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उत्तराखंड में सचिव के पद पर रह चुके हैं चुघ
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सितारगंज। गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की प्रबंध कमेटी के नवनिर्वाचित प्रधान डॉ. हरबंस सिंह चुघ उत्तराखंड सरकार में सचिव रह चुके हैं। 1986 बैच के पीसीएस डॉ. चुघ ने यूपी के अलावा उत्तराखंड में विभिन्न विभागों का नेतृत्व में किया। आईएएस कैडर मिलने के बाद दो साल तक हरिद्वार जिले के डीएम रहे और हरिद्वार विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर भी रहकर काम किया। दिसंबर 2021 में गन्ना एवं चीनी उद्योग सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए। उसके बाद से धार्मिक और संगत की सेवा का मन बना लिया।
गदरपुर निवासी हरबंस सिंह चुघ पुत्र रणजीत सिंह ने पंतनगर विश्वविद्यालय से स्नातक और परास्नातक की डिग्री ली। इसके बाद प्रबंधन में पीएचडी की। 1986 में पीसीएस अधिकारी बन गए और यूपी में अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान पांच बार विदेश यात्रा का अवसर मिला। अमेरिका, चीन, श्रीलंका आदि देशों में भारत के लिए काम किया। 2011 में यूपी से उत्तराखंड में आए और रुद्रपुर के मंडी परिषद व टीडीसी में प्रबंध निदेशक के पद पर रहे। साल 2015 से 2017 तक डॉ. चुघ हरिद्वार के जिलाधिकारी रहे। साथ ही हरिद्वार विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर भी सेवा दी। इसके अलावा वह शासन में राजस्व, कृषि, श्रम, पंचायती राज, वन, खेलकूद, ग्रामीण अभियंत्रण, आयुष आदि विभागों के सचिव पद पर भी रहे। पूर्व आईएएस डॉ. चुघ गन्ना एवं चीनी उद्योग सचिव के पद से दिसंबर 20221 में सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद से राजकीय उपभोक्ता फोरम के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में सदस्य हैं।
सेवानिवृत्त होने के बाद धार्मिक सेवा का मन बना लिया और उत्तर भारत के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की सेवा के लिए गदरपुर क्षेत्र से निर्विरोध डायरेक्टर चुने गए और आज वह गुरुद्वारा साहिब की प्रबंध कमेटी के प्रधान पद पर चुने गए। पूर्व आईएएस डॉ. चुघ की पत्नी अवनीत चुघ पुलिस मार्डन स्कूल देहरादून में अध्यापिका हैं। पुत्री हिमालय जी यूनीवर्सिटी में आर्किटेक्ट व सहायक प्राध्यापिका हैं और बेटे गुरकीरत सिंह अधिवक्ता हैं। उन्होंने कहा कि संगत को बेहतर सुविधाएं देने के साथ ही गुरुद्वारा साहिब के हित में बेहतर काम किया जाएगा।
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गदरपुर निवासी हरबंस सिंह चुघ पुत्र रणजीत सिंह ने पंतनगर विश्वविद्यालय से स्नातक और परास्नातक की डिग्री ली। इसके बाद प्रबंधन में पीएचडी की। 1986 में पीसीएस अधिकारी बन गए और यूपी में अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान पांच बार विदेश यात्रा का अवसर मिला। अमेरिका, चीन, श्रीलंका आदि देशों में भारत के लिए काम किया। 2011 में यूपी से उत्तराखंड में आए और रुद्रपुर के मंडी परिषद व टीडीसी में प्रबंध निदेशक के पद पर रहे। साल 2015 से 2017 तक डॉ. चुघ हरिद्वार के जिलाधिकारी रहे। साथ ही हरिद्वार विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर भी सेवा दी। इसके अलावा वह शासन में राजस्व, कृषि, श्रम, पंचायती राज, वन, खेलकूद, ग्रामीण अभियंत्रण, आयुष आदि विभागों के सचिव पद पर भी रहे। पूर्व आईएएस डॉ. चुघ गन्ना एवं चीनी उद्योग सचिव के पद से दिसंबर 20221 में सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद से राजकीय उपभोक्ता फोरम के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में सदस्य हैं।
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सेवानिवृत्त होने के बाद धार्मिक सेवा का मन बना लिया और उत्तर भारत के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की सेवा के लिए गदरपुर क्षेत्र से निर्विरोध डायरेक्टर चुने गए और आज वह गुरुद्वारा साहिब की प्रबंध कमेटी के प्रधान पद पर चुने गए। पूर्व आईएएस डॉ. चुघ की पत्नी अवनीत चुघ पुलिस मार्डन स्कूल देहरादून में अध्यापिका हैं। पुत्री हिमालय जी यूनीवर्सिटी में आर्किटेक्ट व सहायक प्राध्यापिका हैं और बेटे गुरकीरत सिंह अधिवक्ता हैं। उन्होंने कहा कि संगत को बेहतर सुविधाएं देने के साथ ही गुरुद्वारा साहिब के हित में बेहतर काम किया जाएगा।
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