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भगवत कथा में लिया बुराइयों को छोड़ने का संकल्प
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जसपुर में श्रीमद भगवत कथा सुनते श्रद्धालु।
- फोटो : KASHIPUR
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नगर के श्रद्धालुओं की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का बुराइयों को छोड़ने के संकल्प और हवन यज्ञ, आरती, प्रसाद वितरण के साथ समापन हो गया। धर्मशाला मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ 22 सितंबर को किया गया था।
समापन पर कथावाचक मनोज महाराज ने सुदामा चरित्र का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सुदामा भले ही निर्धन थे, लेकिन उन्होंने भगवान से दुनिया की दौलत नहीं मांगी। उन्होंने भगवान से भक्ति मांगी। भगवान तो अंतर्यामी हैं जो उनकी शरण में श्रद्धा और भाव से अहंकार से रहित होकर आता है, उसकी झोलियां वह अपने आप भर देते हैं। प्राणी को भगवान से भगवान को मांगना चाहिए। अच्छे कर्म करने चाहिए, किसी का दिल नहीं दुखाना चाहिए।
सभी के काम आना यह सबसे बड़ी भक्ति है। उन्होंने श्रद्धालुओं से बुराइयों को छोड़ने का संकल्प दिलवाया। इसके बाद हवन यज्ञ आरती कर प्रसाद बांटा गया। वहां अतुल बंसल, अंकुर बंसल, अशोक अग्रवाल, निकेश अग्रवाल, त्रिलोक अरोरा, हरीश ग्रोवर, सतीश ग्रोवर, सतीश अरोरा, सुरेश कुमार, विनोद ठुकराल, श्याम अरोरा, अशोक अरोरा, राजेंद्र खुराना, रमेश ग्रोवर आदि थे। (संवाद)
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समापन पर कथावाचक मनोज महाराज ने सुदामा चरित्र का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सुदामा भले ही निर्धन थे, लेकिन उन्होंने भगवान से दुनिया की दौलत नहीं मांगी। उन्होंने भगवान से भक्ति मांगी। भगवान तो अंतर्यामी हैं जो उनकी शरण में श्रद्धा और भाव से अहंकार से रहित होकर आता है, उसकी झोलियां वह अपने आप भर देते हैं। प्राणी को भगवान से भगवान को मांगना चाहिए। अच्छे कर्म करने चाहिए, किसी का दिल नहीं दुखाना चाहिए।
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सभी के काम आना यह सबसे बड़ी भक्ति है। उन्होंने श्रद्धालुओं से बुराइयों को छोड़ने का संकल्प दिलवाया। इसके बाद हवन यज्ञ आरती कर प्रसाद बांटा गया। वहां अतुल बंसल, अंकुर बंसल, अशोक अग्रवाल, निकेश अग्रवाल, त्रिलोक अरोरा, हरीश ग्रोवर, सतीश ग्रोवर, सतीश अरोरा, सुरेश कुमार, विनोद ठुकराल, श्याम अरोरा, अशोक अरोरा, राजेंद्र खुराना, रमेश ग्रोवर आदि थे। (संवाद)
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