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Udham Singh Nagar News: नेत्र सर्जन ही नहीं, कैसे रोशन हो मरीजों की जिंदगी
Mon, 09 Dec 2024 01:30 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 09 Dec 2024 01:30 AM IST
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खटीमा। खटीमा उप जिला अस्पताल में तीन माह से भी अधिक समय से नेत्र सर्जन का पद रिक्त पड़ा है। इस कारण अस्पताल में आखों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने नेत्र सर्जन के रिक्त पद के सापेक्ष शीघ्र नियुक्ति को लेकर विभाग को पत्र लिखा है।
खटीमा उप जिला अस्पताल में नेत्र सर्जन का एक पद सृजित है लेकिन तीन माह से भी अधिक समय से नेत्र सर्जन का पद रिक्त है। इस कारण मोतियाबिंद और आखों से संबंधित गंभीर बीमारियों के मरीजों का इलाज और ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। आखों के मरीजों को मजबूरी में महंगे निजी अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. केसी पंत ने बताया कि अस्पताल की नेत्र सर्जन ने करीब तीन माह पहले इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद रिक्त पद पर नए नेत्र सर्जन की नियुक्ति नहीं हो पाई है। नियुक्ति को लेकर सीएमओ कार्यालय और स्वास्थ्य महानिदेशालय को पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि नेत्र सर्जन न होने के कारण अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। आखों की रोशनी आदि की जांच नेत्र तकनीशियन की ओर से की जा रही हैं।
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खटीमा उप जिला अस्पताल में नेत्र सर्जन का एक पद सृजित है लेकिन तीन माह से भी अधिक समय से नेत्र सर्जन का पद रिक्त है। इस कारण मोतियाबिंद और आखों से संबंधित गंभीर बीमारियों के मरीजों का इलाज और ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। आखों के मरीजों को मजबूरी में महंगे निजी अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. केसी पंत ने बताया कि अस्पताल की नेत्र सर्जन ने करीब तीन माह पहले इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद रिक्त पद पर नए नेत्र सर्जन की नियुक्ति नहीं हो पाई है। नियुक्ति को लेकर सीएमओ कार्यालय और स्वास्थ्य महानिदेशालय को पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि नेत्र सर्जन न होने के कारण अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। आखों की रोशनी आदि की जांच नेत्र तकनीशियन की ओर से की जा रही हैं।
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