{"_id":"57a4eea24f1c1b393a2b9b84","slug":"fumigation-space-being-gram","type":"story","status":"publish","title_hn":"चने की जगह दी जा रही घुनी हुई मटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चने की जगह दी जा रही घुनी हुई मटर
अमर उजाला ब्यूरो खटीमा
Updated Sat, 06 Aug 2016 01:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाल विकास परियोजना के तहत गर्भवती महिलाओं और बच्चों को टेकहोम योजना में बीते कुछ समय से चने की दाल की जगह मटर की दी जा रही है। लेकिन अब ये मटर की दाल भी घुनी हुई दी जाने लगी है। शुक्रवार को एक शिकायतकर्ता ने एसडीएम ऋचा सिंह को दाल सौंपी। जिसमें घुन साफ दिखाई दे रही थी। एसडीएम ने बाल विकास परियोजना अधिकारी को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिये है।
शुक्रवार को बंडिया निवासी गर्भवती महिला किरन के पति राम प्रवेश ने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री द्वारा दी गई दाल एसडीएम ऋचा सिंह को दी। राम प्रवेश ने बताया कि दो माह से उसकी पत्नी को चने की जगह मटर की दाल ही दी जा रही है। एसडीएम को सौंपी दाल में घुन साफ दिखायी दे रही थी। एसडीएम ने मामले को गंभीर मानते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी रोहिणी गर्ब्याल को कार्यालय में बुलवाया और दाल दिखायी और मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए कहा।
एसडीएम सिंह ने कहा कि सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने वालों को किसी भी स्थिति में बक्सा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सोमवार से वह स्वयं आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर टेक होम योजना के राशन की जांच करेंगी। एसडीएम ने तीन साल तक बच्चों को दिए जा रहे राशन पर भी नजर रखने को कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को बंडिया निवासी गर्भवती महिला किरन के पति राम प्रवेश ने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री द्वारा दी गई दाल एसडीएम ऋचा सिंह को दी। राम प्रवेश ने बताया कि दो माह से उसकी पत्नी को चने की जगह मटर की दाल ही दी जा रही है। एसडीएम को सौंपी दाल में घुन साफ दिखायी दे रही थी। एसडीएम ने मामले को गंभीर मानते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी रोहिणी गर्ब्याल को कार्यालय में बुलवाया और दाल दिखायी और मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए कहा।
विज्ञापन
एसडीएम सिंह ने कहा कि सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने वालों को किसी भी स्थिति में बक्सा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सोमवार से वह स्वयं आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर टेक होम योजना के राशन की जांच करेंगी। एसडीएम ने तीन साल तक बच्चों को दिए जा रहे राशन पर भी नजर रखने को कहा।
विज्ञापन