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Udham Singh Nagar News: कल्याणी नदी का जलस्तर हुआ कम जगतपुरा, मुखर्जीनगर, रंपुरा में हालात सामान्य
Thu, 20 Jul 2023 12:36 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 20 Jul 2023 12:36 AM IST
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काशीपुर के हिम्मतपुर में बाढ़ प्रभावितों से नुकसान की जानकारी लेती पटवारी मंजू बिष्ट। संवाद
बाढ़ जैसा मंजर होने पर 13 परिवारों को किया गया था राहत शिविर में शिफ्ट
रुद्रपुर। कल्याणी नदी का जलस्तर कम होने के बाद जगतपुरा, मुखर्जीनगर, रंपुरा के लोगों ने राहत की सांस ली है। जलभराव वाले क्षेत्रों में हालात सामान्य होने पर मंगलवार रात राहत शिविर में शिफ्ट किए गए लोग बुधवार की सुबह अपने घरों को लौट गए हैं।
अधिक वर्षा होने से मंगलवार दोपहर बाद कल्याणी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी समीप जगतपुरा, मुखर्जीनगर व रंपुरा में लोगों के घरों में पानी घुस गया। ऐसे में घरों के अंदर रखा सामान तैरने लगा था। जिला प्रशासन को सूचना मिलने के बाद अधिकारी व कर्मचारियों ने घटना स्थल में जाकर मौका मुआयना किया और लोगों को मंदिर व स्कूल में बनें राहत शिविर में शिफ्ट किया। मुखर्जीनगर से पांच तो रंपुरा से आठ परिवारों को राहत शिविर केंद्र में रहने व भोजन के पैकेट की व्यवस्था कराई गई थी। जिला आपदा प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक देर रात ही कल्याणी नदी का जलस्तर सामान्य होने लगा था। ऐसे में सुबह होते ही राहत शिविर में मौजूद लोग घरों को लौटने लगे। बुधवार सुबह होती ही लोग अपने घरों का सामान ठीक करने व साफ-सफाई करने में जुटे रहे। वार्ड-5 की कांग्रेस पार्षद प्रीति साना ने बताया कि नदी का जलस्तर कम होने से मुखर्जीनगर में स्थिति सामान्य हो गई है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमा शंकर नेगी ने कहा कि राहत शिविर में रुके लोगों को भोजन के पैकेट वितरित किए गए थे, उनके सोने के लिए गद्दों की भी व्यवस्था की गई थी।
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हिम्मतपुर के बाढ़ प्रभावित परिवार घर लौटे
- प्रशासन ने तत्काल राहत सहायता के लिए घर-घर सर्वे शुरू कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। हिम्मतपुर में बाढ़ से प्रभावित परिवार तीन दिन बाद अपने-अपने घरों को वापस लौट गए। पीड़ित परिवारों ने मंत्रियोंं के पानी से लबालब भरे गांव में स्थलीय निरीक्षण करने और प्रशासनिक अधिकारियों व समाजसेवियों के व्यवहार की सराहना की।
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ग्राम हिम्मतपुर के पास में बह रही बहल्ला नदी के उफान से देखते ही देखते गांव तालाब में तब्दील हो गया। राजस्व विभाग के कर्मचारियों की सजगता से एनडीआरएफ की टीम, समाजसेवीयों ने अधिकारियों के साथ जलभराव से प्रभावित 49 परिवारों को 16 जुलाई की देर रात तक राधेहरि महाविद्यालय में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचाया था। प्रशासन व चैती चौराहा के पास स्थित गुरुद्वारा प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था की। मंगलवार की रात पटवारी मंजू बिष्ट व दौलत सिंह ने सभी प्रभावित परिवारों को उनके घर तक छोड़ दिया। बुधवार को राजस्व टीम ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सहायता पांच-पांच हजार देने के लिए घर-घर जाकर सर्वे कर सत्यापन किया जा रहा है। जिन प्रभावितों की झोपड़ियां गिर गई थीं। उनकी अलग से सूची बनाई जा रही है।
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रुद्रपुर। कल्याणी नदी का जलस्तर कम होने के बाद जगतपुरा, मुखर्जीनगर, रंपुरा के लोगों ने राहत की सांस ली है। जलभराव वाले क्षेत्रों में हालात सामान्य होने पर मंगलवार रात राहत शिविर में शिफ्ट किए गए लोग बुधवार की सुबह अपने घरों को लौट गए हैं।
अधिक वर्षा होने से मंगलवार दोपहर बाद कल्याणी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी समीप जगतपुरा, मुखर्जीनगर व रंपुरा में लोगों के घरों में पानी घुस गया। ऐसे में घरों के अंदर रखा सामान तैरने लगा था। जिला प्रशासन को सूचना मिलने के बाद अधिकारी व कर्मचारियों ने घटना स्थल में जाकर मौका मुआयना किया और लोगों को मंदिर व स्कूल में बनें राहत शिविर में शिफ्ट किया। मुखर्जीनगर से पांच तो रंपुरा से आठ परिवारों को राहत शिविर केंद्र में रहने व भोजन के पैकेट की व्यवस्था कराई गई थी। जिला आपदा प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक देर रात ही कल्याणी नदी का जलस्तर सामान्य होने लगा था। ऐसे में सुबह होते ही राहत शिविर में मौजूद लोग घरों को लौटने लगे। बुधवार सुबह होती ही लोग अपने घरों का सामान ठीक करने व साफ-सफाई करने में जुटे रहे। वार्ड-5 की कांग्रेस पार्षद प्रीति साना ने बताया कि नदी का जलस्तर कम होने से मुखर्जीनगर में स्थिति सामान्य हो गई है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमा शंकर नेगी ने कहा कि राहत शिविर में रुके लोगों को भोजन के पैकेट वितरित किए गए थे, उनके सोने के लिए गद्दों की भी व्यवस्था की गई थी।
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हिम्मतपुर के बाढ़ प्रभावित परिवार घर लौटे
- प्रशासन ने तत्काल राहत सहायता के लिए घर-घर सर्वे शुरू कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। हिम्मतपुर में बाढ़ से प्रभावित परिवार तीन दिन बाद अपने-अपने घरों को वापस लौट गए। पीड़ित परिवारों ने मंत्रियोंं के पानी से लबालब भरे गांव में स्थलीय निरीक्षण करने और प्रशासनिक अधिकारियों व समाजसेवियों के व्यवहार की सराहना की।
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ग्राम हिम्मतपुर के पास में बह रही बहल्ला नदी के उफान से देखते ही देखते गांव तालाब में तब्दील हो गया। राजस्व विभाग के कर्मचारियों की सजगता से एनडीआरएफ की टीम, समाजसेवीयों ने अधिकारियों के साथ जलभराव से प्रभावित 49 परिवारों को 16 जुलाई की देर रात तक राधेहरि महाविद्यालय में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचाया था। प्रशासन व चैती चौराहा के पास स्थित गुरुद्वारा प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था की। मंगलवार की रात पटवारी मंजू बिष्ट व दौलत सिंह ने सभी प्रभावित परिवारों को उनके घर तक छोड़ दिया। बुधवार को राजस्व टीम ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सहायता पांच-पांच हजार देने के लिए घर-घर जाकर सर्वे कर सत्यापन किया जा रहा है। जिन प्रभावितों की झोपड़ियां गिर गई थीं। उनकी अलग से सूची बनाई जा रही है।

काशीपुर के हिम्मतपुर में बाढ़ प्रभावितों से नुकसान की जानकारी लेती पटवारी मंजू बिष्ट। संवाद