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Udham Singh Nagar News: बहनों को बस नहीं मिल पाई, सूनी रही भाई की कलाई
Fri, 01 Sep 2023 01:08 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 01 Sep 2023 01:08 AM IST
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काशीपुर रोडवेज डिपो के बाहर से आई डग्गामार वाहनों से उतरते यात्री। संवाद
रुद्रपुर। त्योहारी सीजन में उत्तराखंड परिवहन निगम की व्यवस्थाओं की पोल फिर खुलकर सामने आई। बृहस्पतिवार को रक्षाबंधन पर बस में महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की सुविधा के कारण यात्रियों की भीड़ रही। सीट के लिए धक्कामुक्की और मारामारी की नौबत आ गई। निशुल्क यात्रा का लाभ लेने के लिए बहनों को खूब पसीना बहाना पड़ा। कई बहनों को बस नहीं मिल पाने के कारण भाई की कलाई सुनी रह गई।
सीट न मिलने से परेशान कई स्थानीय रूट के यात्रियों ने डग्गामार बस में सफर किया तो लंबी रूट के यात्रियों ने सीट न मिलने के कारण खड़े-खड़े सफर किया। सभी चालक-परिचालकों के ड्यूटी पर न आने से स्थानीय रूट पर यात्रियों की संख्या के अनुपात में बसों के फेरे नहीं बढ़ाए जा सके।
बस स्टेशन पर सुबह पांच बजे यात्री पहुंचने लगे। महिला यात्रियों की संख्या अधिक थी। डिपो प्रबंधन ने भी समय पर बस का संचालन किया, लेकिन भीड़ होने के बस वर्कशॉप से निकलकर स्टेशन पर आते ही सीट फुल हो जातीं। कुछ लोग खिड़कियों से घुसकर सीट घेर रहे थे। सुबह करीब 11 बजे तक यही स्थिति रही। यात्रियों की संख्या के हिसाब से बस न होने के कारण सीट के लिए मारामारी होती रही। कई यात्रियों की चालक और परिचालकों के साथ ही तीखी कहासुनी भी हुई। टनकपुर, बरेली और पीलीभीत के लिए सबसे अधिक सवारियां थीं। रोडवेज प्रबंधन का कहना था कि सभी चालक-परिचालकों को ग्रुप में सूचना देकर रक्षा बंधन के दिन ड्यूटी पर मौजूद रहने को कहा था लेकिन सभी कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे।
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बस अड्डा प्रभारी का बैठ गया गला
रुद्रपुर। रोडवेज स्टेशन में बसों के लिए इधर से उधर दौड़ रहे यात्रियों के चलते धूल के गुबार उठते रहे। अनियंत्रित हो रही व्यवस्था और यात्रियों को संभालने के लिए बोलते-बोलते बस अड्डा प्रभारी ब्रह्मानंद का गला बैठ गए। जिस कारण कई बार चालक-परिचालक उनके निर्देशों को नहीं सुन पा रहे थे। बस अड्डा प्रभारी यात्रियों को बसों में आराम से चढ़ने के लिए कह रहे थे, लेकिन उनकी आवाज बैठी होने के कारण ऐसा मालूम पड़ रहा था, जैसे उनके मुंह से आवाज ही नहीं आ रही हो।
एआरएम टाइम ऑफिस से बस के संचालन पर रखे रहे नजर
रुद्रपुर। रुद्रपुर डिपो के बेड़े में शामिल बस की संख्या 84 है। रक्षाबंधन पर्व पर बसों के संचालन को दुरस्त रखने के लिए एआरएम महेंद्र कुमार सुबह से ही टाइम ऑफिस में डटे रहे। उन्होंने संचालन पर पूरी नजर रखी। वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे कुछ चालक-परिचालकों को फोन से बुलाते रहे, लेकिन कई चालक परिचालक रक्षा बंधन पर्व के चलते सुबह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। इससे बसों का संचालन प्रभावित हुआ।
बोले बेहाल यात्री
दो घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं, बच्चे साथ में हैं। ड्यूटी से कल छुट्टी नहीं मिलने के कारण आज ही खटीमा जाना पड़ रहा है। अभी तक रोडवेज बस नहीं मिली है। - राजकुमार, खटीमा
बस में सीट मिल पाना चुनौती बन गया है। लोग जान हथेली पर लेकर बस की खिड़की से चढ़कर सीट घेर रहें हैं। ऐसा मालूम पड़ रहा है जैसे सीट प्राप्त कोई जंग जीतना हो। - रामनाथ राजपूत, पीलीभीत
