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तस्करों ने पुलिस टीम पर झोंके फायर
अमर उजाला ब्यूरो, गदरपुर
Updated Fri, 03 Mar 2017 11:26 PM IST
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गदरपुर थाने में खड़ा खैर से भरा कैंटर।
- फोटो : अमर उजाला
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मुखबिर की सूचना पर लकड़ी तस्करों को पकड़ने गई पुलिस की एसओजी टीम पर बृहस्पतिवार देर रात तस्करों ने फायरिंग कर दी। एसओजी टीम की गई जवाबी फायरिंग से बाइक सवार दो तस्कर मौके से फरार हो गए,जबकि तीन तस्करों को टीम ने खैर के 170 गिल्टों से भरे कैंटर के साथ दबोच लिया। इनके खिलाफ केस दर्ज कर इन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर फरार तस्करों को भी चिन्हित कर लिया है। तस्करों से बरामद खैर के गिल्टों की कीमत करीब 50 लाख बताई जा रही है।
गदरपुर कोतवाली के थानाध्यक्ष प्रभात कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को एसओजी की टीम को सूचना मिली कि खैर के गिल्टों से भरा एक कैंटर बिलासपुर की तरफ जा रहा है। इस पर एसओजी टीम प्रभारी जसवंत सिंह के नेतृत्व में फौरन मौके पर पहुंच गई। सकैनिया के समीप टीम को लकड़ी से लदा कैंटर दिखा तो टीम ने कैंटर का पीछा किया। गूलरभोज मोड़ पर टीम ने घेराबंदी कर कैंटर को रोक लिया। इसी दौरान कैंटर के पीछे अपाची बाइक पर सवार होकर आए दो तस्करों ने एसओजी टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। टीम ने जवाबी फायरिंग की तो तस्कर बाइक को मौके पर ही छोड़कर जंगल की तरफ भाग गए, लेकिन कैंटर में बैठे तीन तस्करों को एसओजी की टीम ने दबोच लिया।
लकड़ी से लदे कैंटर, बाइक के साथ ही एसओजी ने तीनों तस्करों को हिरासत में लेकर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। पूछताछ में तस्करों ने अपना नाम मोनू उर्फ सद्दाम निवासी इंदिरापुर इटावा यूपी, शाजिद निवासी शाहबापुर थाना बिबनी जिला मैनपुरी यूपी, आलम निवासी मोहल्ला काशीपुर थाना स्वार जिला रामपुर यूपी बताया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एसओजी टीम पर फायरिंग कर फरार हुए तस्करों की पहचान गुरनाम निवासी कलकत्ती थाना गदरपुर, अरशद निवासी काशीपुर आंगा थाना गंज जिला रामपुर के रूप में की है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को दबोचने प्रयास शुरू कर दिए हैं। कैंटर में भरे खैर के 170 गिल्टों की कीमत करीब 50 लाख रुपए बताई जा रही है। पकड़े गए तस्करों के खिलाफ पुलिस संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की तैयारी कर रही है।
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गदरपुर। सकैनिया क्षेत्र से लगे पीपली जंगल में तस्करों द्वारा वन विभाग की मिलीभगत से आए दिन लाखों की खैर की लकड़ी चोरी हो रही है। इसमें बाहरी राज्यों के तस्करों के साथ ही स्थानीय तस्कर भी शामिल हैं। पुलिस एवं वन विभाग की लापरवाही के चलते तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं। इसी कारण वह धड़ल्ले से तस्करी करने के साथ ही पुलिस और वन कर्मियों पर फायरिंग तक करने लगे हैं। बृहस्पतिवार रात को भी एसओजी द्वारा जब तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया गया तो उनके द्वारा एसओजी टीम पर भी फायरिंग की गई लेकिन एसओजी की सतर्कता से तस्कर उनकी पकड़ में आ गए।
गदरपुर कोतवाली के थानाध्यक्ष प्रभात कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को एसओजी की टीम को सूचना मिली कि खैर के गिल्टों से भरा एक कैंटर बिलासपुर की तरफ जा रहा है। इस पर एसओजी टीम प्रभारी जसवंत सिंह के नेतृत्व में फौरन मौके पर पहुंच गई। सकैनिया के समीप टीम को लकड़ी से लदा कैंटर दिखा तो टीम ने कैंटर का पीछा किया। गूलरभोज मोड़ पर टीम ने घेराबंदी कर कैंटर को रोक लिया। इसी दौरान कैंटर के पीछे अपाची बाइक पर सवार होकर आए दो तस्करों ने एसओजी टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। टीम ने जवाबी फायरिंग की तो तस्कर बाइक को मौके पर ही छोड़कर जंगल की तरफ भाग गए, लेकिन कैंटर में बैठे तीन तस्करों को एसओजी की टीम ने दबोच लिया।
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लकड़ी से लदे कैंटर, बाइक के साथ ही एसओजी ने तीनों तस्करों को हिरासत में लेकर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। पूछताछ में तस्करों ने अपना नाम मोनू उर्फ सद्दाम निवासी इंदिरापुर इटावा यूपी, शाजिद निवासी शाहबापुर थाना बिबनी जिला मैनपुरी यूपी, आलम निवासी मोहल्ला काशीपुर थाना स्वार जिला रामपुर यूपी बताया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एसओजी टीम पर फायरिंग कर फरार हुए तस्करों की पहचान गुरनाम निवासी कलकत्ती थाना गदरपुर, अरशद निवासी काशीपुर आंगा थाना गंज जिला रामपुर के रूप में की है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को दबोचने प्रयास शुरू कर दिए हैं। कैंटर में भरे खैर के 170 गिल्टों की कीमत करीब 50 लाख रुपए बताई जा रही है। पकड़े गए तस्करों के खिलाफ पुलिस संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की तैयारी कर रही है।
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गदरपुर। सकैनिया क्षेत्र से लगे पीपली जंगल में तस्करों द्वारा वन विभाग की मिलीभगत से आए दिन लाखों की खैर की लकड़ी चोरी हो रही है। इसमें बाहरी राज्यों के तस्करों के साथ ही स्थानीय तस्कर भी शामिल हैं। पुलिस एवं वन विभाग की लापरवाही के चलते तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं। इसी कारण वह धड़ल्ले से तस्करी करने के साथ ही पुलिस और वन कर्मियों पर फायरिंग तक करने लगे हैं। बृहस्पतिवार रात को भी एसओजी द्वारा जब तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया गया तो उनके द्वारा एसओजी टीम पर भी फायरिंग की गई लेकिन एसओजी की सतर्कता से तस्कर उनकी पकड़ में आ गए।