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उत्तराखंड निवेश उत्सव : राज्य को इंडस्ट्रीयल नीति 2.0 की जरूरत, मिले सौगात
Sun, 20 Jul 2025 01:26 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 20 Jul 2025 01:26 AM IST
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केजीसीसीआई अध्यक्ष और उद्यमी पवन अग्रवाल ने उठाई मांग
रुद्रपुर। काशीपुर के उद्यमी और केजीसीसीआई के अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने कहा कि हमने 2018 में सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद हमने कागज बनाने के कई उच्चस्तरीय बदलाव किए हैं। कहा कि जब हम प्रदेश में निवेश करने जा रहे थे तो कुछ लोगों ने कहा कि यहां कच्चा माल नहीं है। निवेश करने में जोखिम है लेकिन प्रदेश के मूल निवासी होने के कारण हमने यहीं निवेश करना का निर्णय लिया। आज हम स्पेशल कागज बना रहे हैं जो विदेशों में भी उपयोग होगा। कहा कि देश में हम पल्प के सबसे बड़े उत्पाद हैं। हमने पर्यावरण को ध्यान में रखकर प्लास्टिक के विकल्प के रूप में गन्ने की खोई और बगास से कागज बनाने का निर्णय लिया।
आज हम गन्ने की खोई और बगास से पर्यावरण के अनुकूल कागज तैयार कर रहे हैं। उन्होंने राज्य की औद्योगिक नीतियों की भी सराहना की। उद्यमी पवन अग्रवाल ने पूर्व प्रधानमंत्री ने राज्य को एक सरल औद्योगिक नीति दी जिससे उद्यमियों को फायदा हुआ। उन्होंने कहा कि इस समय उत्तराखंड को एक औद्योगिक नीति 2.0 की आवश्यकता है। आज आप राज्य की औद्योगिक नीति की सौगात दें। इससे रोजगार के अवसर होंगे और राज्य का तीव्र गति से विकास होगा।
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रुद्रपुर। काशीपुर के उद्यमी और केजीसीसीआई के अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने कहा कि हमने 2018 में सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद हमने कागज बनाने के कई उच्चस्तरीय बदलाव किए हैं। कहा कि जब हम प्रदेश में निवेश करने जा रहे थे तो कुछ लोगों ने कहा कि यहां कच्चा माल नहीं है। निवेश करने में जोखिम है लेकिन प्रदेश के मूल निवासी होने के कारण हमने यहीं निवेश करना का निर्णय लिया। आज हम स्पेशल कागज बना रहे हैं जो विदेशों में भी उपयोग होगा। कहा कि देश में हम पल्प के सबसे बड़े उत्पाद हैं। हमने पर्यावरण को ध्यान में रखकर प्लास्टिक के विकल्प के रूप में गन्ने की खोई और बगास से कागज बनाने का निर्णय लिया।
आज हम गन्ने की खोई और बगास से पर्यावरण के अनुकूल कागज तैयार कर रहे हैं। उन्होंने राज्य की औद्योगिक नीतियों की भी सराहना की। उद्यमी पवन अग्रवाल ने पूर्व प्रधानमंत्री ने राज्य को एक सरल औद्योगिक नीति दी जिससे उद्यमियों को फायदा हुआ। उन्होंने कहा कि इस समय उत्तराखंड को एक औद्योगिक नीति 2.0 की आवश्यकता है। आज आप राज्य की औद्योगिक नीति की सौगात दें। इससे रोजगार के अवसर होंगे और राज्य का तीव्र गति से विकास होगा।
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