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डॉक्टरों की हड़ताल ने ली तीन दिन के नवजात जान
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Sat, 23 Apr 2016 12:12 AM IST
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नवजात शिशु की मौत
- फोटो : Amar Ujala
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खेतलसंडा मुस्ताजर निवासी युवक ने पुलिस को तहरीर सौंपकर सीएचसी के एक डॉक्टर के खिलाफ शिशु का इलाज न करने की वजह से मौत की तहरीर सौंपी है। पीड़ित का कहना था कि वह अपने बीमार शिशु को लेकर नगर के सभी चिकित्सालयों में गया, लेकिन किसी ने शिशु को नहीं देखा।
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अंत में जब वह अपने नवजात को लेकर सीएचसी पहुंचा तो वहां भी चिकित्सक ने हड़ताल की बात कर उसके बच्चे को नहीं देखा, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस को दी तहरीर में विनोद चंद का कहना है कि उसकी पत्नी पूजा चंद ने 20 अप्रैल की रात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 10:50 बजे पुत्र को जन्म दिया, जो जन्म के समय पूरी तरह स्वस्थ था।
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21 अप्रैल को चिकित्सकों ने शिशु को देखकर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। शुक्रवार शाम को करीब चार बजे अचानक नवजात की तबियत खराब होने पर वह इलाज के लिए उसे क्षेत्र के निजी चिकित्सालयों में लेकर गया, लेकिन सभी ने हड़ताल की बात कहकर उसे वापस कर दिया।
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जब वह सीएचसी में नवजात का इलाज कराने पहुंचा तो वहां भी चिकित्सक ने उसके बच्चे का इलाज हड़ताल की बात कहकर नहीं किया। हार कर वह अपने बच्चे को पीलीभीत लेकर जाने वाला था कि चारूबेटा के पास उसकी मौत हो गई।
पीडित ने चिकित्सक के विरुद्घ नियमानुसार मुकदमा पंजीकृत करने के लिए कोतवाल बीएल विश्वकर्मा को तहरीर सौँपी है। चिकित्सकों की हड़ताल के चलते हुए बच्चे की मौत से लोगों में आक्रोश है।
22केटीएम08पी-खटीमा में तीन दिन के नवजात का शव लेकर कोतवाली पहुंचे विनोद चंद।