{"_id":"651479183aa5b9336b0bf5f4","slug":"jila-panchayat-member-absent-rudrapur-news-c-242-1-rdp1001-4194-2023-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: बोर्ड बैठक में कभी नहीं आईं ढकियाकलां की जिपं सदस्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: बोर्ड बैठक में कभी नहीं आईं ढकियाकलां की जिपं सदस्य
Thu, 28 Sep 2023 12:18 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 28 Sep 2023 12:18 AM IST
विज्ञापन
चंदन बंगारी
रुद्रपुर। जिला पंचायत (जिपं) में नियमों का मखौल उड़ने के बावजूद व्यवस्था मौन है। काशीपुर क्षेत्र की एक जिपं सदस्य बोर्ड की किसी भी बैठक में शामिल नहीं हुईं। मेहरबानी ऐसी कि बोर्ड बैठकों में न आने के बावजूद जिपं ने कुल 127.63 लाख रुपये का बजट जारी किया है। यह हाल तब है जब कुछ सदस्य बोर्ड बैठकों में उनके क्षेत्र को बजट न देने का आरोप लगाते रहे हैं। जिपं सदस्य ने पूरे मामले में अध्यक्ष और एएमए को पत्र देकर अनुपस्थित सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है।
जिपं अध्यक्ष और सदस्यों ने एक दिसंबर 2019 को शपथ ली थी। इसके अगले ही दिन बोर्ड बैठक हुई थी। सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत दो दिसंबर 2019 से 31 मार्च 2023 तक हुई 10 बोर्ड बैठकों में ढकियाकलां की जिपं सदस्य अमनदीप कौर मान किसी भी बैठक में शामिल नहीं हुईं।
जसपुर की नारायणपुर सीट से जिपं सदस्य सद्दाम भी लगातार पांच बैठकों में अनुपस्थित रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे देश से बाहर हैं। हर बोर्ड बैठक में कुछ सदस्यों की ओर से बजट आवंटन में उपेक्षा के आरोप लगा हंगामा होता रहा है लेकिन नियम विरुद्ध बोर्ड बैठक से लगातार गैर हाजिर रहे सदस्यों पर कार्रवाई के बजाय अन्य सदस्यों की तरह की बजट का आवंटन होता रहा।
विज्ञापन
आरटीआई के अनुसार 2019 से जून 2023 तक अमनदीप के क्षेत्र के लिए 127.63 लाख और सद्दाम के क्षेत्र के लिए 123 लाख रुपये का बजट आवंटन किया गया। सदन में सबसे अधिक सवाल पूछने और अधिकतर बोर्ड बैठक में हाजिर रहने वाले प्रतापपुर के सदस्य विपिन कुमार को 119.81 लाख का बजट आवंटित हुआ।
विपिन के अनुसार जो सदस्य सवाल उठाते हैं, उनके क्षेत्र में बजट आवंटन या तो देरी से होता है या कम होता है लेकिन जो बोर्ड बैठक में नहीं आते हैं उनको पूरा बजट दिया जाता है। पक्ष लेने का प्रयास किया गया जिपं सदस्य अमनदीप और सद्दाम से संपर्क नहीं हो सका।
बड़ा सवाल : कार्ययोजनाओं को किसने किया प्रमाणित
रुद्रपुर। खेमपुर क्षेत्र की जिपं सदस्य सुमन सिंह ने जिपं अध्यक्ष और एएमए को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि दोनों ही सदस्य जिले या निवास पर उपस्थित नहीं हैं तो इनकी कार्ययोजनाओं पर किसने हस्ताक्षर किए। इसी तरह पूरी हुई कार्ययोजनाओं को किसने प्रमाणित किया, जिससे उनका भुगतान हो गया। नियमों-अनुदेशों और शासनादेशों का जानबूझकर और षड्यंत्र के तहत उल्लंघन कर दोनों जिपं क्षेत्रों में व्यय और दी गई सरकारी राशि की शत प्रतिशत वसूली कर राजकोष में जमा कराई जानी चाहिए।
ये है पंचायत राज अधिनियम की व्यवस्था
उत्तराखंड पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम की धारा 138 की संशोधित उपधारा 1 घ और घ (1) के अनुसार यदि कोई सदस्य बिना पर्याप्त कारण लगातार तीन से अधिक सभाओं या बैठकों में अनुपस्थित रहे या कार्य करने से इन्कार करे तो उसकी सदस्यता समाप्त की जाएगी। इस धारा के अधीन राज्य सरकार के आदेश पर किसी न्यायालय में आपत्ति नहीं की जाएगी।
बोर्ड बैठक से अनुपस्थित रहने के बाद भी सदस्य के प्रस्तावों पर बजट जारी किया गया होगा। जिपं सदस्य सद्दाम के बारे के जानकारी है कि वे कहीं बाहर रहते हैं। वे देहरादून में बैठक में थे इसलिए बोर्ड बैठकों से लगातार अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई का कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। बैठकों से अकारण गैर हाजिर रहने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखेंगे। इस मामले में कोई पत्र उनकी ओर से शासन को नहीं लिखा गया है। - तेज सिंह, एएमए, जिला पंचायत।
