{"_id":"61311d158ebc3e7a137f2030","slug":"dont-share-their-team-rudrapur-news-hld4366223170","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में अपना टिफिन शेयर न करें बच्चे ,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में अपना टिफिन शेयर न करें बच्चे ,
विज्ञापन
मातादीन गौतम, खंड शिक्षा अधिकारी।
- फोटो : RUDRAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। कोरोना महामारी के बीच खुले जूनियर हाईस्कूल के बच्चों को मध्यान्ह भोजन योजना के तहत दोपहर के समय भोजन नहीं दिया जा रहा है। बच्चों के लिए स्कूलों में टिफिन लाने की अनुमति है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते बच्चों को अपना भोजन दूसरे बच्चों के साथ मिलकर न खाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
ऊधमसिंह नगर में वर्तमान में 200 जूनियर हाईस्कूूल हैं। कोराना महामारी के बीच खुले इन स्कूलों में बच्चों को मध्यान्ह भोजन की सुविधा नहीं दी जा रही है। जूनियर हाईस्कूल सुबह आठ बजे से 11 बजे खुल रहे हैं। दोपहर से पहले ही छुट्टी हो जाने पर मध्याह्न भोजन नहीं बन रहा है। इस वजह से बच्चों को भोजन के लिए टिफिन लाने की अनुमति दी गई है। स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को बच्चों को भोजन करते समय निश्चित दूरी पर बैठाने को कहा गया है, ताकि सामाजिक दूरी का अनुपालन होने से कोरोना संक्रमण की आशंका न रहे। साथ ही बच्चों को डीबीटी के माध्यम से मध्यान्ह भोजन की कुकिंग कॉस्ट का पैसा उनके खातों में भेजा जा रहा है, जिन बच्चों का खाता नहीं है, उन्हें विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से मुहैया कराए जा रहे हैं। कक्षा छह से आठवीं तक के बच्चों को एक दिन के 150 ग्राम के हिसाब चावल दिए जा रहे हैं।
साफ सफाई का कार्य कर रहीं भोजन माताएं
रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर में वर्तमान में 2000 रुपये के मानदेय पर 2642 भोजन माताएं कार्यरत हैं, लेकिन मध्यान्ह भोजना योजना के तहत दोपहर के समय बच्चों के लिए भोजन न बनने के कारण वर्तमान में इनका कार्य रसोई की साफ-सफाई करना ही रह गया है। कुुछ स्कूलों में भोजन माताएं कक्षों की सफाई का कार्य भी कर रही हैं।
विज्ञापन
जूनियर हाईस्कूलों में बच्चों को भोजन का टिफिन लाने की अनुमति है, लेकिन कोई भी बच्चा समूह में बैठकर या अपना भोजन दूसरे बच्चों के साथ नहीं खाएगा। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा है। सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को इसके निर्देश दिए गए हैं।
मातादीन गौतम, खंड शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
ऊधमसिंह नगर में वर्तमान में 200 जूनियर हाईस्कूूल हैं। कोराना महामारी के बीच खुले इन स्कूलों में बच्चों को मध्यान्ह भोजन की सुविधा नहीं दी जा रही है। जूनियर हाईस्कूल सुबह आठ बजे से 11 बजे खुल रहे हैं। दोपहर से पहले ही छुट्टी हो जाने पर मध्याह्न भोजन नहीं बन रहा है। इस वजह से बच्चों को भोजन के लिए टिफिन लाने की अनुमति दी गई है। स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को बच्चों को भोजन करते समय निश्चित दूरी पर बैठाने को कहा गया है, ताकि सामाजिक दूरी का अनुपालन होने से कोरोना संक्रमण की आशंका न रहे। साथ ही बच्चों को डीबीटी के माध्यम से मध्यान्ह भोजन की कुकिंग कॉस्ट का पैसा उनके खातों में भेजा जा रहा है, जिन बच्चों का खाता नहीं है, उन्हें विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से मुहैया कराए जा रहे हैं। कक्षा छह से आठवीं तक के बच्चों को एक दिन के 150 ग्राम के हिसाब चावल दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
साफ सफाई का कार्य कर रहीं भोजन माताएं
रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर में वर्तमान में 2000 रुपये के मानदेय पर 2642 भोजन माताएं कार्यरत हैं, लेकिन मध्यान्ह भोजना योजना के तहत दोपहर के समय बच्चों के लिए भोजन न बनने के कारण वर्तमान में इनका कार्य रसोई की साफ-सफाई करना ही रह गया है। कुुछ स्कूलों में भोजन माताएं कक्षों की सफाई का कार्य भी कर रही हैं।
विज्ञापन
जूनियर हाईस्कूलों में बच्चों को भोजन का टिफिन लाने की अनुमति है, लेकिन कोई भी बच्चा समूह में बैठकर या अपना भोजन दूसरे बच्चों के साथ नहीं खाएगा। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा है। सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को इसके निर्देश दिए गए हैं।
मातादीन गौतम, खंड शिक्षा अधिकारी।