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Udham Singh Nagar News: आलू-टमाटर को अगेती-पछेती झुलसा रोग से बचाएं किसान, वैज्ञानिकों ने प्रमुख कृषि कार्याें के लिए जारी की एडवाइजरी
Thu, 01 Feb 2024 12:08 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 01 Feb 2024 12:08 AM IST
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पंतनगर। जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने फरवरी के पहले पखवाड़े में किए जाने वाले प्रमुख कृषि कार्यों के लिए एडवाइजरी जारी की है। कृषि विशेषज्ञ डाॅ. एके शर्मा ने बताया कि किसान आलू और टमाटर की फसल को अगेती व पछेती झुलसा रोग से बचाने के लिए मैंकोजेब का छिड़काव करें।
किसान जनवरी में रोपी प्याज में एक माह पर सिंचाई कर यूरिया की टाप ड्रेसिंग करें। प्याज को पर्पिल ब्लांच से बचाने के लिए मैंकोजेब और यदि थ्रिप्स कीट लगे हों तो फास्फेमिडान पानी में घोलकर छिड़काव करें। लहसुन में बुवाई के 60 दिन बाद सिंचाई कर नत्रजन की दूसरी टाप ड्रेसिंग करें। नवंबर में बोई बैंगन व टमाटर के पौध की रोपाई पहले सप्ताह में कर दें। बसंत ऋतु की सब्जियों की बुवाई का सही समय है। ये ज्यादातर बेलदार फसलें हैं और मेड़ों के किनारों पर बुवाई करें। घीया (लौकी), करेला, खीरा, तोरी, फ्रांसबीन, कद्दू, भिंडी व लाबिया की बुवाई करें। सभी सब्जी वाली फसलों में बुवाई के समय गोबर की सड़ी खाद के साथ उर्वरकों का संतुलित मात्रा में प्रयोग करें। निचले पर्वतीय क्षेत्र में टमाटर, बैंगन, मिर्च व शिमला मिर्च की बीजाई करें। ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र में पाॅलीहाउस में टमाटर, बैगन, मिर्च, शिमला मिर्च की बीजाई करें। मटर की अर्किल प्रजाति की बीजाई करें।
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गेहूं-जौ में बाली आने से पहले करें सिंचाई
पंतनगर। गेहूं व जौ की फसलों में बाली आने से पूर्व सिंचाई कर यूरिया की टाॅप ड्रेसिंग करें। सितंबर और अक्तूबर में बोई शरदकालीन गन्ने में निराई, गुड़ाई व सिंचाई करें। देर से बोई फसल में गांठ बनने की अवस्था पर सिंचाई कर यूरिया की टाॅप ड्रेसिंग करें। पीला रतुआ रोग होने पर प्रोपिकोनाजोल अथवा टेबुकोनाजोल का छिड़काव करें। राई व देर से बोई पीली सरसों में फूल व फलियां बनते समय हल्की सिंचाई करें। माहू (चेंपा) कीट के लिए एजैडिरेक्टिन या थियामेथोक्सम का छिड़काव करें। चना, मसूर व मटर को पाले से बचाने के लिए हल्की सिंचाई या खेत के मेड़ों पर कूड़ा-करकट जलाकर धुआं करें।
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बागवान यह करें
पंतनगर। आम में फंफूद जनित रोग के लिए सूखी टहनियों को नीचे से काटकर उस पर काॅपर ऑक्सीक्लोराइड का लेप करें। साथ ही फंफूद नाशक का छिड़काव भी करें। फल जब सरसों के दाने के बराबर हो तब दूसरा और मटर के दाने बराबर होने पर तीसरा छिड़काव करें। खर्रा रोग (पाउडरी मिल्डयू) के लिए गंधक का छिड़काव करें। दूसरे पखवाड़े में कैराथेन का छिड़काव करें। भुनगा कीट के लिए मोनोक्रोटोफाॅस या इमिडाक्लोप्रिड का छिड़काव करें। श्यामवर्ण (एंथ्रेक्नोज) के लिए इंडोफिल का छिड़काव करें। नींबू में कीड़ों के लिए कल्ले निकलते समय इमिडाक्लोप्रिडया क्वीनालफासया कार्बारिल के सप्ताह अंतराल पर दो छिड़काव करें। छाल खाने व तनों में छेद करने वाली सूंड़ी के लिए स्ट्रेप्टोसाइक्लिन का छिड़काव करें। इस माह अंगूर, आडू, आलूचा, अनार, नाशपाती आदि की रोपाई करें।
