UK: अब किच्छा में भारी मात्रा में नशे के कैप्सूल और गोलियां बरामद, ड्रग विभाग की कार्रवाई; झोलाछाप गिरफ्तार
अपंजीकृत क्लीनिक चलाने के आरोप में एक व्यक्ति को ड्रग विभाग और टास्क फोर्स ने गिरफ्तार किया है। उसके घर से नशे की गोलियों की बड़ी मात्रा बरामद हुई है। आरोप है कि वह क्लीनिक के बहाने युवाओं को नशे की गोलियां बेच रहा था।
विस्तार
ड्रग विभाग और स्पेशल ऑपरेशन टास्क फोर्स ने क्लीनिक चला रहे अपंजीकृत झोलाछाप के घर से बड़ी मात्रा में नशे की गोलियां बरामद की हैं। आरोपी क्लीनिक की आड़ में नशे की गोलियां बेच कर क्षेत्र की युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा था। पुलभटटा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। समाचार लिखे जाने तक एक अन्य अपंजीकृत क्लीनिक चला रहे झोलाछाप के घर पर तलाशी अभियान जारी है।
बुधवार को वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नीरज कुमार, स्पेशल टास्क फोर्स की टीम पुलभटटा पुलिस के साथ क्षेत्र में बड़ी संख्या में नशे की गोलियों की बिक्री की सूचना पर ग्राम दोपहरियां पहुंची। टीम ने सबसे पहले गांव के पंतपुरा रोड पर अपंजीकृत झोलाछाप पूरनलाल के घर के बाहर बने क्लीनिक पर दबिश दी। वहां से टीम ने बड़ी मात्रा में नशे की दवाइयां बरामद कीं।
अधिकारियों के अनुसार 3,552 कैप्सूल और 200 गोलियां जब्त की गईं। टीम पूरनलाल को हिरासत में लेकर पुलभटटा थाने गई। बताया जा रहा है कि आरोपी पूरनलाल के खिलाफ धारा 8-22 एनडीपीएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी कई वर्षों से दोपहरिया में क्लीनिक चलाता था। वह गांव के लोगों का उपचार करता था। उसका क्लीनिक व घर एक ही परिसर में है। विभागीय कार्रवाई के दौरान आरोपी के घर के पास लोगों की भीड़ रही। यह कार्रवाई सुबह से शाम तक चलती रही। टीम में औषधि निरीक्षक नैनीताल हर्षिता, चंपावत पूजा और स्पेशल टास्क फोर्स के पीएस मर्ताेलिया आदि शामिल रहे।
देर रात तक कार्रवाई जारी
नशे के खिलाफ टीम की कार्रवाई दिन भर चली। पहले पूरन लाल के घर पर बने क्लीनिक में दबिश दी गई। बाद में गांव के एक अन्य अपंजीकृत क्लीनिक पर भी पुलिस फोर्स के साथ टीम पहुंची। टीम ने यहां से भी बड़ी मात्रा में नशीली दवाइयां बरामद की हैं। समाचार लिखे जाने तक विभागीय कार्रवाई जारी है।
युवा पीढ़ी हो रही बर्बाद
क्षेत्र में नशे ने युवा पीढ़ी को बुरी तरह बर्बाद कर रखा है। हालत यह है कि नशे में लिप्त कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। नशे की पूर्ति के लिए अक्सर नशे के आदी आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। इनकी हरकतों से पुलिस भी परेशान है क्योंकि जब आम लोग इन्हें चोरी करते पकड़ कर पुलिस को सौंपते हैं तो नशा नहीं मिलने के कारण ये बेसुध हो जाते हैं। पुलिस को डर रहता है कि ये कहीं मर न जाएं। हालांकि पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन नशे से दूर रहने के लिए समय-समय पर लोगों को जागरूक करता है लेकिन इन पर इसका असर नही पड़ता। निकटवर्ती ग्राम दरऊ, आजादनगर, सिरौली आदि में नशे के आदी लोगों से दशहत है। नशे की पूर्ति के लिए घर के बाहर रखे सामान या जहां भी कुछ नजर आता है लेकर गायब हो जाते हैं।