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Udham Singh Nagar News: गजब...घरवाली का खर्चपानी बंद किया और बाहर वाली से कर ली शादी, जानिये पूरा मामला?
Mon, 05 May 2025 11:32 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 05 May 2025 11:32 AM IST
सार
रुद्रपुर में एक महिला ने पति पर दूसरी शादी करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने एसएसपी को पत्र सौंपकर पति और दूसरी पत्नी पर कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
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crime
विस्तार
रुद्रपुर के देव होम्स बगवाड़ा निवासी आरती सिंह ने अपने पति ग्राम पिलुवा तहसील जलालाबाद जिला शाहजहांपुर यूपी निवासी आकाश सिंह पर बिना विवाह विच्छेद किए दूसरी शादी करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने एसएसपी को पत्र सौंपकर पति और दूसरी पत्नी पर कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
आरती ने बताया कि उनका विवाह 16 मई 1997 को आकाश सिंह से हुआ था। पति फिलहाल मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पद पर सिंचाई विभाग रानीखेत में कार्यरत हैं। विवाह के लगभग दो माह बाद ही पति को नलकूप खंड हल्द्वानी में नौकरी मिल गई। पति और उसके घरवाले दान दहेज की मांग पर पिटाई करने लगे। इसी बीच एक बेटा और एक और बेटी का जन्म हुआ। पति का हल्द्वानी से रुद्रपुर स्थानांतरण होने पर वह बच्चों को अपने साथ रुद्रपुर सरकारी आवास में ले आया और बच्चों का स्कूल में दाखिला करा दिया। इसी बीच बहन की शादी में मायके वालों की तरफ से दान दहेज दिए जाने पर पति ने उतना ही दहेज लाने को कहा। इसके बाद पति से सभी संपर्क खत्म कर लिए। पीड़िता ने इसकी जानकारी सास-ससुर को दी और बच्चों को लेकर ससुराल चली गई। यहां भी उसे घर में घुसने नहीं दिया गया।
पीड़िता ने अवर सिविल जज (जूडी)/न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 3 सीतापुर में वाद दाखिल किया। इसमें पक्षकारों के मध्य सुलहनामा हुआ कि वह अपने पति के सरकारी आवास में रहेगी और जब सरकारी आवास छूट जाएगा तब अपने पति के साथ रहेगी और पति प्रतिमाह 3000 और समय-समय पर वेतन बढ़ोतरी पर कुल वेतन का 25 फीसदी भरण पोषण देगा। आरोप है कुछ वर्ष तो पति ने खर्चा पानी दिया लेकिन बाद में बंद कर दिया। इस कारण बेटे की पढ़ाई बंद हो गई। आरोप है कि पति ने बिना विवाह विच्छेद किए दूसरी शादी कर ली है। सभी कागजों में दूसरी पत्नी और बच्चों के नाम शामिल कर लिए हैं।
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आरती ने बताया कि उनका विवाह 16 मई 1997 को आकाश सिंह से हुआ था। पति फिलहाल मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पद पर सिंचाई विभाग रानीखेत में कार्यरत हैं। विवाह के लगभग दो माह बाद ही पति को नलकूप खंड हल्द्वानी में नौकरी मिल गई। पति और उसके घरवाले दान दहेज की मांग पर पिटाई करने लगे। इसी बीच एक बेटा और एक और बेटी का जन्म हुआ। पति का हल्द्वानी से रुद्रपुर स्थानांतरण होने पर वह बच्चों को अपने साथ रुद्रपुर सरकारी आवास में ले आया और बच्चों का स्कूल में दाखिला करा दिया। इसी बीच बहन की शादी में मायके वालों की तरफ से दान दहेज दिए जाने पर पति ने उतना ही दहेज लाने को कहा। इसके बाद पति से सभी संपर्क खत्म कर लिए। पीड़िता ने इसकी जानकारी सास-ससुर को दी और बच्चों को लेकर ससुराल चली गई। यहां भी उसे घर में घुसने नहीं दिया गया।
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पीड़िता ने अवर सिविल जज (जूडी)/न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 3 सीतापुर में वाद दाखिल किया। इसमें पक्षकारों के मध्य सुलहनामा हुआ कि वह अपने पति के सरकारी आवास में रहेगी और जब सरकारी आवास छूट जाएगा तब अपने पति के साथ रहेगी और पति प्रतिमाह 3000 और समय-समय पर वेतन बढ़ोतरी पर कुल वेतन का 25 फीसदी भरण पोषण देगा। आरोप है कुछ वर्ष तो पति ने खर्चा पानी दिया लेकिन बाद में बंद कर दिया। इस कारण बेटे की पढ़ाई बंद हो गई। आरोप है कि पति ने बिना विवाह विच्छेद किए दूसरी शादी कर ली है। सभी कागजों में दूसरी पत्नी और बच्चों के नाम शामिल कर लिए हैं।
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