लोग धक्का-मुक्की कर सीट घेर ले रहें हैं। बच्चों के साथ प्राप्त करना मुश्किल हो रहा है। एक घंटे से मैं बस का इंतजार कर रहे हूं। जैसे ही कोई बस आ रही है, तुरंत सीट भर जाती रही हैं। - वंदना देवी, खटीमा
सुबह आठ बजे बस का इंतजार कर रहा हूं। पीलीभीत जाना है, निजी बस से जाता तो जल्द पहुंच जाता है। लगता रोडवेज की बसों पर भरोसा गलती कर ली है। रोडवेज एक लोकतांत्रिक व्यवस्था है, इसे मजबूत होना चाहिए। - राजकुमार सिंह, सज्जनपुर
चालक-परिचालकों की बात
घर में बच्चे को तेज बुखार है, उसे दिखाने के लिए डॉक्टर के पास जाना है, जो कर्मचारी नही आए है उनकी जगह हमें ड्यूटी पर लगाया गया है। बीमार बच्चे को देखूं या ड्यूटी करें। -शुभम सिंह, परिचालक
रोडवेज एक सार्वजनिक परिवहन सेवा है। यह लोकतंत्र का हिस्सा है। रक्षा बंधन पर सार्वजनिक परिवहन सेवा के निर्बाध संचालन के लिए ड्यूटी पर बुलाया गया था। पीलीभीत और बरेली जाने वाले यात्री अधिक हैं। - कुंवर पाल सिंह, चालक
कई बस कार्यशाला में खड़ी रहीं
रुद्रपुर। रक्षाबंधन के चलते बृहस्पतिवार को रोडवेज बस के चालक-परिचालक भी ड्यूटी में कम आए। जिस कारण बस का संचालन प्रभावित रहा। टाइम ऑफिस के मुताबिक, चालक-परिचालकों की कमी के कारण दिल्ली के लिए सात-आठ बस ही संचालित की जा सकीं। जबकि अन्य दिनों में रुद्रपुर से 21 बसों का संचालन होता है। ड्यूटी पर आए अधिकतर चालक-परिचालकों की ड्यूटी स्थानीय रूट पर लगाई गई। अधिकांश यात्रियों ने यूपी रोडवेज की बस में सफर किया।
रुद्रपुर डिपो से किस रूट पर कितनी बस चलीं
रुद्रपुर- टनकपुर 15
रुद्रपुर- काशीपुर 10
रुद्रपुर- दिल्ली 21
रुद्रपुर- हल्द्वानी 21
रुद्रपुर-बरेली 5
डाक विभाग ने रक्षाबंधन के दिन पहुंचाई 300 राखी
रुद्रपुर। रक्षाबंधन के दिन भी डाक विभाग बहनों की ओर से भेजी गई राखियां भाइयों तक पहुंचाने में जुटा रहा। बृहस्पतिवार को डाकघर खुला रहा। डाक से सर्वाधिक राखियां बहनों ने फौजी भाइयों को भेजी हैं। त्योहार के दिन 300 राखियां डाकघर से संबंधित पतों पर पहुंचाई गईं। त्यौहार में ऑनलाइन राखी भेजने का चलन तेजी से बड़ा है। असिस्टेंट पोस्ट मास्टर संदीप राणा ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी त्योहार के दिन डाक वितरण का कार्य जारी है। सभी को समय पर डाक पहुंचाने का प्रयास जारी है।
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सीट न मिलने से परेशान कई स्थानीय रूट के यात्रियों ने डग्गामार बस में सफर किया तो लंबी रूट के यात्रियों ने सीट न मिलने के कारण खड़े-खड़े सफर किया। सभी चालक-परिचालकों के ड्यूटी पर न आने से स्थानीय रूट पर यात्रियों की संख्या के अनुपात में बसों के फेरे नहीं बढ़ाए जा सके।
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बस स्टेशन पर सुबह पांच बजे यात्री पहुंचने लगे। महिला यात्रियों की संख्या अधिक थी। डिपो प्रबंधन ने भी समय पर बस का संचालन किया, लेकिन भीड़ होने के बस वर्कशॉप से निकलकर स्टेशन पर आते ही सीट फुल हो जातीं। कुछ लोग खिड़कियों से घुसकर सीट घेर रहे थे। सुबह करीब 11 बजे तक यही स्थिति रही। यात्रियों की संख्या के हिसाब से बस न होने के कारण सीट के लिए मारामारी होती रही। कई यात्रियों की चालक और परिचालकों के साथ ही तीखी कहासुनी भी हुई। टनकपुर, बरेली और पीलीभीत के लिए सबसे अधिक सवारियां थीं। रोडवेज प्रबंधन का कहना था कि सभी चालक-परिचालकों को ग्रुप में सूचना देकर रक्षा बंधन के दिन ड्यूटी पर मौजूद रहने को कहा था लेकिन सभी कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे।
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बस अड्डा प्रभारी का बैठ गया गला
