फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Hijacked Merchant Delivered

15 लाख फिरौती लेने के बाद छोड़ा गया रवीश को

Sun, 28 May 2017 11:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, सितारगंज।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, सितारगंज। Updated Sun, 28 May 2017 11:35 PM IST
विज्ञापन
Hijacked Merchant Delivered
अपहृत व्यापारी छुड़ाया - फोटो : अमर उजाला

सितारगंज। पुलिस ने सरिया, सीमेंट व्यापारी अपहरणकांड का खुलासा कर दिया है। व्यापारी को बदमाशों ने 15 लाख रुपये लेकर छोड़ा है। जिले भर की पुलिस की तीन टीमों ने घेराबंदी कर तीन बदमाशों को धर दबोचा। पांच बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। धरे गए बदमाशों के पास से मोबाइल, सिम और दो बाइकें बरामद की गई हैं। इसके अलावा फिरौती की रकम में से 2.25 लाख भी मिल गए हैं। बदमाशों ने आठ दिन तक व्यापारी को नानकसागर डैम के पार जौरासाल के जंगल में बंधक बनाकर रखा। खुलासा करने वाली टीम पर पुलिस महकमे व व्यापारियों ने इनाम की बौछार की है।

विज्ञापन


सिसौना स्थित साहिल बिल्डिंग मैटेरियल के स्वामी रवीश कुमार गर्ग उर्फ दीपक पुत्र राजेंद्र गर्ग का बदमाशों ने 19 मई को उस वक्त अपहरण कर लिया था जब वह रात 8:20 बजे दुकान बंद कर आ रहे थे। रवीश के साले वार्ड नौ निवासी दीपक अग्रवाल की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ आईपीसी की धारा 365 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। एसएसपी डा. सदानंद दाते ने एएसपी देवेंद्र पिंचा, एएसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय के नेतृत्व में 36 पुलिस अफसर व कर्मियों की तीन टीमों को खुलासे में लगाया था। एसएसपी प्रतिदिन टीमों की मॉनीटरिंग भी करते रहे।
विज्ञापन


रविवार को एसएसपी ने मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने 21 मई की रात रवीश के मोबाइल से उसकी पत्नी सारिका के फोन पर कॉल कर अपहृत रवीश को छोड़ने के एवज में दो करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की। फिरौती की रकम न देने पर अपहृत को जान से मारने की धमकी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ दर्ज 365 आईपीसी के मुकदमे को 364 ए व 506 आईपीसी में तरमीम कर दिया और एसएसपी ने बदमाशों की धरपकड़ के लिए तीन टीमें गठित कर दीं। आठ दिन के भीतर अपहरणकर्ताओं ने परिजनों से छह-सात बार फिरौती की रकम मांगी। तीन बार 50-50 लाख रुपये लेकर भी गए। लेकिन, अपहरणकर्ताओं ने खुद को सुरक्षित न देख उन्हें वापस कर दिया। शनिवार को अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की रकम कम करते हुए 15 लाख रुपये मांगे और परिजनों को खटीमा रोड पर सिसईखेड़ा में बुलाया।

परिजनों ने बदमाशों को 15 लाख रुपये दे दिए, जिसके बाद बदमाशों ने रवीश को छोड़ दिया। जैसे ही रवीश बदमाशों के चंगुल से छूटा वैसे ही पुलिस टीमों ने बदमाशों की घेराबंदी कर दी और वहां से रात करीब दस बजे संतफार्म नकुलिया और हाल निवासी साबेपुर सरकड़ा के चरनजीत सिंह पुत्र सुच्चा सिंह, नानकमत्ता थाने के ग्राम टुकड़ी निवासी बूटा सिंह पुत्र गुरदीप सिंह एवं मुंडलिया रायबक्स थाना अमरिया जिला पीलीभीत के रविंद्र सिंह उर्फ रवि पुत्र कश्मीर सिंह को धर दबोचा।

