फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Extreme heat affects unseasonal paddy yield

Udham Singh Nagar News: भीषण गर्मी से बेमौसमी धान की उपज पर असर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jun 2024 11:18 PM IST
विज्ञापन
Extreme heat affects unseasonal paddy yield
सितारगंज।
विज्ञापन

भीषण गर्मी और पानी की कमी का असर बेमौसमी धान की फसल पर भी देखने को मिल रहा है। किसानों को मुनाफा देने वाला बेमौसमी धान बढ़ते तापमान के चलते फसल उपज में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। वहीं किसान इससे चिंतित है, उनका कहना है कि इस बार बेमौसमी धान से घाटा होना तय है।

किसान समर कुमार ने बताया कि अधिकतर पंत ग्यारह और बारह किस्म के मोटे धान की फसल उपज में गिरावट देखने को मिली है जबकि सुपर फाइन, नूरी सहित अन्य किस्म के धान की उपज औसत रही है। वहीं किसान रविंद्र विश्वास ने बताया कि अत्यधिक तापमान के चलते कीटनाशक भी बेअसर हो गई जिससे फसल उपज में कमी आई।
विज्ञापन


सहायक कृषि अधिकारी कुशल पाल सिंह ने बताया कि नानकमत्ता, सितारगंज और शक्तिफार्म के करीब एक हजार हेक्टेयर कृषि भूमि पर बेमौसमी धान की खेती की गई है जिससे भूजल स्तर में भारी कमी आई है। उन्होंने बताया कि बरसात न होने से बढ़े तापमान और जल की कमी से धान की बालियों में दाने नहीं बन सकें जिससे फसल उत्पादन औसत से नीचे चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
मक्के की फसल में धान से अधिक मुनाफा
सितारगंज। सहायक कृषि अधिकारी कुशल पाल सिंह ने बताया कि मक्के की फसल में, धान की अपेक्षा अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। मक्के की फसल को दो से तीन सिंचाई की जरूरत होती है। इससे गर्मियों में भू-जलस्तर नहीं गिरता है। सरकार ने मक्के की एमएसपी 2200 रुपये तय की है। वहीं, किसान एक एकड़ खेत में 35 से 40 क्विंटल मक्के की फसल कर लें, तो उसे धान की अपेक्षा अधिक मुनाफा मिल सकता है। संवाद

-
मानसून आने के बाद लगाए मौसमी धान की फसल

सितारगंज। सहायक कृषि अधिकारी कुशल पाल सिंह ने क्षेत्र के किसानों से मानसून आने के बाद महीने के अंत में मौसमी धान की फसल लगाने की अपील की है। कहा कि भीषण गर्मी में भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है। यदि अभी फसल की रोपाई की गई तो उसे पानी की आवश्यकता होगी। ऐसे में, फसल को नियमित मात्रा में जल उपलब्ध नहीं कराया गया तो वह खराब हो जाएगी।




विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed