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Udham Singh Nagar News: नई धान खरीद नीति के खिलाफ किसानों में नाराजगी
Tue, 18 Aug 2026 12:31 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 18 Aug 2026 12:31 AM IST
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सितारगंज। अखिल भारतीय किसान सभा ने किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। किसानों ने धान खरीद नीति में बदलाव और जलाशयों की भूमि पर बसे लोगों के इलाके को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर के किसान व्यापक आंदोलन करेंगे।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान धान खरीद नीति से किसानों का शोषण हो रहा है। इस नीति के कारण प्रदेश के किसानों को प्रतिवर्ष करीब तीन से चार हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि कच्चे आढ़तियों, उत्तराखंड सहकारी फेडरेशन (यूसीएफ) और अन्य सहकारी केंद्रों से धान खरीद बंद की जाए। पहले की तरह केवल राज्य खाद्य निगम (आरएफसी) के माध्यम से धान खरीद कराई जाए। किसानों ने कहा कि कच्चे आढ़ती और सहकारिता धान क्रय केंद्र किसानों को उनकी फसल का 30 से 40 फीसदी कम दाम देते हैं जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। वहां अंगदेव सिंह, बलवंत बोरा, सुमित हालदार, पप्पू आदि थे। संवाद
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चीनी मिल बोर्ड का चुनाव और गन्ने का मूल्य तय हो
किसान सभा ने सितारगंज किसान सहकारी चीनी मिल के बोर्ड का चुनाव कराने की भी मांग की। उन्होंने मिल का संचालन निर्वाचित बोर्ड के माध्यम से कराने पर जोर दिया। इसके अलावा 1966 के शुगर कंट्रोल अधिनियम की धारा तीन को बनाए रखते हुए गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की मांग की गई। यह मूल्य स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले सी2+50 फीसदी के आधार पर तय करने को कहा गया। किसानों ने गन्ने का मूल्य 550 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाने की भी मांग की।
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ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान धान खरीद नीति से किसानों का शोषण हो रहा है। इस नीति के कारण प्रदेश के किसानों को प्रतिवर्ष करीब तीन से चार हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि कच्चे आढ़तियों, उत्तराखंड सहकारी फेडरेशन (यूसीएफ) और अन्य सहकारी केंद्रों से धान खरीद बंद की जाए। पहले की तरह केवल राज्य खाद्य निगम (आरएफसी) के माध्यम से धान खरीद कराई जाए। किसानों ने कहा कि कच्चे आढ़ती और सहकारिता धान क्रय केंद्र किसानों को उनकी फसल का 30 से 40 फीसदी कम दाम देते हैं जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। वहां अंगदेव सिंह, बलवंत बोरा, सुमित हालदार, पप्पू आदि थे। संवाद
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चीनी मिल बोर्ड का चुनाव और गन्ने का मूल्य तय हो
किसान सभा ने सितारगंज किसान सहकारी चीनी मिल के बोर्ड का चुनाव कराने की भी मांग की। उन्होंने मिल का संचालन निर्वाचित बोर्ड के माध्यम से कराने पर जोर दिया। इसके अलावा 1966 के शुगर कंट्रोल अधिनियम की धारा तीन को बनाए रखते हुए गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की मांग की गई। यह मूल्य स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले सी2+50 फीसदी के आधार पर तय करने को कहा गया। किसानों ने गन्ने का मूल्य 550 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाने की भी मांग की।
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