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Udham Singh Nagar News: लोहियाहेड के पास अनियंत्रित कार शारदा नहर में समाई, तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत
Sat, 27 May 2023 12:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 27 May 2023 12:06 AM IST
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मृतका द्रौपदी(फाइल फोटो)। संवाद
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खटीमा। अनियंत्रित इनोवा कार लोहियाहेड के पास शारदा नहर में गिर गई। हादसे में तीन बच्चों और एक महिला समेत चालक की भी मौत हो गई।
महिला अपने मायके अंजनिया से भाई के दो बच्चों को लेकर कार से अपने घर लोहियाहेड लौट रही थी। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया। घटना के कारण नगरा तराई, लोहियाहेड और अंजनिया (बुढ़ाबाग) गांव में मातम छा गया।
पावर हाउस काॅलोनी लोहियाहेड निवासी द्रौपदी उर्फ दुर्गा (38) पत्नी स्व. विजेंद्र अपनी बेटी ज्योति (12) और नगरा तराई निवासी कार चालक मोहन सिंह धामी (40) पुत्र बहादुर सिंह धामी के साथ बृहस्पतिवार शाम कार से अंजनिया (बुढ़ाबाग) निवासी अपने भाई मोहन चंद के घर गई थी। देर रात भाई के बेटे सोनू (5) और बेटी दीपिका (7) को लेकर वह लालकोठी होकर नहर किनारे बनी सड़क से लोहियाहेड स्थित घर लौट रहे थे।
इसी दौरान रात साढ़े नौ बजे चालक ने कार से नियंत्रण खो बैठा और अनियंत्रित कार लोहियाहेड पावर हाउस जाली के पास शारदा नहर में गिर गई। देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचे। तो दुर्गा के भाई मोहन चंद को इसकी चिंता सताने लगी। इसके बाद परिजनों ने उनकी ढूंढखोज शुरू की। परिजन खटीमा होकर लोहियाहेड तक उनको ढूढ़ते रहे। इसके बाद वह लोहियाहेड से नहर के किनारे बनी सड़क पर खोजबीन करने निकले तो उन्हें शारदा नहर में गिरी कार के टायर दिखाई दिए। मोहन ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
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सूचना मिलते ही देर रात को ही झनकईया के थानाध्यक्ष रविंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस कर्मी शारदा नहर पहुंचे। उन्होंने शारदा नहर में गिरी कार को रस्सी और अन्य वाहनों की मदद से बमुश्किल खींच कर नदी से निकाला। पुलिस ने कार में फंसे पांच लोगों को निकाल कर उन्हें एंबुलेंस 108 से उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पंचनामा, पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने पांचों शव परिजनों को सौंप दिए।
घटना की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल परिसर पहुंचे। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल भी अस्पताल पहुंचे और घटना स्थल का मौका मुआयना किया। उन्होंने कहा कि घटना स्थल का मौका मुआयना करने पर घटना के कारणों का पता नहीं चल सका। परिजनों से भी घटना की जानकारी ली है। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है।
घर का इकलौता था कार चालक
खटीमा। नगरा तराई निवासी कार चालक मोहन सिंह धामी घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसकी पत्नी माया धामी, बेटा शुभम धामी और बेटी ममता धामी भी शोकाकुल है। वह खेतीबाड़ी करता था। मोहन की मौत के बाद पत्नी और बच्चे बेसुध हैं।
चार शवों के घर पर पहुंचने पर अंजनिया में पसरा मातम
खटीमा। पोस्टमार्टम के बाद रिश्तेदारों ने मृतका द्रौपदी और उसकी बेटी ज्योति के शव ले जाने से मना कर दिया। इसलिए भाई मोहन चंद बहन, भांजी, बेटे और बेटी के शवों को अपने आवास अंजनिया (बुढ़ाबाग) ले गए। चार शवों को एक साथ देखकर गांव में मातम पसर गया। सभी परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रो कर बुरा हाल था। दीपिका और सोनू की मां सुनीता देवी शवों को देखकर बेसुुध हो गईं। द्रौपदी और मासूमों के शवों को देखकर लोग शोकाकुल हो गए। एक घर से चार लोगों की अर्थी उठने से माहौल गमगीन रहा।
पति की मौत के बाद द्रौपदी को लोहियाहेड पावर हाउस में मिली थी नौकरी
खटीमा। पावर हाउस काॅलोनी लोहियाहेड निवासी मृतका द्रौपदी पति की मृत्यु के बाद पावर हाउस में नौकरी कर रहीं थीं। उनके पति विजेंद्र को भी पिता रामदेव की मृत्यु के बाद नौकरी मिली थी। द्रौपदी का विवाह वर्ष 2012 में विजेंद्र के साथ हुआ था। पति विजेंद्र की वर्ष 2015 में मौत हो गई थी। इसलिए द्रौपदी को मृतकाश्रित कोटे से नौकरी मिल गई थी। हादसे में हुई द्रोपदी और उसकी पुत्री ज्योति की मौत के बाद उनका पूरा परिवार ही खत्म हो गया।
बेटी और बेटे को ले जाने के लिए बहन को बुलाया था
खटीमा। मृतका द्रौपदी के भाई मोहन चंद ने बताया कि शनिवार को उन्हें पूजा के लिए पिथौरागढ़ अपने पैतृक गांव जाना था। घर में पिता की तबीयत खराब है। इसलिए उन्होंने बृहस्पतिवार को अपनी बहन द्रौपदी को अपनी पुत्री दीपिका और पुत्र सोनू को अपने घर लोहियाहेड ले जाने के लिए बुलाया था जो देर शाम घर आई और बच्चों को कार से लोहियाहेड ले जाते समय यह हादसा हो गया।