जबकि, हरईया गांव के शमशेर सिंह उर्फ सम्मी, नगला का निशान सिंह, टुकड़ी का बलजीत सिंह व संपूर्णानगर लखीमपुर निवासी समर सिंह संधू व पंजाब निवासी मोटा मौके से फरार हो गए। पुलिस ने धरे गए बूटा सिंह, रविंद्र सिंह व चरनजीत के पास दो तमंचे और दो कारतूस, 12 बोर की एक बंदूक, दो कारतूस, सात मोबाइल, छह सिम और फिरौती के 2.25 लाख की रकम बरामद कर तीनों को खटीमा कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मौके पर एएसपी देवेंद्र पिंचा, एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय, सीओ स्वतंत्र कुमार सिंह, हरीश मेहरा आदि थे।

सितारगंज। अपहरण की योजना एक माह पहले बनी थी। टुकड़ी गांव के बूटा सिंह, संतफार्म के चरनजीत सिंह और मुंडलिया रायबक्स अमरिया जिला पीलीभीत के रविंद्र सिंह उर्फ रवि ने रवीश को उठाने की योजना बनाई। रवि बाइक मैकेनिक है और सिसौना में ही काम करता है। इनकी मुलाकात कंबाइन चलाने वाले शमशेर, निशान और बलजीत से हुई। इसके बाद इन छह लोगों में से निशान ने संपूर्णानगर उत्तर प्रदेश के रहने वाले समर सिंह संधू से मुलाकात की। हत्या के आरोप में लखीमपुर जेल में बंद संधू एक माह पहले ही जमानत पर रिहा हुआ था।

संधू के साथ पंजाब का मोटा भी गैंग में शामिल हो गया और फिर रवि की निगरानी में 19 मई को आठ लोगों ने तीन बाइकों से रवीश की स्कूटी घेरी और रवीश के ऊपर कंबल डालकर उसका अपहरण कर लिया। बाइक सवार बदमाश व्यापारी रवीश गर्ग का अपहरण कर सिसौना स्थित पुरानी पुलिस चौकी से कश्मीरी फार्म होते हुए टुकड़ी बिचुवा गांव से सटे जंगल में ले गए। यहां से बरकीडांडी होते हुए नानकसागर डैम पार गिधौर गांव स्थित जौरासाल के जंगल में रवीश को रखा। यहां दो बदमाश रात-दिन उसके साथ रहे और बंदूक व तमंचों के साथ पहरा देते रहे। यहां तक कि रवीश को भागने की कोशिश करने पर बंदूक दिखाकर डराया, धमकाया भी गया। ब्यूरो

सितारगंज। शनिवार की रात जब बदमाशों ने सिसईखेड़ा से मगरसड़ा रोड पर फिरौती की रकम लेकर आने को कहा तो अपहृत रवीश के बहनोई विजय गर्ग 15 लाख रुपये लेकर रवाना हुए। एसएसपी डा. सदानंद दाते ने योजनानुसार जसपुर के तेजतर्रार इंस्पेक्टर अबुल कलाम और कांस्टेबल मतलूब खान, उमेश राज को विजय की सुरक्षा में लगाया और इन तीनों की सुरक्षा के बीच विजय ने बदमाशों को फिरौती की रकम सौंपी।

एएसपी देवेंद्र पिंचा के नेतृत्व में पुलिस की अन्य टीमें घेराबंदी कर बदमाशों की घात में बैठ गई। रकम लेने के बाद विजय रवीश को लेकर निकल पड़े और वह सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंच गअ। उसके बाद पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी कर डाली। यहां तक कि भागने के सभी रास्तों पर भी नाकाबंदी कर दी गई, जिससे बूटा, रविंद्र व चरनजीत पुलिस के हत्थे चढ़ गए। ब्यूरो

सितारगंज। अपहरणकर्ता बदमाश रवीश कुमार गर्ग को जंगल में जिंदा रखने के लिए खाने में सिर्फ नमकीन-बिस्किट और पानी ही देते थे। एक सप्ताह तक रवीश ने एक समय भी भोजन नहीं किया। बदमाशों का कहना था कि भागने की ताकत न रहे, इसलिए उसे खाना न देकर सिर्फ नमकीन-बिस्किट खिलाए जाते थे। ब्यूरो

