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Udham Singh Nagar News: हवा से गिरी फसल, बारिश में अरमान डूब गए
Mon, 04 Mar 2024 12:44 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 04 Mar 2024 12:44 AM IST
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रुद्रपुर। बदला मौसम अब किसानों को प्रभावित करने लगा है। दो दिनों से हवा के साथ रुक-रुक कर हो रही बारिश फसल पर आफत बनकर टूट रही है। खेतों में बारिश का पानी जमा होने से हवा के साथ गेहूं की फसल खेत में गिर जा रही है। इससे गेहूं का उत्पादन तो प्रभावित होगा ही, पछेती सरसों की फसल को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। बारिश के बीच हवा के कारण फसलों के गिरने से किसानों के पेशानी पर बल ला दिया है।
जिले में लगभग 1.08 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल तो 3800 हेक्टेयर में सरसों की खेती की गई है। इस समय अगेती गेहूं की फसल में बालियां फूट गई हैं तो पछेती फसल में बालियां फूटकर निकलने वाली हैं। अंत समय में खेतों में नमी बनाए रखने के लिए किसान परेशान थे। इसी बीच बदले मौसम से शनिवार की अलसुबह से बारिश शुरू हुई जो रह-रहकर रविवार को भी होती रही। हवा के साथ हो रही बारिश अब फसलों को नुकसान पहुंचाने लगी है। खेतों में नमी होने व पानी लगने के बीच हवा चलने से गेहूं की फसल खेत में ही लोट जा रही है। अभी भी एक-दो दिन मौसम के खुलने का आसार नहीं जताया जा रहा है।
बालियां फूटने से गेहूं का ऊपरी हिस्सा भारी होकर जमीन पर गिर जा रहा है। इससे उत्पादन में 50 फीसदी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। उधर पककर खेतों में तैयार खड़ी सरसों की फसल भी मझधार में फंस गई है। अब किसानों के समक्ष बड़ी दुविधा आ पड़ी है। अगर मौसम खुलता है तो जल्द ही सरसो को काटकर उसकी मंड़ाई करना किसानों के लिए चुनौती होगा। पंतनगर विवि फार्म, शांतिपुरी, बिगवाड़ा सहित विभिन्न जगहों पर गेहूं और सरसों की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसान विक्रमजीत सिंह ने बताया कि बारिश के बीच चली तेज हवाओं से अगेती गेहूं और सरसों की फसल खेतों में ही गिर गई। इससे बड़े पैमाने पर उत्पादन में नुकसान होगा। मुख्य कृषि अधिकारी अजय कुमार वर्मा ने बताया कि जिले में कहीं से नुकसान की सूचना नहीं है।
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जिले में हुई बारिश
जसपुर: 10 एमएम
काशीपुर: 02 एमएम
बाजपुर: 01 एमएम
गदरपुर: 00
रुद्रपुर: 02 एमएम
किच्छा: 00
सितारगंज: 00
पानी रुकने से बाली में फंगस लगने का खतरा
पंतनगर। हवा के साथ तेज बारिश ने किसानों के माथे पर बल ला दिया है। रविवार को हुई 38.3 मिमी. बारिश से पकने को तैयार गेहूं और सरसों की फसलें खेत में ही गिर ही गईं। जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की संभावना है।
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ और निदेशक प्रसार शिक्षा डाॅ. जितेंद्र क्वात्रा ने बताया कि आज की बारिश में गेहूं व सरसों की अधिकतर फसल गिर गई है। साथ ही यह बारिश सब्जी फसलों के लिए भी बहुत नुकसानदेह साबित होगी। जहां-जहां ओले गिरे हैं वहां तो फसलों को और भी अधिक नुकसान होगा। गेहूं में इस समय बाली बनने की प्रक्रिया चल रही है और दाने अपरिपक्व अवस्था में हैं। बाली में पानी रुकने से फंगस लगने का खतरा बना रहेगा। वहीं पकने की अवस्था में पहुंच चुकी सरसों की फलियां झड़ने की संभावना अधिक है। इसके साथ ही सब्जी वर्गीय फसलों को भी किसी हद तक नुकसान पहुंचने की आशंका है। आम और लीची आदि के पेड़ों पर अभी बौर आने नहीं शुरू हुए हैं, इसलिए फलों के पेड़ों को विशेष नुकसान नहीं होगा।
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रूक-रूक कर हुई बारिश ने जनजीवन किया अस्त-व्यस्त
काशीपुर। सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। अचानक पड़ रही बारिश से बाजारों में ग्राहक कम दिखाई दिए। रविवार की सुबह से अचानक हो जा रही कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश से लोग परेशान दिखे। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे, लेकिन अचानक बारिश और अचानक धूप का सिलसिला दोपहर तक बना रहा। वहीं बारिश होने से मौसम में एक बार फिर ठंडक हो गई। बारिश से क्षेत्र के कई गली-मोहल्लों में नालियों की तली झाड़ सफाई नहीं होने से जलभराव की स्थिति बन गई। उधर,ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के साथ चली तेज हवा ने गेहूं व लाही की फसल को गिरा दिया। जिससे किसान परेशान दिखे।
खटीमा में तीन एमएम बारिश
