Uttarakhand: रुद्रपुर में तीन लोगों को झांसे में लेकर 6.84 लाख की साइबर ठगी, पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
रुद्रपुर में साइबर ठगों ने तीन अलग-अलग मामलों में 6.84 लाख रुपये की ठगी की, पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विस्तार
रुद्रपुर शहर में साइबर ठगी के तीन मामलों में जालसाजों ने अलग-अलग तरीके अपनाकर तीन लोगों से कुल 6.84 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आवास विकास निवासी धनाराम ने पुलिस को बताया कि तीन जून को उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को अडानी गैस कंपनी का अधिकारी बताया और बातचीत के दौरान विश्वास में लेकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। इसके कुछ देर बाद उनके बैंक खाते से 1.65 लाख रुपये निकल गए। दोबारा उसी नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की तो मोबाइल बंद मिला।
दूसरे मामले में ट्रांजिट कैंप की कृष्णा कॉलोनी निवासी अनिल कुमार के अनुसार छह जुलाई को उनके भारतीय स्टेट बैंक खाते से पहले 2.45 लाख और फिर 45 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद क्रेडिट कार्ड से भी दो बार 29,997 रुपये की निकासी की गई। इस तरह उनके साथ कुल 3,49,997 रुपये की ठगी हुई।
एक अन्य मामले में फुलसुंगा निवासी आराधना ने बताया कि 26 जून को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन किया। बातचीत के दौरान आरोपी ने उन्हें झांसे में लेकर खाते से 1,69,168 रुपये निकाल लिए। रकम वापस मांगने पर आरोपी ने इनकार कर दिया।
साइबर ठगी के तीनों मामलों में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन से जुड़े विवरण की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। -विभव सैनी, सीओ
साइबर ठगी से बचने के लिए रहें सावधान
क्या करें...
-अनजान नंबर से आने वाली कॉल पर किसी की पहचान और पदनाम पर तुरंत भरोसा न करें।
-बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड में संदिग्ध लेनदेन दिखे तो तुरंत बैंक को सूचना दें और कार्ड/खाता सुरक्षित कराएं।
-ठगी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
-संदिग्ध कॉल नंबर, व्हाट्सएप चैट, मैसेज और लेनदेन की जानकारी सुरक्षित रखें।
-किसी संस्था या कंपनी के अधिकारी होने का दावा करने वाले व्यक्ति की जानकारी आधिकारिक माध्यम से स्वयं सत्यापित करें।
क्या न करें
-अनजान व्यक्ति को ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी न दें।-
किसी के कहने पर मोबाइल में अनजान ऐप डाउनलोड या स्क्रीन शेयर न करें।
-अनजान लिंक पर क्लिक कर बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी दर्ज न करें।
-किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।
-ठगी के बाद आरोपी के संपर्क में रहकर रकम वापस पाने के नाम पर दोबारा भुगतान न करें।