{"_id":"5cd32717bdec220763579c5b","slug":"girls-make-rangoli","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटियों ने रंगोली में उकेरे अपने मनोभाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटियों ने रंगोली में उकेरे अपने मनोभाव
Thu, 09 May 2019 12:29 AM IST
अरुण कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: अरुण कुमार
Updated Thu, 09 May 2019 12:29 AM IST
विज्ञापन
काशीपुर में छात्राओं के ग्रुप के साथ अतिथि।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेटियों ने बुधवार को आकर्षक रंगोलियों के जरिये अपनी भावनाओं का इजहार किया। बेटियों की अहमियत, भ्रूण हत्या की बुराई, महिलाओं की शौर्यगाथाओं को बड़े ही सलीके से रंगोलियों में उकेरा। अवसर था अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत जीजीआईसी महुआखेड़ा गंज में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता का।
विज्ञापन
रंगोली प्रतियोगिता दो वर्गों में हुईं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ विषय पर छात्राओं ने सुंदर रंगोलियों के माध्यम से आज के दौर में बेटियों की अहमियत पर प्रकाश डाला। किसी ने गर्भ में भ्रूण हत्या को गलत बताया तो किसी ने रानी लक्ष्मीबाई की कृति के माध्यम से महिलाओं की शौर्य गाथा का बखान किया। कुछ छात्राओं ने बेटियों की आकृति बनाकर उन्हें पढ़ाने और आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान करीब 150 छात्राओं ने शपथ पत्र भी भरे।
विज्ञापन
प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में मीनाक्षी, सहरीन, सायबा, हसीना, शइमीन, साइस्ता प्रथम, उजमा, आस्था, जैनब, साजिया रहनूमा द्वितीय, नाजिस, नाजिया, नर्गिस, सोफिया, मुस्कान, शबाना तृतीय स्थान पर रहे। जूनियर वर्ग में पलक, सानिया, नजराना, समशिदा, मोनिका प्रथम, फिजा, कोमल, स्नेहा, गुड़िया, दीपिका द्वितीय, परिनिता, सौभा, आयशा, यतंशा, फिजा तृतीय स्थान पर रहे। योग प्रशिक्षक नमिता पंत ने छात्राओं को योगा की जानकारी दी। रक्षिता नागर ने भी बेहतर भविष्य के लिए टिप्स दिए।
विज्ञापन
कोट....
इस तरह के कार्यक्रमों से छात्राओं में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है। छात्राओं को अपने अधिकारों की जानकारी भी मिलती है। छात्राओं को ऐसे कार्यक्रमों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। अमर उजाला की अपराजिता मुहिम इस और एक कारगर कदम है।
- बबली यादव, प्रधानाचार्या, जीजीआईसी महुआखेड़ा गंज