मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश में नर्सें
प्रांतीय नर्सेज एसोसिएशन के आह्वान पर जिला अस्पताल की नर्सें सामूहिक अवकाश में रही। जिस वजह से अस्पताल की थोड़ी बहुत व्यवस्थाएं प्रभावित हुई, हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर एनआरएचएम की नर्सों को तैनात करने से अवकाश का ज्यादा असर नहीं पड़ा। ग्रेड पे उच्चीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर एक सितंबर से नर्सों ने आंदोलन की शुरुआत करते हुए पांच सितंबर तक बांह में काली पट्टियां बांधकर काम किया था। मांगों को लेकर सकारात्मक कार्यवाही न होने से नाराज नर्सें पूर्व घोषित तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत सोमवार से सामूहिक अवकाश पर चली गईं। 8 सिस्टर, 22 नर्सों के अवकाश पर चले जाने से जिला अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं पर जरूर प्रभाव पड़ा, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्थाएं होने से मरीजों को बहुत ज्यादा दिक्कतें नहीं उठानी पड़ी। सीएमएस डॉ. अमिता उप्रेती ने बताया कि नर्सों के सामूहिक अवकाश में जाने से अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित नहीं हुई हैं। एनआरएचएम की नर्सों, फार्मेसिस्टों को डयूटी पर लगाया गया है। व्यवस्थाएं प्रभावित न हो, इसलिए नर्सों की डबल ड्यूटी लगाई गई है। ड्यूटी पर लगाई गई नर्सों ने जननी सुरक्षा में प्रशिक्षण भी लिया है।