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महिला अपने मायके अंजनिया से भाई के दो बच्चों को लेकर कार से अपने घर लोहियाहेड लौट रही थी। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया। घटना के कारण नगरा तराई, लोहियाहेड और अंजनिया (बुढ़ाबाग) गांव में मातम छा गया।
पावर हाउस काॅलोनी लोहियाहेड निवासी द्रौपदी उर्फ दुर्गा (38) पत्नी स्व. विजेंद्र अपनी बेटी ज्योति (12) और नगरा तराई निवासी कार चालक मोहन सिंह धामी (40) पुत्र बहादुर सिंह धामी के साथ बृहस्पतिवार शाम कार से अंजनिया (बुढ़ाबाग) निवासी अपने भाई मोहन चंद के घर गई थी। देर रात भाई के बेटे सोनू (5) और बेटी दीपिका (7) को लेकर वह लालकोठी होकर नहर किनारे बनी सड़क से लोहियाहेड स्थित घर लौट रहे थे।
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इसी दौरान रात साढ़े नौ बजे चालक ने कार से नियंत्रण खो बैठा और अनियंत्रित कार लोहियाहेड पावर हाउस जाली के पास शारदा नहर में गिर गई। देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचे। तो दुर्गा के भाई मोहन चंद को इसकी चिंता सताने लगी। इसके बाद परिजनों ने उनकी ढूंढखोज शुरू की। परिजन खटीमा होकर लोहियाहेड तक उनको ढूढ़ते रहे। इसके बाद वह लोहियाहेड से नहर के किनारे बनी सड़क पर खोजबीन करने निकले तो उन्हें शारदा नहर में गिरी कार के टायर दिखाई दिए। मोहन ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
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सूचना मिलते ही देर रात को ही झनकईया के थानाध्यक्ष रविंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस कर्मी शारदा नहर पहुंचे। उन्होंने शारदा नहर में गिरी कार को रस्सी और अन्य वाहनों की मदद से बमुश्किल खींच कर नदी से निकाला। पुलिस ने कार में फंसे पांच लोगों को निकाल कर उन्हें एंबुलेंस 108 से उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पंचनामा, पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने पांचों शव परिजनों को सौंप दिए।
घटना की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल परिसर पहुंचे। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल भी अस्पताल पहुंचे और घटना स्थल का मौका मुआयना किया। उन्होंने कहा कि घटना स्थल का मौका मुआयना करने पर घटना के कारणों का पता नहीं चल सका। परिजनों से भी घटना की जानकारी ली है। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है।
घर का इकलौता था कार चालक
खटीमा। नगरा तराई निवासी कार चालक मोहन सिंह धामी घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसकी पत्नी माया धामी, बेटा शुभम धामी और बेटी ममता धामी भी शोकाकुल है। वह खेतीबाड़ी करता था। मोहन की मौत के बाद पत्नी और बच्चे बेसुध हैं।
चार शवों के घर पर पहुंचने पर अंजनिया में पसरा मातम
खटीमा। पोस्टमार्टम के बाद रिश्तेदारों ने मृतका द्रौपदी और उसकी बेटी ज्योति के शव ले जाने से मना कर दिया। इसलिए भाई मोहन चंद बहन, भांजी, बेटे और बेटी के शवों को अपने आवास अंजनिया (बुढ़ाबाग) ले गए। चार शवों को एक साथ देखकर गांव में मातम पसर गया। सभी परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रो कर बुरा हाल था। दीपिका और सोनू की मां सुनीता देवी शवों को देखकर बेसुुध हो गईं। द्रौपदी और मासूमों के शवों को देखकर लोग शोकाकुल हो गए। एक घर से चार लोगों की अर्थी उठने से माहौल गमगीन रहा।
पति की मौत के बाद द्रौपदी को लोहियाहेड पावर हाउस में मिली थी नौकरी
खटीमा। पावर हाउस काॅलोनी लोहियाहेड निवासी मृतका द्रौपदी पति की मृत्यु के बाद पावर हाउस में नौकरी कर रहीं थीं। उनके पति विजेंद्र को भी पिता रामदेव की मृत्यु के बाद नौकरी मिली थी। द्रौपदी का विवाह वर्ष 2012 में विजेंद्र के साथ हुआ था। पति विजेंद्र की वर्ष 2015 में मौत हो गई थी। इसलिए द्रौपदी को मृतकाश्रित कोटे से नौकरी मिल गई थी। हादसे में हुई द्रोपदी और उसकी पुत्री ज्योति की मौत के बाद उनका पूरा परिवार ही खत्म हो गया।
बेटी और बेटे को ले जाने के लिए बहन को बुलाया था
खटीमा। मृतका द्रौपदी के भाई मोहन चंद ने बताया कि शनिवार को उन्हें पूजा के लिए पिथौरागढ़ अपने पैतृक गांव जाना था। घर में पिता की तबीयत खराब है। इसलिए उन्होंने बृहस्पतिवार को अपनी बहन द्रौपदी को अपनी पुत्री दीपिका और पुत्र सोनू को अपने घर लोहियाहेड ले जाने के लिए बुलाया था जो देर शाम घर आई और बच्चों को कार से लोहियाहेड ले जाते समय यह हादसा हो गया।

मृतका द्रौपदी(फाइल फोटो)। संवाद

मृतका द्रौपदी(फाइल फोटो)। संवाद

मृतका द्रौपदी(फाइल फोटो)। संवाद

मृतका द्रौपदी(फाइल फोटो)। संवाद

मृतका द्रौपदी(फाइल फोटो)। संवाद