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Uttarakhand News: रुद्रपुर में एनएच पर मजार ध्वस्तीकरण के मामले में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

Tue, 10 Jun 2025 04:06 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 10 Jun 2025 04:06 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के रुद्रपुर में एनएच पर मजार ध्वस्तीकरण के मामले में दायर स्पेशल अपील पर सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता को शपथपत्र दायर करने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए दो जुलाई की तिथि नियत की हैं।

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Hearing in the High Court on the case of demolition of Mazar on NH in Rudrapur
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के रुद्रपुर में एनएच पर मजार ध्वस्तीकरण के मामले में दायर स्पेशल अपील पर सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता को शपथपत्र दायर करने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए दो जुलाई की तिथि नियत की हैं।

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मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार वक्फ अल्लाह ताला ने हाईकोर्ट में स्पेशल अपील दायर की थी। उसमें कहा था कि ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में इंदिरा चौक के समीप बनी सैय्यद मासूम शाह मियां और सज्जाद मियां की मजार को प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से हटा दिया था। यह कदम प्रस्तावित आठ लेन हाईवे परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए बताया जा रहा था।

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एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने पहले ही संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर जानकारी दी थी। मजार को हटाने के लिए बुलडोजर लगाए गए और चंद घंटों में ही वहां समतल मैदान कर दिया गया था। याचिकाकर्ता वक्फ अल्लाह ताला की तरफ से कोर्ट में प्रार्थना की गई कि उन्हें या तो विस्थापित किया जाए या उसी स्थान पर दोबारा मजार को स्थापित किया जाए।

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इस प्रकरण पर जिलाधिकारी ने एकलपीठ के समक्ष न्यायालय को बताया था कि इस दरगाह का नाम हजरत मासूम साह दरगाह था। यह भूमि वक्फ की नहीं है। उन्होंने कहा कि बीती दस फरवरी को एनएच ने 60 दिन पहले नोटिस दिया था और फिर दोबारा नोटिस देकर यह कार्यवाही की गई। ये 1960 से सड़क की दरगाह के रूप में दर्ज है। खसरा बनाने पर ये मजार दर्ज की गई थी। इसका नियमानुसार मुआवजा दिया गया है।

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