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सरकार को नहीं किसानों के दर्द से सरोकार : योगेंद्र

Tue, 10 Oct 2017 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  रुद्रपुर। 
अमर उजाला ब्यूरो  रुद्रपुर।  Updated Tue, 10 Oct 2017 12:25 AM IST
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Government not concerned about the pain of farmers: Yogendra
रुद्रपुर गल्ला मंडी में किसान मुक्ति यात्रा में किसानों को संबोधित करते वक्ता - फोटो : amar ujala
अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति के बैनर तले निकली किसान मुक्ति यात्रा सोमवार को रुद्रपुर पहुंची। इसमें किसानों को लागत मूल्य का डेढ़ गुना मूल्य देने और हर तरह के कर्ज से मुक्त करने की मांग उठाई गई। तय हुआ कि समिति के आह्वान पर 20 नवंबर को आहूत संसद घेराव में अधिक से अधिक संख्या में किसान भागीदारी करेंगे।
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सोमवार को गल्ला मंडी में एकत्र किसानों को संबोधित करते हुए यात्रा में शामिल और स्वराज इंडिया के संयोजक योगेंद्र यादव ने कहा कि देशभर में तमाम विभिन्नताओं के बावजूद किसानों का दुख-दर्द एक ही है। सरकार को किसान का दर्द समझ नहीं आता है। पंजाब, कर्नाटक और अन्य राज्यों से किसानों की आत्महत्याओं की खबरें आ रही है। अपने हक के लिए देश के कोने-कोन के किसान और अलग-अलग झंडे वाले भी एकजुट हो रहे हैं। कांग्रेस सरकार ने स्वामीनाथन कमेटी रिपोर्ट दरकिनार की थी, लेकिन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने का वायदा चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने वाली भाजपा ने सरकार बनने के बाद सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर किसानों को लागत से डेढ़ गुना मूल्य देने पर हाथ खड़े कर दिए। वर्ष-2007 में कमेटी की रिपोर्ट लागू होनी थी। तब से अब तक किसानों का दस साल का बकाया 15 लाख करोड़ हो चुका है, जबकि किसानों पर 14 लाख 36 हजार करोड़ का कर्ज है। किसान लेनदार हैं, देनदार नहीं है। किसान अगर एकजुट हो जाएं तो उनकी बातों को टालने की हिम्मत डीएम, सीएम और पीएम में भी नहीं हैं। 
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समिति के संयोजक वीएन सिंह ने कहा किसान कर्ज की जिंदगी जी रहा है। लाखों की तादाद में दिल्ली पहुंचकर किसान मोदी सरकार से हिसाब मांगेंगे। कमला पंत ने कहा समिति में 182 किसान संगठन शामिल हैं। किसानों के संघर्ष को मुकाम तक पहुंचाया जाएगा। महाराष्ट्र से आए राजू शेट्टी, तेलंगाना के चंद्रशेखर सिंह, मध्य प्रदेश के डॉ. नीलम, बरेली के गुरदीप सिंह ने किसानों की एकजुटता पर जोर दिया। 
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सिख संगठन के जसवीर सिंह, किसान सभा के गंगाधर नौटियाल, त्रिलोचन सिंह ने कहा कि किसान एकजुट होगा तो उसे किसी के आगे झुकने की जरूरत नहीं होगी। इस मौके पर तराई सिख महासभा के अध्यक्ष प्रतीम सिंह संधू, सचिव सुखदेव सिंह, तराई किसान संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह विर्क, तेजेंद्र सिंह विर्क, इकबाल सिंह, जगदीश सिंह, सर्वदयाल सिंह, भूपेंद्र सिंह, तरसेम सिंह, परगत सिंह संधू, दलजीत सिंह आदि मौजूद रहे।  

गजरौला में होगा तीसरे चरण की यात्रा का समापन
रुद्रपुर। स्वराज इंडिया के संयोजक योगेंद्र यादव ने बताया कि रुद्रपुर के बाद यात्रा का अगला पड़ाव बिजनौर में होगा। 11 अक्तूबर को तीसरे चरण की यात्रा का समापन गजरौला में होगा। उसके बाद पूर्वोत्तर के प्रदेशों के लिए यात्रा शुरू होगी। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से यत्रा की शुरुआत की गई थी।


टोपी और बिल्ले लगाए नजर आए किसान 
रुद्रपुर। सभास्थल में आए कईं किसान अपने संगठन का प्रतीक टोपी और बिल्ले लगाकर आए थे। किसान मजदूर संगठन में शामिल किसान टोपियां पहने थे। जय किसान आंदोलन के बिल्ले लगाए थे। वामपंथी किसान संगठन से जुड़े लोग झंडे तो लाए थे, लेकिन उन्होंने अयोजनस्थल से अलग रखा था।
 
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