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Udham Singh Nagar News: कभी घोड़े-तांगे चैती मेले की हुआ करते थे पहचान
Sat, 05 Apr 2025 12:57 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 05 Apr 2025 12:57 AM IST
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काशीपुर। ऐतिहासिक मां बाल सुंदरी देवी के चैती मेले का मां भगवती का डोला आने के साथ आगाज हो गया है। एक वक्त था जब शहरवासियों को मेले में जाने के लिए घोड़े-तांगे का इंतजार रहता था। मगर अब बदलते समय में इसकी जगह ई-रिक्शा ने ले ली है।
मां भगवती बाल सुंदरी देवी का 27 अप्रैल तक चलने वाला ऐतिहासिक चैती मेला 30 मार्च को ध्वजारोहण के साथ शुरू हो गया था। एक समय ऐसा भी था जब शहरवासियों में घोड़े-तांगे से मेला देखने जाने का क्रेज रहता था। बच्चा हो या बूढ़ा सभी में घोड़े-तांगे का पूरे साल इंतजार करते थे। मेला शुरू होने के लगभग एक सप्ताह पहले से शहर से सटे यूपी के गांवों से सैकड़ों घोड़े-तांगे वाले काशीपुर पहुंच जाते थे और शहर के हर गली-मोहल्लों से सवारियां ढोते थे। जब से ई-रिक्शा व ऑटो का चलन बढ़ा है, घोड़े-तांगे चैती मेले में आने बंद हो गए हैं। मोहल्ला पक्का कोट निवासी 70 वर्षीय कांती देवी और 75 वर्षीय कमल शर्मा बताते हैं कि आज हम अपने बच्चों को बताते हैं कि पहले घोड़े-तांगे से मेला देखने जाते थे। अब तो यह नजर तक नहीं आते।
मेले में दर्शनार्थियों के सभी इंतजाम पूरे
काशीपुर। एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि शहर के अलावा आसपास शहरों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचेंगे। चैती मेला 27 अप्रैल तक प्रशासन की देखरेख में संचालित होगा। मेले में अन्य क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी व्यवस्था दुरुस्त कर ली गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 24 घंटे पुलिस बल मेला क्षेत्र में तैनात रहेगा। साथ ही एक पुलिस चौकी का अस्थायी निर्माण भी करा दिया गया है।
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मां भगवती बाल सुंदरी देवी का 27 अप्रैल तक चलने वाला ऐतिहासिक चैती मेला 30 मार्च को ध्वजारोहण के साथ शुरू हो गया था। एक समय ऐसा भी था जब शहरवासियों में घोड़े-तांगे से मेला देखने जाने का क्रेज रहता था। बच्चा हो या बूढ़ा सभी में घोड़े-तांगे का पूरे साल इंतजार करते थे। मेला शुरू होने के लगभग एक सप्ताह पहले से शहर से सटे यूपी के गांवों से सैकड़ों घोड़े-तांगे वाले काशीपुर पहुंच जाते थे और शहर के हर गली-मोहल्लों से सवारियां ढोते थे। जब से ई-रिक्शा व ऑटो का चलन बढ़ा है, घोड़े-तांगे चैती मेले में आने बंद हो गए हैं। मोहल्ला पक्का कोट निवासी 70 वर्षीय कांती देवी और 75 वर्षीय कमल शर्मा बताते हैं कि आज हम अपने बच्चों को बताते हैं कि पहले घोड़े-तांगे से मेला देखने जाते थे। अब तो यह नजर तक नहीं आते।
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मेले में दर्शनार्थियों के सभी इंतजाम पूरे
काशीपुर। एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि शहर के अलावा आसपास शहरों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचेंगे। चैती मेला 27 अप्रैल तक प्रशासन की देखरेख में संचालित होगा। मेले में अन्य क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी व्यवस्था दुरुस्त कर ली गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 24 घंटे पुलिस बल मेला क्षेत्र में तैनात रहेगा। साथ ही एक पुलिस चौकी का अस्थायी निर्माण भी करा दिया गया है।
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