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हरिद्वार में नहाते समय गंगा में बहा काशीपुर का हिमांशु, नहीं मिला सुराग
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हिमांशु। संवाद
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। चाची की दवाई लेने ऋषिकेश गया एक युवक हरिद्वार के गणेश घाट में नहाते समय पानी में डूब गया। साथ नहा रहे चचेरे भाई ने शोर मचाया लेकिन तब तक वह आंखों से ओझल हो चुका था। चौथे दिन भी हिमांशु का कहीं पता नहीं लग सका है।
मोहल्ला कटारामालियान निवासी हिमांशु गोले (21) पुत्र सुरेश पेंटर मानपुर रोड पर पैथोलॉजी लैब चलाता है। 21 मई को वह अपनी चाची विनीता को दवा दिलाने के लिए एम्स (ऋषिकेश) गया था। वहां डॉक्टर के नहीं मिलने पर वह, अपने चचेरे भाई अनिकेत और चाची के साथ हरिद्वार आ गया। उन्हें शाम पांच बजे की ट्रेन से लौटना था।
इस दौरान चचेरे-तहेरे भाई नहाने के लिए गणेश घाट में उतर गए। पानी की गहराई का अंदाजा ना होने के कारण हिमांशु रेलिंग को पार कर गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते ओझल हो गया। सूचना पर जल पुलिस, एसडीआरएफ के गोताखोरों ने गंगा में बहे हिमांशु की तलाश शुरू कर दी। टीमों ने हिमांशु की तलाश में मायापुरी, ज्वालापुर, बहादराबाद, पथरी व मोहम्मदपुर तक सर्चिंग अभियान चलाया लेकिन 72 घंटे बाद भी उसका सुराग नहीं लग सका है।
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सूचना पर काशीपुर से उसके पिता सुरेश, चाचा महेश गोले और मां मुन्नी देवी भी हरिद्वार गए हैं। वहां सामाजिक कार्यकर्ता संगीता प्रजापति के सहयोग से हिमांशु की ढूंढ खोज का प्रयास किया जा रहा है। पथरी डाम की सफाई के दौरान भी लापता हिमांशु के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। हिमांशु अपने परिवार में इकलौता पुत्र हैं। उसकी एक बहन मोनिका है। घटना के बाद से परिवार में सन्नाटा पसरा हुआ है।
दवा लेने चाचा को जाना था, चला गया हिमांशु
काशीपुर। हिमांशु की चाची को न्यूरों संबंधी दिक्कत है। काशीपुर के एक निजी डाक्टर से उनका इलाज चल रहा था। पैथोलॉजी लैब चलाने के कारण हिमांशु को मेडिकल लाइन की काफी जानकारी हैं। वह ऋषिकेश एम्स से अपनी दादी का भी इलाज करवा चुका है। चाची को दिखाने के लिए उसके चाचा महेश को ऋषिकेश जाना था, लेकिन हिमांशु ने उन्हें घर पर ही रुकने को कहा और खुद चाची व चचेरे भाई को साथ लेकर चला गया। तीनों दोपहर एक बजे तक वापस हरिद्वार पहुंच चुके थे। दोपहर तीन बजे मुरादाबाद आने वाली ट्रेन में वेटिंग बहुत थी, इस कारण उन्होंने पांच वाली ट्रेन से लौटने का निश्चय किया। वक्त काटने के लिए दोनों भाई नहाने चले गए और यह हादसा हो गया। (संवाद)
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मोहल्ला कटारामालियान निवासी हिमांशु गोले (21) पुत्र सुरेश पेंटर मानपुर रोड पर पैथोलॉजी लैब चलाता है। 21 मई को वह अपनी चाची विनीता को दवा दिलाने के लिए एम्स (ऋषिकेश) गया था। वहां डॉक्टर के नहीं मिलने पर वह, अपने चचेरे भाई अनिकेत और चाची के साथ हरिद्वार आ गया। उन्हें शाम पांच बजे की ट्रेन से लौटना था।
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इस दौरान चचेरे-तहेरे भाई नहाने के लिए गणेश घाट में उतर गए। पानी की गहराई का अंदाजा ना होने के कारण हिमांशु रेलिंग को पार कर गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते ओझल हो गया। सूचना पर जल पुलिस, एसडीआरएफ के गोताखोरों ने गंगा में बहे हिमांशु की तलाश शुरू कर दी। टीमों ने हिमांशु की तलाश में मायापुरी, ज्वालापुर, बहादराबाद, पथरी व मोहम्मदपुर तक सर्चिंग अभियान चलाया लेकिन 72 घंटे बाद भी उसका सुराग नहीं लग सका है।
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सूचना पर काशीपुर से उसके पिता सुरेश, चाचा महेश गोले और मां मुन्नी देवी भी हरिद्वार गए हैं। वहां सामाजिक कार्यकर्ता संगीता प्रजापति के सहयोग से हिमांशु की ढूंढ खोज का प्रयास किया जा रहा है। पथरी डाम की सफाई के दौरान भी लापता हिमांशु के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। हिमांशु अपने परिवार में इकलौता पुत्र हैं। उसकी एक बहन मोनिका है। घटना के बाद से परिवार में सन्नाटा पसरा हुआ है।
दवा लेने चाचा को जाना था, चला गया हिमांशु
काशीपुर। हिमांशु की चाची को न्यूरों संबंधी दिक्कत है। काशीपुर के एक निजी डाक्टर से उनका इलाज चल रहा था। पैथोलॉजी लैब चलाने के कारण हिमांशु को मेडिकल लाइन की काफी जानकारी हैं। वह ऋषिकेश एम्स से अपनी दादी का भी इलाज करवा चुका है। चाची को दिखाने के लिए उसके चाचा महेश को ऋषिकेश जाना था, लेकिन हिमांशु ने उन्हें घर पर ही रुकने को कहा और खुद चाची व चचेरे भाई को साथ लेकर चला गया। तीनों दोपहर एक बजे तक वापस हरिद्वार पहुंच चुके थे। दोपहर तीन बजे मुरादाबाद आने वाली ट्रेन में वेटिंग बहुत थी, इस कारण उन्होंने पांच वाली ट्रेन से लौटने का निश्चय किया। वक्त काटने के लिए दोनों भाई नहाने चले गए और यह हादसा हो गया। (संवाद)