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कुमाऊं में एक लाख, 69 हजार किसानों को मिलेंगे मृदा स्वास्थ्य कार्ड 

Wed, 04 Apr 2018 12:32 AM IST
कीर्तिराज रुमाल  रुद्रपुर।
कीर्तिराज रुमाल  रुद्रपुर। Updated Wed, 04 Apr 2018 12:32 AM IST
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farmers will get soil health card
प्रतीकात्मक - फोटो : Amar Ujala

कुमाऊं के छह जिलों से भरे गए 33,997 मिट्टी के नमूनों के सापेक्ष एक लाख, 69 हजार किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलेंगे। इन मृदा स्वास्थ्य कार्डों के आधार पर किसान अपने खेतों में उर्वरकों के अनावश्यक इस्तेमाल से बच सकते हैं। किसान अपने जिले की प्रयोगशाला से स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। यह कार्ड दो साल तक मान्य होगा।

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भारत सरकार की मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत वर्ष 2018-19 में कुमाऊं में मिट्टी की उर्वरता शक्ति की जांच के लिए 33,397 नमूने भरे गए थे। ढाई हेक्टेअर जमीन में एक नमूना भरने के मानक के अनुसार, इस वर्ष कुमाऊं में एक लाख, 69 हजार, 535 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलेंगे। किसान इन मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अपने जिले में स्थित भूमि परीक्षण कार्यशाला से प्राप्त कर सकते हैं।
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भूमि परीक्षण मंडलीय कार्यशाला के सहायक निदेशक मोहम्मद ताहिर ने बताया नमूनों के आधार पर किसानों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार हो गए हैं। इन मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार किसान दो वर्ष तक खेती में उर्वरकों का आवश्यकतानुसार उपयोग कर सकते हैं। 
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वर्ष 2018-19 के लिए किसानों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड 
जिला                    नमूने मृदा            स्वास्थ्य कार्ड  
ऊधम सिंह नगर        20,111            41,997 
नैनीताल                    4630            17,404 
अल्मोड़ा                    4002            45,285 
बागेश्वर                    1247            22,060 
पिथौरागढ़                1926                29,747 
चंपावत                    1481            13,042 

मिट्टी में नाइट्रोजन, पोटाश और फॉस्फेट की कमी 
रुद्रपुर। भूमि परीक्षण मंडलीय कार्यशाला में मिट्टी की शुरुआती जांच में प्रमुख पोषक तत्वों नाइट्रोजन, पोटाश और फॉस्फेट में 40 से 50 फीसदी कमी आई है। इसके अलावा सूक्ष्म पोषक तत्व बोरान, जिंक, मैगनीज, कॉपर, आयरन की मात्रा कम, जबकि सल्फर की मात्रा पर्याप्त है। सहायक निदेशक ताहिर का कहना है कि पोषक तत्वों की विधिवत रिपोर्ट एक माह में तैयार हो जाएगी। 

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