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देश में बनेंगे पांच बायोएनर्जी सेंटर : डॉ. हर्षवर्द्धन

Sat, 23 Apr 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर Updated Sat, 23 Apr 2016 12:18 AM IST
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  five Bio Energy Centre will open  in the country: Dr. Harshvardhan
बायोएनर्जी सेंटर बनेंगे। - फोटो : Amar Ujala

केंद्रीय मंत्री विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान डॉ. हर्षवर्द्धन ने कहा कि आने वाले सालोें में देश में पांच बायोएनर्जी सेंटर बनेंगे। जिसमें 100 से अधिक वैज्ञानिक रिसर्च करेंगे। शुक्रवार को बाजपुर रोड स्थित इंडिया ग्लाईकोल लि. (आईजीएल) में केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने भारत के प्रथम (2जी) एल्कोहल प्रदर्शन संयंत्र का उद्घाटन किया। 

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कार्यक्रम में डॉ. हर्षवर्द्धन ने कहा कि आधुनिक समय में विश्वविद्यालय अनुसंधान केंद्र में विकसित तकनीक भारत के तीन आयामी मिशन स्टार्ट-अप इंडिया, मेक इन इंडिया और स्वच्छ भारत के लिए महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। देश में विभिन्न शोधों पर काम चल रहा है, लेकिन जरूरत है कि बायोटेक्निकल क्षेत्र में काम करने वाले उद्योग इन टेक्नोलॉजी को हाथ में लेकर इसे सफल बनाना के लिए आगे आएं। 
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भविष्य में हमें ऐथेनॉल से ब्यूटोनॉल की ओर जाना है। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत, स्टार्ट-अप कोई स्लोगन नहीं है। इस पर बेहद चिंतन किया गया, तब जाकर इन कार्यक्रमों की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि जो लोग हिम्मत जुटाते है, वहीं आगे बढ़ते है। आईजीएल के सीएमडी यूएस भरतिया ने कहा कि यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि अब तक आईजीएल ही विश्व में एक मात्र ग्रीन एल्कोहल (बायो एमईजी) का विक्रेता है। 
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जोकि पीईटी का 30 प्रतिशत घटक है। यह संयंत्र स्वदेशी और अद्भुत डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (डीबीटी), इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (आईसीटी) (2जी) एल्कोहल तकनीक जोकि डीबीटी-आईसीटी ऊर्जा और जैव विज्ञान केंद्र की ओर से रसायनिक और प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई में विकसित की गई है। कहा कि यह देश का प्रथम केंद्र है, जो बायो एनर्जी के लिए समर्पित है। 

प्रोफेसर एमएम शर्मा ने कहा कि डीबीटी आईसीटी (2जी) तकनीक द्वारा केवल चीनी का फरमनटेशन ही नहीं किया जा सकता, बल्कि इसका उपयोग एथेनॉल ईंधन के साथ ही ग्रीन केमिकल और भोजन सामग्री के अनुपूरक के रूप में भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 2007 में 2जी एथेनॉल की एक उत्पाद के रुप में खोजबीन शुरू की गई थी। 

डीबीटी मुख्य सलाहकार डॉ. रेनू स्वरूप ने कहा कि आईजीएल, डीबीटी-आईसीटी के साथ मिलकर एक नए प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। जिसके तहत 2जी ग्रीन पीटीए बनाया जाएगा, जोकि 2जी शुगर कृषि अपशिष्ट पदार्थों से तैयार किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन, सांसद भगत सिंह कोश्यारी समेत अन्य अतिथियों ने फैक्ट्री में ही पौधरोपण भी किया। इस दौरान डीबीटी आईसीटी हेड प्रोफेसर अरविंद लाली, प्रोफेसर जीडी यादव, विधायक हरभजन सिंह चीमा, आशीष गुप्ता, मनोज जोशी, उमेश जोशी, पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल, मुक्ता सिंह, इंदूमान, खिलेंद्र चौधरी, मेयर उषा चौधरी आदि थे। 


भारत का विश्व गुरु बनाने का है प्रयास 
काशीपुर। केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रयास भारत के 65 प्रतिशत नौजवान, जिनके पास असाधारण ज्ञान का है उनको साथ लेकर देश को विश्व गुरु बनाने का है। भारत को ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए वह दिन रात नए-नए विषयों पर चर्चा करते हैं। उन चर्चाओं से कुछ न कुछ निष्कर्ष निकाल लेते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने भी भारत की तरक्की के लिए जय विज्ञान की बात कही थी। 

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