सितारगंज। व्यापारी को सकुशल बरामद कर तीन बदमाशों को दबोचने वाली पुलिस टीम को 1.31 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। व्यापारियों ने पुलिस के काम की सराहाना की। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय गोयल ने कहा अभिनंदन समारोह में पुलिस टीम को सम्मानित किया जाएगा।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. सदानंद दाते ने खुलासे के दौरान बताया कि पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने 20 हजार, डीआईजी ने 5 हजार के इनाम की घोषणा की है। एसएसपी ने अपनी ओर से ढाई हजार और एएसपी देवेंद्र पिंचा ने 1500 के इनाम की घोषणा की। इसके अलावा प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार मित्तल ने 51 हजार रुपये व व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय गोयल ने डिस्ट्रीब्यूटर एजेंसी एसोसिएशन की ओर से 51 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। ब्यूरो

सितारगंज। व्यापारी अपहरण कांड के खुलासे में कप्तान की सूझबूझ और रणनीति एकदम सफल साबित हुई। पुलिस का पहला मकसद व्यापारी को सकुशल घर वापस लाना था। तीनों टीमें भी इसी को ध्यान में रखकर काम में लगी रहीं। यहां तक कि जिस जंगल में व्यापारी को हथियारों के बल पर अपहृत कर रखा गया था, वहां पुलिस ने घेराबंदी के बाद भी बदमाशों पर हाथ नहीं डाला और फूंक-फूंक कर कदम रखा। एएसपी देवेंद्र पिंचा को बदमाशों की खोजबीन के लिए लिबास बदलकर दो दिन तक जंगल में पंजाबी बनकर रहना पड़ा।

पुलिस के दबाव के आगे बदमाश भी अपहृत व्यापारी को बिना फिरौती के ही छोड़ने पर मजबूर हो गए थे, जिसके बाद उन्होंने खर्च के रूप में 15 लाख की फिरौती की रकम लेने पर ही रजामंदी जाहिर कर दी। यूपी के विभिन्न जिलों से फिरौती के लिए कॉल करते और परिजनों से पूर्वांचल की भाषा में बात करते थे, जिससे पुलिस गुमराह हो जाती। इस तरह पुलिस को बदमाशों ने जमकर छकाया लेकिन, अपहरणकर्ताओं का कोई भी फार्मूला पुलिस के आगे टिक न सका। 19 मई की शाम 8:20 बजे बदमाशों ने जब रवीश का अपहरण किया और दो घंटे बाद पुलिस को इसकी जानकारी हुई तो सितारगंज ही नहीं, पूरे जिले की पुलिस एक्टिव हो गई।

लेकिन, बदमाश क्षेत्र छोड़कर भागने के बजाय रवीश को साधूनगर से होते हुए रंसाली, जौरासाल वन क्षेत्र के जंगल में ले गए। यहां बदमाशों ने रवीश को अपहृत कर रखा और दो दिन बाद 21 मई को पहली बार न्यूरिया जिला पीलीभीत उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में पहुंचकर फिरौती के लिए कॉल की। इसके बाद बदमाश कभी रामपुर तो कभी स्वार और कभी बरेली जिला क्षेत्र में जाकर फिरौती के लिए कॉल करते। इससे पुलिस को भी इन जिलों में डेरा डालना पड़ा, जिस कारण पुलिस को यहां के बदमाशों के बारे में भी पूरी जानकारी लेनी पड़ी और जेल से छूटे बदमाशों का चिट्ठा भी इकट्ठा किया।


परंतु, पुलिस ने सर्विलांस के जरिये जल्द ही अपहर्ताओं का पता लगा लिया। एएसपी देवेंद्र पिंचा और सर्विलांस देख रही एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय भी इन बदमाशों पर पूरी नजर रखे हुए थीं। यहां तक कि एसएसपी भी अपनी टीमों को वाच करते रहे। शनिवार को जब फिरौती की फाइनल डील हुई तो एसएसपी ने सर्वप्रथम अपहृत व्यापारी को सकुशल बरामद करने के निर्देश दिए। टीमों ने भी घेराबंदी कर बदमाशों को फिरौती की रकम लेने का पूरा मौका दिया। रकम लेने के बाद जब अपहृत व्यापारी उनके चंगुल से छूट आया तो पुलिस बदमाशों को पकड़ने के लिए एक्शन मोड पर आई और फिर 2.25 लाख की रकम के साथ तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed