में ले लिया गया। युद्धवीर के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है। किसानों के विरोध पर युद्धवीर सिंह को रिहा किया गया। इससे पूर्व रोहतक के बीकेयू नेता वीरेंद्र सिंह हुड्डा को दिल्ली पुलिस के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन से नोटिस मिला था।
सात दिसंबर को भाकियू के प्रभारी अर्जुन बालियान को हवाई अड्डे पर नेपाल जाने से रोक दिया। पंजाब के किसान नेता सतनाम सिंह, हरिंदर सिंह लोकोवाल किसान आंदोलन के दौरान दर्ज केसों में अदालती प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है। वहां पर किसान सभा भारतीय किसाके प्रदेश उपाध्यक्ष जागीर सिंह, न यूनियन (उग्रहा) के प्रदेश अध्यक्ष बल्ली सिंह चीमा, भाकपा माले के जिला सचिव ललित मटियाली, अखिलेश सिंह, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता आदि थे।