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खटीमा से लालकुआं तक रेल लाइन की सौगात जल्द
रवींद्र सिंह धामी अमर उजाला ब्यूरो ख्ाटीमा।
Updated Sat, 21 Jul 2018 12:11 AM IST
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- फोटो : डेमो
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आने वाले कुछ वर्षों में तराई में खटीमा से नानकमत्ता- सितारगंज-शक्तिफार्म होकर लालकुआं तक नई रेल लाइन का तोहफा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से पूर्व के सर्वे में करीब 53.60 किमी लंबी लाइन के लिए भूमि के प्रस्ताव की तैयारी तेज हो गई है। रेलवे इज्जतनगर मंडल उप मुख्य इंजीनियर का पत्र मिलते ही वन विभाग ने भी लाइन की जद में आ रही वन भूमि के संयुक्त सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। खटीमा, बाराकोली, डौली, गौला रेंज में करीब नौ किमी वन भूमि आने की संभावना है। इसके लिए संयुक्त सर्वे जल्द होने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार उप मुख्य इंजीनियर पूर्वोत्तर रेलवे ने 28 जून को डीएम और अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा कि लालकुआं-शक्तिफार्म-जेल कैंप- सितारगंज नई रेल लाइन के लोकेशन सर्वे हेतु मुख्यालय द्वारा कार्यवाही की जा रही है। इसमें संभवत: दिसंबर 2018 तक पूूर्ण होकर वास्तविक एलाइनमेंट एवं भूमि की मात्रा की जानकारी हो जाएगी। सितारगंज से खटीमा नई रेल लाइन का एलाइनमेंट पूर्व में स्वीकृत किच्छा-सितारगंज-खटीमा के एलाइनमेंट पर ही रहेगा। वर्तमान में भूमि की कीमत राज्य सरकार द्वारा ही अवगत कराई जाएगी। लालकुआं-सितारगंज-खटीमा की नई लाइन की टेंटेटिव विवरण पर बताया गया है कि इसकी लंबाई करीब 53.60 किलोमीटर है। इसमें वन भूमि करीब नौ किमी, निजी भूमि 500 हेक्टेयर और वन भूमि करीब 88 हेक्टेयर है। प्रस्तावित लाइन के अंतर्गत रिजर्व फारेस्ट की भूमि का वास्तविक आंकलन लोकेशन सर्वे के बाद ही ज्ञात हो पाएगा। इधर, सूत्रों ने बताया कि प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी वन प्रभाग नीतीश मणि त्रिपाठी ने खटीमा, बाराकोली, डौली व गौला रेंज के अधिकारियों को प्रस्तावित लाइन के संयुक्त सर्वे व निरीक्षण सर्वे को लेकर पत्र भेजकर अवगत कराया है। कहा कि संयुक्त सर्वेक्षण के बाद ही वन भूमि की वास्तविक स्थिति ज्ञात होगी। दूसरी ओर उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही रेलवे की ओर से संयुक्त सर्वे की तिथि आ सकती है।
सूत्रों के अनुसार उप मुख्य इंजीनियर पूर्वोत्तर रेलवे ने 28 जून को डीएम और अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा कि लालकुआं-शक्तिफार्म-जेल कैंप- सितारगंज नई रेल लाइन के लोकेशन सर्वे हेतु मुख्यालय द्वारा कार्यवाही की जा रही है। इसमें संभवत: दिसंबर 2018 तक पूूर्ण होकर वास्तविक एलाइनमेंट एवं भूमि की मात्रा की जानकारी हो जाएगी। सितारगंज से खटीमा नई रेल लाइन का एलाइनमेंट पूर्व में स्वीकृत किच्छा-सितारगंज-खटीमा के एलाइनमेंट पर ही रहेगा। वर्तमान में भूमि की कीमत राज्य सरकार द्वारा ही अवगत कराई जाएगी। लालकुआं-सितारगंज-खटीमा की नई लाइन की टेंटेटिव विवरण पर बताया गया है कि इसकी लंबाई करीब 53.60 किलोमीटर है। इसमें वन भूमि करीब नौ किमी, निजी भूमि 500 हेक्टेयर और वन भूमि करीब 88 हेक्टेयर है। प्रस्तावित लाइन के अंतर्गत रिजर्व फारेस्ट की भूमि का वास्तविक आंकलन लोकेशन सर्वे के बाद ही ज्ञात हो पाएगा। इधर, सूत्रों ने बताया कि प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी वन प्रभाग नीतीश मणि त्रिपाठी ने खटीमा, बाराकोली, डौली व गौला रेंज के अधिकारियों को प्रस्तावित लाइन के संयुक्त सर्वे व निरीक्षण सर्वे को लेकर पत्र भेजकर अवगत कराया है। कहा कि संयुक्त सर्वेक्षण के बाद ही वन भूमि की वास्तविक स्थिति ज्ञात होगी। दूसरी ओर उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही रेलवे की ओर से संयुक्त सर्वे की तिथि आ सकती है।
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