रुद्रपुर। रोडवेज स्टेशन में बसों के लिए इधर से उधर दौड़ रहे यात्रियों के चलते धूल के गुबार उठते रहे। अनियंत्रित हो रही व्यवस्था और यात्रियों को संभालने के लिए बोलते-बोलते बस अड्डा प्रभारी ब्रह्मानंद का गला बैठ गए। जिस कारण कई बार चालक-परिचालक उनके निर्देशों को नहीं सुन पा रहे थे। बस अड्डा प्रभारी यात्रियों को बसों में आराम से चढ़ने के लिए कह रहे थे, लेकिन उनकी आवाज बैठी होने के कारण ऐसा मालूम पड़ रहा था, जैसे उनके मुंह से आवाज ही नहीं आ रही हो।
एआरएम टाइम ऑफिस से बस के संचालन पर रखे रहे नजर
रुद्रपुर। रुद्रपुर डिपो के बेड़े में शामिल बस की संख्या 84 है। रक्षाबंधन पर्व पर बसों के संचालन को दुरस्त रखने के लिए एआरएम महेंद्र कुमार सुबह से ही टाइम ऑफिस में डटे रहे। उन्होंने संचालन पर पूरी नजर रखी। वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे कुछ चालक-परिचालकों को फोन से बुलाते रहे, लेकिन कई चालक परिचालक रक्षा बंधन पर्व के चलते सुबह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। इससे बसों का संचालन प्रभावित हुआ।
बोले बेहाल यात्री
दो घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं, बच्चे साथ में हैं। ड्यूटी से कल छुट्टी नहीं मिलने के कारण आज ही खटीमा जाना पड़ रहा है। अभी तक रोडवेज बस नहीं मिली है। - राजकुमार, खटीमा
बस में सीट मिल पाना चुनौती बन गया है। लोग जान हथेली पर लेकर बस की खिड़की से चढ़कर सीट घेर रहें हैं। ऐसा मालूम पड़ रहा है जैसे सीट प्राप्त कोई जंग जीतना हो। - रामनाथ राजपूत, पीलीभीत
लोग धक्का-मुक्की कर सीट घेर ले रहें हैं। बच्चों के साथ प्राप्त करना मुश्किल हो रहा है। एक घंटे से मैं बस का इंतजार कर रहे हूं। जैसे ही कोई बस आ रही है, तुरंत सीट भर जाती रही हैं। - वंदना देवी, खटीमा
सुबह आठ बजे बस का इंतजार कर रहा हूं। पीलीभीत जाना है, निजी बस से जाता तो जल्द पहुंच जाता है। लगता रोडवेज की बसों पर भरोसा गलती कर ली है। रोडवेज एक लोकतांत्रिक व्यवस्था है, इसे मजबूत होना चाहिए। - राजकुमार सिंह, सज्जनपुर
चालक-परिचालकों की बात
घर में बच्चे को तेज बुखार है, उसे दिखाने के लिए डॉक्टर के पास जाना है, जो कर्मचारी नही आए है उनकी जगह हमें ड्यूटी पर लगाया गया है। बीमार बच्चे को देखूं या ड्यूटी करें। -शुभम सिंह, परिचालक
रोडवेज एक सार्वजनिक परिवहन सेवा है। यह लोकतंत्र का हिस्सा है। रक्षा बंधन पर सार्वजनिक परिवहन सेवा के निर्बाध संचालन के लिए ड्यूटी पर बुलाया गया था। पीलीभीत और बरेली जाने वाले यात्री अधिक हैं। - कुंवर पाल सिंह, चालक
कई बस कार्यशाला में खड़ी रहीं
रुद्रपुर। रक्षाबंधन के चलते बृहस्पतिवार को रोडवेज बस के चालक-परिचालक भी ड्यूटी में कम आए। जिस कारण बस का संचालन प्रभावित रहा। टाइम ऑफिस के मुताबिक, चालक-परिचालकों की कमी के कारण दिल्ली के लिए सात-आठ बस ही संचालित की जा सकीं। जबकि अन्य दिनों में रुद्रपुर से 21 बसों का संचालन होता है। ड्यूटी पर आए अधिकतर चालक-परिचालकों की ड्यूटी स्थानीय रूट पर लगाई गई। अधिकांश यात्रियों ने यूपी रोडवेज की बस में सफर किया।
रुद्रपुर डिपो से किस रूट पर कितनी बस चलीं
रुद्रपुर- टनकपुर 15
रुद्रपुर- काशीपुर 10
रुद्रपुर- दिल्ली 21
रुद्रपुर- हल्द्वानी 21
रुद्रपुर-बरेली 5
डाक विभाग ने रक्षाबंधन के दिन पहुंचाई 300 राखी
रुद्रपुर। रक्षाबंधन के दिन भी डाक विभाग बहनों की ओर से भेजी गई राखियां भाइयों तक पहुंचाने में जुटा रहा। बृहस्पतिवार को डाकघर खुला रहा। डाक से सर्वाधिक राखियां बहनों ने फौजी भाइयों को भेजी हैं। त्योहार के दिन 300 राखियां डाकघर से संबंधित पतों पर पहुंचाई गईं। त्यौहार में ऑनलाइन राखी भेजने का चलन तेजी से बड़ा है। असिस्टेंट पोस्ट मास्टर संदीप राणा ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी त्योहार के दिन डाक वितरण का कार्य जारी है। सभी को समय पर डाक पहुंचाने का प्रयास जारी है।

काशीपुर रोडवेज डिपो के बाहर से आई डग्गामार वाहनों से उतरते यात्री। संवाद