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जेसीबी से जंगल खोद खनिज निकाल रहे माफिया
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Wed, 12 Oct 2016 11:57 PM IST
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बेखौफ खनन माफिया गुलजारपुर और गांधीनगर गांव से सटे जंगलों को जेसीबी से खोदकर सफेद सोना निकालने में जुटे हैं। जेसीबी से जगह-जगह हुए गड्ढों से पेड़ों के गिरने का खतरा बना है। माफिया इतने ताकतवार हैं कि वनकर्मी उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। विभाग ने अवैध खनन को रोकने के लिए डीएम और एसएसपी से मदद मांगी है।
दरअसल गुलजारपुर के जंगल से खनन माफिया रेता, बजरी, बोल्डर निकाल रहे हैं। नदी किनारे के जंगल की जमीन में काफी खनिज सामग्री है। चूंकि नदी का तल गहरा होने के साथ ही कुछ क्षेत्रों में पीएसी भी तैनात है, इसलिए माफिया जंगल का सीना चीरकर खनिज निकाल रहे हैं। जंगलों की सुरक्षा का जिम्मा संभाले वनकर्मी बाहुबली माफिया के सामने लाचार बने रहते हैं।
माफिया इतने ताकतवर हैं कि इनकी शिकायत करने से भी लोग कतराते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जंगल में बड़े बड़े गड्ढे खोदे जाने से पेड़ों के गिरने का खतरा बना हुआ है। कई गड्ढे तो इतने बड़े हो चुके हैं कि उनके अंदर से वाहनों के निकलने के रास्ते भी बना दिए गए हैं। जंगल में चल रहे अवैध खनन से उनको परेशानियां होती हैं। वनकर्मी उनसे खनन करने वालों का नाम पूछते हैं तो माफिया भी ग्रामीणों को जुबां नहीं खोलने के लिए धमकाते हैं। हर समय गांव की सड़कों पर खनन भरे डंपर, ट्रैक्टर-ट्राली दौड़ती रहती हैं। जिससे सड़कों पर लोगों का चलना भी कठिन हो गया है। धूल मिट्टी से लोगों के स्वास्थ पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लेकिन वन विभाग के अधिकारी अवैध खनन को रोकने में नाकाम रहे हैं।
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रामनगर रेंज के क्षेत्राधिकारी विजय अधिकारी ने बताया कि दो दिन पहले ही उन्होंने उन रास्तों में खाई खोदी हैं, जिनका इस्तेमाल अवैध खनन के लिए होता है। वनकर्मी खाई खोदते हैं और माफिया उन्हें पाट देते हैं। स्थानीय के अलावा रामपुर तक के माफिया अवैध खनन में लगे हैं। इसे रोकने के लिए प्रयास लगातार किए जाते हैं। माफिया नदी से लगी एन 2 जमीन से खनिज निकालते हैं। अवैध खनन रोकने के लिए डीएम और एसएसपी से मदद मांगी गई है।
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दरअसल गुलजारपुर के जंगल से खनन माफिया रेता, बजरी, बोल्डर निकाल रहे हैं। नदी किनारे के जंगल की जमीन में काफी खनिज सामग्री है। चूंकि नदी का तल गहरा होने के साथ ही कुछ क्षेत्रों में पीएसी भी तैनात है, इसलिए माफिया जंगल का सीना चीरकर खनिज निकाल रहे हैं। जंगलों की सुरक्षा का जिम्मा संभाले वनकर्मी बाहुबली माफिया के सामने लाचार बने रहते हैं।
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माफिया इतने ताकतवर हैं कि इनकी शिकायत करने से भी लोग कतराते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जंगल में बड़े बड़े गड्ढे खोदे जाने से पेड़ों के गिरने का खतरा बना हुआ है। कई गड्ढे तो इतने बड़े हो चुके हैं कि उनके अंदर से वाहनों के निकलने के रास्ते भी बना दिए गए हैं। जंगल में चल रहे अवैध खनन से उनको परेशानियां होती हैं। वनकर्मी उनसे खनन करने वालों का नाम पूछते हैं तो माफिया भी ग्रामीणों को जुबां नहीं खोलने के लिए धमकाते हैं। हर समय गांव की सड़कों पर खनन भरे डंपर, ट्रैक्टर-ट्राली दौड़ती रहती हैं। जिससे सड़कों पर लोगों का चलना भी कठिन हो गया है। धूल मिट्टी से लोगों के स्वास्थ पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लेकिन वन विभाग के अधिकारी अवैध खनन को रोकने में नाकाम रहे हैं।
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रामनगर रेंज के क्षेत्राधिकारी विजय अधिकारी ने बताया कि दो दिन पहले ही उन्होंने उन रास्तों में खाई खोदी हैं, जिनका इस्तेमाल अवैध खनन के लिए होता है। वनकर्मी खाई खोदते हैं और माफिया उन्हें पाट देते हैं। स्थानीय के अलावा रामपुर तक के माफिया अवैध खनन में लगे हैं। इसे रोकने के लिए प्रयास लगातार किए जाते हैं। माफिया नदी से लगी एन 2 जमीन से खनिज निकालते हैं। अवैध खनन रोकने के लिए डीएम और एसएसपी से मदद मांगी गई है।