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जिले में बच्चों के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स बांटने का काम ठप
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डॉ. अविनाश खन्ना, जिला नोडल अधिकारी कोविड-19
- फोटो : RUDRAPUR
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कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच बच्चों में कोरोना वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का वितरण जिले में ठप पड़ गया है। जिले में करीब दो सप्ताह में सिर्फ 27 हजार बच्चों को ही दवा उपलब्ध कराई जा सकी है। दो अगस्त से शुरू हुई आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण जिले में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का वितरण अभियान थम गया है।
ऊधमसिंह नगर जिले में 18 वर्ष से कम बच्चों और किशोरों की संख्या करीब सात लाख है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी जिले में पांच लाख, 47 हजार बच्चों को माइक्रोन्यूट्रिएंट्स वितरित करने का लक्ष्य तय किया है।
माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से बच्चों में कोरोना वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने के साथ ही इसमें विटामिन सी और डी की प्रचुर मात्रा है। जिले में 31 जुलाई से व्यापक स्तर इन दवाओं का वितरण अभियान शुरू किया गया था। इस कार्य के लिए जिले की 1346 आशा कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाने के साथ ही 72 आशा फेसिसलेटरों व नौ ब्लॉक समंवयकों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तीन दिन बाद आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण दवा वितरण का कार्य प्रभावित हो गया।
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हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के करीब डेढ़ लाख पैकेट्स तैयार किए थे, लेकिन अभी तक सिर्फ करीब 27 हजार पैकेट्स ही बंट सके हैं। ऐसे में नवजातों से लेकर 18 वर्ष से कम आयु तक के नाबालिगों को कोरोना संकरण से बचाव व कोरोना वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करना जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन गया है। आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आशा फेसिसलेटर व कुछ एएनएम को दवा वितरण के कार्य में लगाया था, लेकिन टीकाकरण का कार्य प्रभावित होने के कारण एएनएम को इस जिम्मेदारी से मुक्त करना पड़ा। आशा कायकर्ताओं की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य विभाग के सामने सभी बच्चों के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स करा पाना चुनौती बना हुआ है।
आशाओं की हड़ताल से प्रभावित कार्य
1- दवा वितरण कार्य।
2- बच्चों का सर्वे।
3- गर्भवतियों को प्रसव के लिए उचित सुविधा।
4- जागरुकता अभियान।
पहले चरण में जिले में पांच लाख, 47 हजार बच्चों के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स बांटी जानी है। इसके करीब डेढ़ लाख पैकेट्स तैयार किए जा चुके हैं, लेकिन आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण अभी तक सिर्फ 27 हजार बच्चों को ही दवा उपलब्धा कराई जा सकी है।
डॉ. अविनाश खन्ना, जिला नोडल अधिकारी कोविड-19
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ऊधमसिंह नगर जिले में 18 वर्ष से कम बच्चों और किशोरों की संख्या करीब सात लाख है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी जिले में पांच लाख, 47 हजार बच्चों को माइक्रोन्यूट्रिएंट्स वितरित करने का लक्ष्य तय किया है।
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माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से बच्चों में कोरोना वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने के साथ ही इसमें विटामिन सी और डी की प्रचुर मात्रा है। जिले में 31 जुलाई से व्यापक स्तर इन दवाओं का वितरण अभियान शुरू किया गया था। इस कार्य के लिए जिले की 1346 आशा कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाने के साथ ही 72 आशा फेसिसलेटरों व नौ ब्लॉक समंवयकों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तीन दिन बाद आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण दवा वितरण का कार्य प्रभावित हो गया।
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हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के करीब डेढ़ लाख पैकेट्स तैयार किए थे, लेकिन अभी तक सिर्फ करीब 27 हजार पैकेट्स ही बंट सके हैं। ऐसे में नवजातों से लेकर 18 वर्ष से कम आयु तक के नाबालिगों को कोरोना संकरण से बचाव व कोरोना वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करना जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन गया है। आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आशा फेसिसलेटर व कुछ एएनएम को दवा वितरण के कार्य में लगाया था, लेकिन टीकाकरण का कार्य प्रभावित होने के कारण एएनएम को इस जिम्मेदारी से मुक्त करना पड़ा। आशा कायकर्ताओं की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य विभाग के सामने सभी बच्चों के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स करा पाना चुनौती बना हुआ है।
आशाओं की हड़ताल से प्रभावित कार्य
1- दवा वितरण कार्य।
2- बच्चों का सर्वे।
3- गर्भवतियों को प्रसव के लिए उचित सुविधा।
4- जागरुकता अभियान।
पहले चरण में जिले में पांच लाख, 47 हजार बच्चों के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स बांटी जानी है। इसके करीब डेढ़ लाख पैकेट्स तैयार किए जा चुके हैं, लेकिन आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण अभी तक सिर्फ 27 हजार बच्चों को ही दवा उपलब्धा कराई जा सकी है।
डॉ. अविनाश खन्ना, जिला नोडल अधिकारी कोविड-19