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Udham Singh Nagar News: ठेका कर्मियों की हड़ताल से इमलीघाट गेट पर निकासी व्यवस्था बाधित
Thu, 22 Feb 2024 11:08 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 22 Feb 2024 11:08 PM IST
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शांतिपुरी के इमलीघाट से निकासी नही होने पर खड़े ट्रेक्टर ट्राली। संवाद
-ई रवन्ना न कटने से नहीं हो सकी 387 वाहनों की निकासी
शान्तिपुरी। इमलीघाट पर ई रवन्ना काटने के लिए तैनात ठेकेदार के कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से निकासी व्यवस्था बाधित हो गई। जिसके चलते करीब 387 ट्रैक्टर ट्राॅलियां गेट के बाहर नहीं जा सकीं। इससे वाहन स्वामियों में खासा आक्रोश है।
बृहस्पतिवार को इमलीघाट गेट पर सुबह की पाली में चालक ट्रैक्टर ट्राॅली लेकर गेट के अंदर गए थे लेकिन निकासी के समय ई रवन्ना काटने वाले ठेकेदार के कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से व्यवस्था ठप हो गई। इसके चलते सभी ट्रैक्टर ट्राॅली नदियों में खड़े हो गए। हड़ताली कर्मियों कहना है कि वे पिछले पांच साल से ठेकेदारी प्रथा पर काम कर रहे हैं। एक साल में मात्र छह महीने ही काम मिलता है। ठेकेदार बदलने से उनका वेतन कम किया जा रहा है। जिसके कारण वे हड़ताल पर हैं। वन निगम के डीएलएम धर्मेंद्र बिष्ट ने बताया कि हड़ताली कर्मियों की विभाग से वार्ता चल रही है। इस सिलसिले में वह देहरादून में हैं। अभी किसी ठेकेदार को नहीं बदला गया है। देहरादून से वापस आने पर मामले की जांच कराएंगे।
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शान्तिपुरी। इमलीघाट पर ई रवन्ना काटने के लिए तैनात ठेकेदार के कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से निकासी व्यवस्था बाधित हो गई। जिसके चलते करीब 387 ट्रैक्टर ट्राॅलियां गेट के बाहर नहीं जा सकीं। इससे वाहन स्वामियों में खासा आक्रोश है।
बृहस्पतिवार को इमलीघाट गेट पर सुबह की पाली में चालक ट्रैक्टर ट्राॅली लेकर गेट के अंदर गए थे लेकिन निकासी के समय ई रवन्ना काटने वाले ठेकेदार के कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से व्यवस्था ठप हो गई। इसके चलते सभी ट्रैक्टर ट्राॅली नदियों में खड़े हो गए। हड़ताली कर्मियों कहना है कि वे पिछले पांच साल से ठेकेदारी प्रथा पर काम कर रहे हैं। एक साल में मात्र छह महीने ही काम मिलता है। ठेकेदार बदलने से उनका वेतन कम किया जा रहा है। जिसके कारण वे हड़ताल पर हैं। वन निगम के डीएलएम धर्मेंद्र बिष्ट ने बताया कि हड़ताली कर्मियों की विभाग से वार्ता चल रही है। इस सिलसिले में वह देहरादून में हैं। अभी किसी ठेकेदार को नहीं बदला गया है। देहरादून से वापस आने पर मामले की जांच कराएंगे।
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