खटीमा। सीमांत क्षेत्र खटीमा में रविवार को दूसरे दिन भी दोपहर के समय बूंदाबांदी व हल्की बारिश हुई। मौसम वैधशाला थारू जीआईसी के प्रभारी नरेंद्र सिंह रौतेला ने बताया कि खटीमा में कुल तीन एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते ठंड भी बढ़ गई। खटीमा में अधिकतम तापमान 22 व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा।
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जिले में लगभग 1.08 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल तो 3800 हेक्टेयर में सरसों की खेती की गई है। इस समय अगेती गेहूं की फसल में बालियां फूट गई हैं तो पछेती फसल में बालियां फूटकर निकलने वाली हैं। अंत समय में खेतों में नमी बनाए रखने के लिए किसान परेशान थे। इसी बीच बदले मौसम से शनिवार की अलसुबह से बारिश शुरू हुई जो रह-रहकर रविवार को भी होती रही। हवा के साथ हो रही बारिश अब फसलों को नुकसान पहुंचाने लगी है। खेतों में नमी होने व पानी लगने के बीच हवा चलने से गेहूं की फसल खेत में ही लोट जा रही है। अभी भी एक-दो दिन मौसम के खुलने का आसार नहीं जताया जा रहा है।
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बालियां फूटने से गेहूं का ऊपरी हिस्सा भारी होकर जमीन पर गिर जा रहा है। इससे उत्पादन में 50 फीसदी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। उधर पककर खेतों में तैयार खड़ी सरसों की फसल भी मझधार में फंस गई है। अब किसानों के समक्ष बड़ी दुविधा आ पड़ी है। अगर मौसम खुलता है तो जल्द ही सरसो को काटकर उसकी मंड़ाई करना किसानों के लिए चुनौती होगा। पंतनगर विवि फार्म, शांतिपुरी, बिगवाड़ा सहित विभिन्न जगहों पर गेहूं और सरसों की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसान विक्रमजीत सिंह ने बताया कि बारिश के बीच चली तेज हवाओं से अगेती गेहूं और सरसों की फसल खेतों में ही गिर गई। इससे बड़े पैमाने पर उत्पादन में नुकसान होगा। मुख्य कृषि अधिकारी अजय कुमार वर्मा ने बताया कि जिले में कहीं से नुकसान की सूचना नहीं है।
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जिले में हुई बारिश
जसपुर: 10 एमएम
काशीपुर: 02 एमएम
बाजपुर: 01 एमएम
गदरपुर: 00
रुद्रपुर: 02 एमएम
किच्छा: 00
सितारगंज: 00
पानी रुकने से बाली में फंगस लगने का खतरा
पंतनगर। हवा के साथ तेज बारिश ने किसानों के माथे पर बल ला दिया है। रविवार को हुई 38.3 मिमी. बारिश से पकने को तैयार गेहूं और सरसों की फसलें खेत में ही गिर ही गईं। जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की संभावना है।
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ और निदेशक प्रसार शिक्षा डाॅ. जितेंद्र क्वात्रा ने बताया कि आज की बारिश में गेहूं व सरसों की अधिकतर फसल गिर गई है। साथ ही यह बारिश सब्जी फसलों के लिए भी बहुत नुकसानदेह साबित होगी। जहां-जहां ओले गिरे हैं वहां तो फसलों को और भी अधिक नुकसान होगा। गेहूं में इस समय बाली बनने की प्रक्रिया चल रही है और दाने अपरिपक्व अवस्था में हैं। बाली में पानी रुकने से फंगस लगने का खतरा बना रहेगा। वहीं पकने की अवस्था में पहुंच चुकी सरसों की फलियां झड़ने की संभावना अधिक है। इसके साथ ही सब्जी वर्गीय फसलों को भी किसी हद तक नुकसान पहुंचने की आशंका है। आम और लीची आदि के पेड़ों पर अभी बौर आने नहीं शुरू हुए हैं, इसलिए फलों के पेड़ों को विशेष नुकसान नहीं होगा।
रूक-रूक कर हुई बारिश ने जनजीवन किया अस्त-व्यस्त
काशीपुर। सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। अचानक पड़ रही बारिश से बाजारों में ग्राहक कम दिखाई दिए। रविवार की सुबह से अचानक हो जा रही कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश से लोग परेशान दिखे। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे, लेकिन अचानक बारिश और अचानक धूप का सिलसिला दोपहर तक बना रहा। वहीं बारिश होने से मौसम में एक बार फिर ठंडक हो गई। बारिश से क्षेत्र के कई गली-मोहल्लों में नालियों की तली झाड़ सफाई नहीं होने से जलभराव की स्थिति बन गई। उधर,ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के साथ चली तेज हवा ने गेहूं व लाही की फसल को गिरा दिया। जिससे किसान परेशान दिखे।
खटीमा में तीन एमएम बारिश
खटीमा। सीमांत क्षेत्र खटीमा में रविवार को दूसरे दिन भी दोपहर के समय बूंदाबांदी व हल्की बारिश हुई। मौसम वैधशाला थारू जीआईसी के प्रभारी नरेंद्र सिंह रौतेला ने बताया कि खटीमा में कुल तीन एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते ठंड भी बढ़ गई। खटीमा में अधिकतम तापमान 22 व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा।