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एयरपोर्ट के लिए पंत विवि की भूमि देने के विरोध में कांग्रेसियों का सांकेतिक धरना

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 02 Dec 2020 12:45 AM IST
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Indicative protest by Congressmen against grant of Pant University land for airport
पंतनगर के गांधी मैदान में धरना देते कांग्रेसी। - फोटो : RUDRAPUR
पंतनगर। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने के लिए पंतनगर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की 1072 एकड़ उपजाऊ भूमि देने का विरोध करते हुए कांग्रेस प्रदेश महामंत्री हरीश पनेरु के नेतृत्व में कांग्रेसियों नेे सांकेतिक धरना दिया।
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मंगलवार को गांधी भवन के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेसियों ने कहा कि विवि की पहचान उसके शोध कार्य हैं। यदि विवि की भूमि को ऐसे दिया गया तो आने वाले दिनों में इस शिक्षा, शोध व प्रसार के मंदिर का अस्तित्व समाप्त हो जायेगा।
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उन्होंने जमीने के आदेश को वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी। विवि के वरिष्ठ कर्मचारी रहे दान सिंह नयाल और एसपीएस धाकड़े ने कहा कि किसी भी स्थिति में जमीन एयरपोर्ट को नहीं देनी चाहिए। वहां पर महिला नेत्री अनुराधा जोशी, चंद्रा चौहान, रूपा आर्या, अजय सिंह चौहान, शिवानंद पांडे, पूर्व नगर अध्यक्ष अमित कुंद्रा, रवि कुशवाहा आदि थे। इधर, नगर संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष जनार्दन सिंह, संतोष कुमार, दलीप कुमार, रवींद्र चौबे आदि ने भी धरने को अपना समर्थन दिया।
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पंतनगर। किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने से कांग्रेसियों के पेट में दर्द हो रहा है। वे विश्वविद्यालय के लोगों, प्रधानमंत्री कार्यालय और नागर विमान मंत्रालय में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों को गलत पत्र भेजकर गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। पंतनगर में अनुसंधान केंद्रों के लिए भूमि आरक्षित है। वहां पर वर्षों से अनुसंधान हो रहे हैं।

बाकी भूमि पर विवि केवल खेती करता है। जब पंतनगर विवि की भूमि विभागों और सिडकुल के लिए दी गई, तब यह विवि के तथाकथित हितरक्षक कहां सो रहे थे। जब एक रुपये प्रति एकड़ के भाव से टाटा को 1000 एकड़ भूमि दी गई तब केशव पासी और कांग्रेसियों को विश्वविद्यालय की चिंता नहीं हुई थी। विवि के हित की चिंता करने वाले केशव पासी और कांग्रेसी यदि वास्तव में चिंतित हैं तो विवि को केंद्रीय बनाने की मुहिम चलाएं। मैं उनका समर्थन करूंगा। जहां अनुसंधान चल रहे हैं, वहां की एक इंच भूमि भी नहीं दी जाएगी। कृषि भूमि जो राज्य सरकार में निहित है हवाई अड्डा वहीं बनेगा। संवाद
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