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निरीक्षण में बंद लेकिन चलती पाई गईं आठ फैक्ट्रियां
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर।
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:05 AM IST
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पीसीबी के निरीक्षण में बंद और सफेद श्रेणी में दर्शायी गई सितारगंज की आठ फैक्ट्रियां चलती हुई पाई गईं हैं। अब पीसीबी ने इन आठ फैक्ट्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक महीने के अंदर यह फैक्ट्रियां जवाब दाखिल नहीं करती हैं तो इन्हें बंद करने के आदेश जारी किए जाएंगे।
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बीते दिनों केंद्रीय पीसीबी की टीम सितारगंज सिडकुल फैक्ट्रियों का निरीक्षण करने पहुंची थी। इस दौरान टीम को बताया गया कि सिडकुल में आठ फैक्ट्रियां या तो बंद हो चुकी हैं या सफेद श्रेणी में आती है। इस पर टीम ने उन फैक्ट्रियों का निरीक्षण नहीं किया।
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बाद में उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की टीम ने सिडकुल के डेटा में आठों फैक्ट्रियों को बंद पाया। टीम ने इन फैक्ट्रियों का दोबारा निरीक्षण करने का निर्णय लिया। टीम ने जब सितारगंज की इन फैक्ट्रियों का दोबारा निरीक्षण किया तो आठों फैक्ट्रियां चलती हुई पाई गई। इतना ही नहीं आठों फैक्ट्रियां सफेद श्रेणी में भी नहीं पाई गई। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अंकुर कंसल ने बताया कि निरीक्षण में सभी फैक्ट्रियां चलती हुई पाई गईं।
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उन्होंने बताया कि इन फैक्ट्रियों को सफेद श्रेणी में दर्शाया गया है, लेकिन कोई भी फैक्ट्री सफेद श्रेणी की नहीं मिली। डॉ. कंसल ने बताया कि सफेद श्रेणी में आने वाली फैक्ट्रियों को पीसीबी से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होती है। जबकि लाल, ऑरेंज व ग्रीन श्रेणी की फैक्ट्रियों को पीसीबी से अनुमति लेना जरूरी है। आठों फैक्ट्रियों को तीन जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक माह के भीतर जवाब देने को कहा गया है। यदि संतुष्ट जवाब नहीं आता है तो आठों फैक्ट्रियों को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।