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पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह के रिश्तेदारों की संपत्ति की जांच कर रही विजिलेंस
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Wed, 26 Sep 2018 12:37 AM IST
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में जेल में बंद निलंबित पीसएस अधिकारी डीपी सिंह के रिश्तेदारों की संपत्ति की जांच विजिलेंस ने शुरू कर दी है। कुछ दिन पूर्व शासन ने डीपी सिंह की संपत्ति की जांच विजिलेंस को सौंपी थी। सूत्रों के अनुसार जांच में विजिलेंस को डीपी के रिश्तेदारों के नाम पर भी उसकी संपत्ति होने के सुराग मिले हैं। इसके आधार पर विजिलेंस देहरादून, किच्छा, रुद्रपुर और काशीपुर में संपत्ति की जांच कर रही है।
भूमि मुआवजा घोटाले में नाम सामने आने पर लंबे समय तक एसआईटी से लुकाछिपी का खेल खेलने के बाद बीते वर्ष नवंबर में डीपी सिंह ने एसआईटी के आगे आत्मसमर्पण किया था। एसआईटी ने जांच रिपोर्ट में डीपी सिंह की ओर से भूमि अधिग्रहण के नाम पर किसानों से करोड़ों का कमीशन लिए जाने की पुष्टि की थी।
साथ ही एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर शासन ने माना कि डीपी सिंह ने सरकारी विभाग में अपने पद पर रहते हुए अवैध तरीके से आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। पूरे घोटाले में डीपी सिंह की भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हुए शासन ने विजिलेंस को डीपी की संपत्ति की जांच सौंपी।
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सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान विजिलेंस को डीपी सिंह की ओर से अर्जित की गई नामी-बेनामी संपत्ति उसके कुछ रिश्तेदारों के नाम से देहरादून, किच्छा, काशीपुर और रुद्रपुर में होने के सुराग मिले हैं। इसके आधार पर विजिलेंस ने अब रिश्तेदारों की संपित्त जांच भी शुरू कर दी है।
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भूमि मुआवजा घोटाले में नाम सामने आने पर लंबे समय तक एसआईटी से लुकाछिपी का खेल खेलने के बाद बीते वर्ष नवंबर में डीपी सिंह ने एसआईटी के आगे आत्मसमर्पण किया था। एसआईटी ने जांच रिपोर्ट में डीपी सिंह की ओर से भूमि अधिग्रहण के नाम पर किसानों से करोड़ों का कमीशन लिए जाने की पुष्टि की थी।
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साथ ही एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर शासन ने माना कि डीपी सिंह ने सरकारी विभाग में अपने पद पर रहते हुए अवैध तरीके से आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। पूरे घोटाले में डीपी सिंह की भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हुए शासन ने विजिलेंस को डीपी की संपत्ति की जांच सौंपी।
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सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान विजिलेंस को डीपी सिंह की ओर से अर्जित की गई नामी-बेनामी संपत्ति उसके कुछ रिश्तेदारों के नाम से देहरादून, किच्छा, काशीपुर और रुद्रपुर में होने के सुराग मिले हैं। इसके आधार पर विजिलेंस ने अब रिश्तेदारों की संपित्त जांच भी शुरू कर दी है।