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किसान जनवरी में रोपी प्याज में एक माह पर सिंचाई कर यूरिया की टाप ड्रेसिंग करें। प्याज को पर्पिल ब्लांच से बचाने के लिए मैंकोजेब और यदि थ्रिप्स कीट लगे हों तो फास्फेमिडान पानी में घोलकर छिड़काव करें। लहसुन में बुवाई के 60 दिन बाद सिंचाई कर नत्रजन की दूसरी टाप ड्रेसिंग करें। नवंबर में बोई बैंगन व टमाटर के पौध की रोपाई पहले सप्ताह में कर दें। बसंत ऋतु की सब्जियों की बुवाई का सही समय है। ये ज्यादातर बेलदार फसलें हैं और मेड़ों के किनारों पर बुवाई करें। घीया (लौकी), करेला, खीरा, तोरी, फ्रांसबीन, कद्दू, भिंडी व लाबिया की बुवाई करें। सभी सब्जी वाली फसलों में बुवाई के समय गोबर की सड़ी खाद के साथ उर्वरकों का संतुलित मात्रा में प्रयोग करें। निचले पर्वतीय क्षेत्र में टमाटर, बैंगन, मिर्च व शिमला मिर्च की बीजाई करें। ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र में पाॅलीहाउस में टमाटर, बैगन, मिर्च, शिमला मिर्च की बीजाई करें। मटर की अर्किल प्रजाति की बीजाई करें।
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गेहूं-जौ में बाली आने से पहले करें सिंचाई
पंतनगर। गेहूं व जौ की फसलों में बाली आने से पूर्व सिंचाई कर यूरिया की टाॅप ड्रेसिंग करें। सितंबर और अक्तूबर में बोई शरदकालीन गन्ने में निराई, गुड़ाई व सिंचाई करें। देर से बोई फसल में गांठ बनने की अवस्था पर सिंचाई कर यूरिया की टाॅप ड्रेसिंग करें। पीला रतुआ रोग होने पर प्रोपिकोनाजोल अथवा टेबुकोनाजोल का छिड़काव करें। राई व देर से बोई पीली सरसों में फूल व फलियां बनते समय हल्की सिंचाई करें। माहू (चेंपा) कीट के लिए एजैडिरेक्टिन या थियामेथोक्सम का छिड़काव करें। चना, मसूर व मटर को पाले से बचाने के लिए हल्की सिंचाई या खेत के मेड़ों पर कूड़ा-करकट जलाकर धुआं करें।
बागवान यह करें
पंतनगर। आम में फंफूद जनित रोग के लिए सूखी टहनियों को नीचे से काटकर उस पर काॅपर ऑक्सीक्लोराइड का लेप करें। साथ ही फंफूद नाशक का छिड़काव भी करें। फल जब सरसों के दाने के बराबर हो तब दूसरा और मटर के दाने बराबर होने पर तीसरा छिड़काव करें। खर्रा रोग (पाउडरी मिल्डयू) के लिए गंधक का छिड़काव करें। दूसरे पखवाड़े में कैराथेन का छिड़काव करें। भुनगा कीट के लिए मोनोक्रोटोफाॅस या इमिडाक्लोप्रिड का छिड़काव करें। श्यामवर्ण (एंथ्रेक्नोज) के लिए इंडोफिल का छिड़काव करें। नींबू में कीड़ों के लिए कल्ले निकलते समय इमिडाक्लोप्रिडया क्वीनालफासया कार्बारिल के सप्ताह अंतराल पर दो छिड़काव करें। छाल खाने व तनों में छेद करने वाली सूंड़ी के लिए स्ट्रेप्टोसाइक्लिन का छिड़काव करें। इस माह अंगूर, आडू, आलूचा, अनार, नाशपाती आदि की रोपाई करें।