दो दुकानों में लगी भीषण आग
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गोल मार्केट में मिठाई और कपड़े की दुकान में भीषण आग लग गई। दमकल विभाग और कंपनियों की आठ गाड़ियों को आग पर काबू पाने में ढाई घंटे का समय लग गया। दोनों दुकानों में आग से करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है। आग की वजह शार्ट सर्किट होना बताया जा रहा है।
शुक्रवार देर रात पौने दो बजे गोल मार्केट स्थित मंगलम स्वीट्स में अचानक आग की लपटें उठनी शुरु हो गईं। दुकान में मौजूद करीब पांच कर्मचारियों और लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग ने विकराल रुप धारण कर लिया। सूचना पर इलाके की विद्युत सप्लाई बंद कर दी थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर आग बुझाने में जुट गई। लेकिन आग कम होने के बजाय बगल में कपड़े की दुकान चावला इंपोरियम तक पहुंच गई। जिसके बाद सिडकुल, बजाज, हिंदुस्तान जिंक, टाटा और अशोका लीलेंड कंपनी से दमकल वाहन मंगाए गए। सीएफओ एनएस कुंवर और एफएसओ हरीश गिरी मातहतों के साथ आग बुझाने में जुटे रहे। आग को देख आसपास रहने वाले लोग दहशत के मारे घरों से बाहर निकल आए। बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ भी घटनास्थल पर जुट गई। लोगों के साथ ही कोतवाली पुलिस ने भी आग बुझाने में सहयोग किया। दुकान के बाहर खड़ी दो बाइक और एक स्कूटी के अलावा दुकान में रखी एक स्कूटी भी जलकर राख हो गई। इस दौरान घटनास्थल के आसपास अफरातफरी का माहौल बना रहा। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। मंगलम स्वीट्स के स्वामी, एलाइंस कालोनी निवासी प्रहलाद अग्रवाल और चावला इम्पोरियम के मालिक भारत भूषण चावला ने करोड़ों का नुकसान होने की बात कही है। एफएसओ हरीश गिरी ने बताया कि भीषण अग्निकांड में मंगलम स्वीट्स के अलावा कपड़े की दुकान पूरी तरह जल गई, लेकिन दूसरी मंजिल में काफी कुछ हिस्सा जलने से बचा लिया। आग से करोड़ों का नुकसान होने का अंदेशा है।
6 भरे और 11 खाली सिलेंडर निकले
रुद्रपुर। भीषण अग्निकांड में स्वीट्स और कपड़े की दुकान की दूसरी मंजिल में 6 भरे और 11 खाली व्यवसायिक सिलेंडर रखे हुए थे। शुक्र रहा कि एक भी सिलेंडर आग की चपेट में नहीं आया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। जैसे ही दमकलकर्मियों को दूसरी मंजिल में सिलेंडर होने का पता चला, उन्होंने तत्काल सिलेंडरों को बाहर निकलवाया।
व्यापारियों का रो-रोकर बुरा हाल
रुद्रपुर। जिन प्रतिष्ठानों को खड़ा करने में व्यापारियों ने जी जान लगा दी, उनमें आग की लपटें उठती देख उनके आंसू नहीं थम सके। दुकानों को जलता देख व्यापारी और उनके परिजनों के आंसू बहते रहे। एक व्यापारी का पुत्र तो पहले प्रतिष्ठान में लगी आग बुझाने में जुटा रहा और बाद में रेस्टोरेंट का हाल देखकर आंखें भर आईं।
अक्टूबर में खुली थी कपड़ों की दुकान
रुद्रपुर। बिलासपुर निवासी भारत भूषण चावला ने कपड़े की दुकान दीपावली के आसपास खोली थी। इससे पहले उन्होंने कुछ समय तक मेडिकल स्टोर भी चलाया था। लेकिन घाटा होने पर मेडिकल स्टोर बंद करने के बाद उन्होंने कपड़े की दुकान खोली थी। लेकिन शुक्रवार की तड़के लगी आग ने सब कुछ तबाह कर दिया। हालांकि आग बुझने के बाद लोगों ने दो काउंटरों के अलावा कुछ हजारों के कपड़े जलने से निकाल दिए थे।