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सुल्तानपुर पट्टी नगर पंचायत में पौने दो लाख का घपला
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ रुद्रपुर।
Updated Mon, 05 Oct 2015 12:26 AM IST
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नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी में करीब पौने दो लाख रुपये का घपला उजागर हुआ है। डीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार बाजपुर की जांच में घपले की पुष्टि के साथ ही नगर पंचायत अध्यक्ष, ईओ और लिपिक को दोषी ठहराए गए हैं। तहसीलदार ने डीएम को जांच रिपोर्ट भेजकर कार्यवाही की संस्तुति की है।
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बीते 1 जुलाई को मोहल्ला श्यामनगर वार्ड नंबर पांच सुल्तानपुर पट्टी निवासी अली हुसैन ने नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी में धांधली की शिकायत डीएम से की थी। अली हुसैन का आरोप था कि प्रकाश व्यवस्था के नाम पर एक व्यापारी को 89,171 रुपये के आठ चेक दिए गए।
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इन कार्यों के लिए कोई निविदा नहीं निकाली गई और न ही उक्त व्यापारी का नगर पंचायत में पंजीकरण था। सरकार की तरफ से हर साल प्रकाश व्यवस्था के लिए पंचायत को सात लाख रुपये मिलते हैं, ऐसे में दुकान से फुटकर सामान खरीदने का औचित्य नहीं बनता। पंचायत से 40,037 रुपये का भुगतान यात्रा के नाम से किया गया है।
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नगर पंचायत एक्ट में ट्रेन और रोडवेज का यात्रा बिल ही मान्य है। सफाई व्यवस्था के लिए दो लोगों को 55,070 रुपये का भुगतान किया गया। सफाई के लिए वहां 9 नियमित और 15 संविदा कर्मचारी हैं।
मामलों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने शिकायतों की जांच नायब तहसीलदार बाजपुर को सौंपी थी। नायब तहसीलदार प्रताप राम की जांच में नगर पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई है।
जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि नगर पंचायत में विद्युत उपकरण क्रय 89171 रुपये, टैक्सी यात्रा बिल 40,037 रुपये और सफाई मद में 55,070 रुपये का भुगतान कर अधिशासी अधिकारी एसडी भट्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष जुम्मा भारती और मुख्य लिपिक देवनाथ मिश्रा ने वित्तीय अधिकारों का दुरुपयोग किया है, जो वित्तीय अनियमितताओं की श्रेणी में आता है।
नायब तहसीलदार प्रताप राम ने भी वित्तीय गड़बड़ियों की पुष्टि करते हुए जांच रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजने की बात कही है।