विज्ञापन
रुद्रपुर। जिला पंचायत (जिपं) में नियमों का मखौल उड़ने के बावजूद व्यवस्था मौन है। काशीपुर क्षेत्र की एक जिपं सदस्य बोर्ड की किसी भी बैठक में शामिल नहीं हुईं। मेहरबानी ऐसी कि बोर्ड बैठकों में न आने के बावजूद जिपं ने कुल 127.63 लाख रुपये का बजट जारी किया है। यह हाल तब है जब कुछ सदस्य बोर्ड बैठकों में उनके क्षेत्र को बजट न देने का आरोप लगाते रहे हैं। जिपं सदस्य ने पूरे मामले में अध्यक्ष और एएमए को पत्र देकर अनुपस्थित सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है।
जिपं अध्यक्ष और सदस्यों ने एक दिसंबर 2019 को शपथ ली थी। इसके अगले ही दिन बोर्ड बैठक हुई थी। सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत दो दिसंबर 2019 से 31 मार्च 2023 तक हुई 10 बोर्ड बैठकों में ढकियाकलां की जिपं सदस्य अमनदीप कौर मान किसी भी बैठक में शामिल नहीं हुईं।
विज्ञापन
जसपुर की नारायणपुर सीट से जिपं सदस्य सद्दाम भी लगातार पांच बैठकों में अनुपस्थित रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे देश से बाहर हैं। हर बोर्ड बैठक में कुछ सदस्यों की ओर से बजट आवंटन में उपेक्षा के आरोप लगा हंगामा होता रहा है लेकिन नियम विरुद्ध बोर्ड बैठक से लगातार गैर हाजिर रहे सदस्यों पर कार्रवाई के बजाय अन्य सदस्यों की तरह की बजट का आवंटन होता रहा।
विज्ञापन
आरटीआई के अनुसार 2019 से जून 2023 तक अमनदीप के क्षेत्र के लिए 127.63 लाख और सद्दाम के क्षेत्र के लिए 123 लाख रुपये का बजट आवंटन किया गया। सदन में सबसे अधिक सवाल पूछने और अधिकतर बोर्ड बैठक में हाजिर रहने वाले प्रतापपुर के सदस्य विपिन कुमार को 119.81 लाख का बजट आवंटित हुआ।
विपिन के अनुसार जो सदस्य सवाल उठाते हैं, उनके क्षेत्र में बजट आवंटन या तो देरी से होता है या कम होता है लेकिन जो बोर्ड बैठक में नहीं आते हैं उनको पूरा बजट दिया जाता है। पक्ष लेने का प्रयास किया गया जिपं सदस्य अमनदीप और सद्दाम से संपर्क नहीं हो सका।
बड़ा सवाल : कार्ययोजनाओं को किसने किया प्रमाणित
रुद्रपुर। खेमपुर क्षेत्र की जिपं सदस्य सुमन सिंह ने जिपं अध्यक्ष और एएमए को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि दोनों ही सदस्य जिले या निवास पर उपस्थित नहीं हैं तो इनकी कार्ययोजनाओं पर किसने हस्ताक्षर किए। इसी तरह पूरी हुई कार्ययोजनाओं को किसने प्रमाणित किया, जिससे उनका भुगतान हो गया। नियमों-अनुदेशों और शासनादेशों का जानबूझकर और षड्यंत्र के तहत उल्लंघन कर दोनों जिपं क्षेत्रों में व्यय और दी गई सरकारी राशि की शत प्रतिशत वसूली कर राजकोष में जमा कराई जानी चाहिए।
ये है पंचायत राज अधिनियम की व्यवस्था
उत्तराखंड पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम की धारा 138 की संशोधित उपधारा 1 घ और घ (1) के अनुसार यदि कोई सदस्य बिना पर्याप्त कारण लगातार तीन से अधिक सभाओं या बैठकों में अनुपस्थित रहे या कार्य करने से इन्कार करे तो उसकी सदस्यता समाप्त की जाएगी। इस धारा के अधीन राज्य सरकार के आदेश पर किसी न्यायालय में आपत्ति नहीं की जाएगी।
बोर्ड बैठक से अनुपस्थित रहने के बाद भी सदस्य के प्रस्तावों पर बजट जारी किया गया होगा। जिपं सदस्य सद्दाम के बारे के जानकारी है कि वे कहीं बाहर रहते हैं। वे देहरादून में बैठक में थे इसलिए बोर्ड बैठकों से लगातार अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई का कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। बैठकों से अकारण गैर हाजिर रहने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखेंगे। इस मामले में कोई पत्र उनकी ओर से शासन को नहीं लिखा गया है। - तेज सिंह, एएमए, जिला पंचायत।