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उद्योगपतियों ने रखी वीडियो कॉन्फ्रेंस से अपनी समस्याएं

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2020 03:38 PM IST
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Industrialist kept their problems
काशीपुर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करते उद्यमी। - फोटो : AMAR UJALA
काशीपुर। को चेयरमैन पीएचडी चैम्बर ऑफ कमी कॉमर्स के राजीव घई द्वारा अपने दूसरे चरण में कुमाऊँ के उद्योगों की मुश्किलों पर चर्चा के लिए वीडियो कॉफ़्रेन्स की गई। कुमाऊँ की पहली वीडियो कॉफ़्रेन्स, जिसमें 22 उद्यमियों ने भाग लिया, सभी ने वर्तमान में विश्व भर में फैल रही महामारी से आए संकट व मुश्किलों पर अपनी अपनी चिंताओ को साझा किया। उद्यमियों ने कहा कि इस मुश्किल की घड़ी को सबको शालीनता के साथ मिल जुलकर निकलना है। सभी का मानना था कि लॉकडाउन के इस वक़्त को निकालना कठिन है ही लेकिन अब एऐसी परिस्थिति है कि कल जब हालात ठीक हो जाएगे तो भी उद्योगों को चलाना आसान नहीं है। बहुत सी बाधाएं सामने आएंगी, जिसका सामना करने के लिए अभी से सभी को कमर कसनी पड़ेगी। बैठक में तय किया गया कि सभी को वर्तमान समस्याओं पर शीघ्र प्रस्ताव बना कर प्रदेश व केंद्र को सभी माध्यम के द्वारा देते हुए प्रदेश व केंद्र का शीघ्र पैकेज की माँग रखी जाए। योगेश जिंदल ने कहा कि बंदी के समय उद्योगों पर लगातार पड़ रही देनदारियों जैसे बिजली, ब्याज व कर्मचारियों के वेतन से सभी व्यापार बहुत अधिक प्रभावित हैं। चिंता इस बात कि भी है कि लॉकडाउन के बाद किस प्रकार से उद्योग पुनः चालू हो सकेंगे क्योंकि लेबर जा चुकी है और उद्योगों के आगे वित्तीय संकट भी है। पवन अग्रवाल एमडी नैनी ग्रुप ने बताया कि प्रशासन माईग्रैंट मज़दूरों के प्रति काफ़ी चिंतित है। वह चाहती है कि उद्योग पूरी सावधानी के साथ चलाएं जा सकें इसके लिए ज़िलाधिकारी केस बेसेज़ पर अनुमति दें। आरएस यादव ने इंडिया ग्लाइकोल व अश्वनी छबढ़ा ने हिमायन फ़ूड पार्क प्रशासन से अनुमति उपरान्त चलाने को सहमति दी। शरत गोयल व पवन अग्रवाल ने अपील की कि इसी तरह से और उद्योग जो चलाने में समर्थ होंगे , अनुमति के लिए आवेदन दें। सुशील बंसल ने बताया कि बहुत से उद्योगों का मानना है कि वर्तमान परिस्थिति में उद्योगों को चलाने में वे असमर्थ हैं। विनीत संघल व अन्य उद्यमियों ने कहा कि कर्मचारी बुलाने पर नहीं आ रहे हैं। कोई न कोई बहाने बना दे रहे हैं। यह तय किया गया कि कर्मचारियों की वेतन काटा जाएगा।
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