रुद्रपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों की स्वास्थ्य जांच में लापरवाही सामने आई है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीमें आंगनबाड़ी केंद्रों में कई दौरे करने के बावजूद कुछ बच्चों की बीमारियों और जन्मजात विकृतियों को नहीं पकड़ पा रही हैं। ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने के मामले में नोडल अधिकारी ने पंतनगर की आरबीएसके की टीम को नोटिस जारी किया है।
आरबीएसके के नोडल अधिकारी और एसीएमओ डॉ. हरेंद्र मलिक ने जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने डीआईसी से ऋषिकेश एम्स और राममूर्ति अस्पताल बरेली रेफर हो रहे बच्चों के बारे जानकारी जुटाई। समीक्षा के दौरान पंतनगर के आंगनबाड़ी के तीन वर्ष के एक बालक के जन्म से ही ठीक से नहीं चल पाने की शिकायत मिली। इसे गंभीरता से लेते हुए डॉ. मलिक ने आरबीएसके के प्रबंधक और डीईआईसी की टीम से बच्चे की बारे में विस्तृत जानकारी मांगी। पता चला कि जिस आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चा पंजीकृत था, उस आंगनबाड़ी केंद्र में आरबीएसके टीम बच्चों की स्वास्थ्य जांच के लिए छह बार दौरा कर चुकी थी, लेकिन बच्चे की विकृति के बारे में पता नहीं चल सका। इस पर आरबीएसके की पंतनगर की टीम को नोटिस जारी किया गया। डॉ. मलिक ने बताया कि प्रत्येक छह माह में एक बार दो डॉक्टरों, एक फार्मासिस्ट व एक नर्स की आरबीएसके की टीम आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों की स्वास्थ्य जांच करने के लिए दौरे करती हैं, इसके बावजूद बालक की विकृति पता नहीं चल सका। इसकी जांच की जा रही है। बालक को इलाज के लिए राममूर्ति अस्पताल बरेली रेफर किया जा रहा है।