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ग्रामीण बैंक की दीवार काटकर चोरी की कोशिश
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Thu, 02 Jun 2016 11:37 PM IST
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चोरी
- फोटो : अमर उजाला
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अज्ञात चोरों ने कुंडा चौराहे के पास स्थित उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की दीवार तोड़कर चोरी का प्रयास किया। कैशियर रूम खंगालने के साथ ही लॉकर रूम के दरवाजे का ताला नहीं टूटने से चोर अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके।
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नगदी की फिराक में आए चोरों ने बैंक में लगे लाखों रुपयों के कंप्यूटरों को छुआ तक नहीं। बैंक में चोरी की कोशिश से कुंडा थाने में खलबली मच गई। आनन-फानन में सीओ और एसओ ने दल बल के साथ बैंक का बारीकी से मुआयना किया।
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बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे लोगों ने कुंडा चौराहे के समीप स्थित उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की लालपुर शाखा के पीछे की दीवार के निचले हिस्से में बड़ा सा सुराख देख पुलिस के साथ ही बैंककर्मियों को सूचना दी। बैंक की दीवार में सेंधमारी की सूचना से बैंक और पुलिसकर्मियों के हाथपांव फूल गए।
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एसओ नासिर हुसैन के अलावा बैंक स्टाफ भी वहां पहुंचा और बैंक को खुलवाया गया। चोरों ने मैनेजर के केबिन के पिछले हिस्से की दीवार को तोड़ा था और उसमें बने सुराख के सहारे भीतर दाखिल हुए। उन्होंने कैशियर रूम खंगालने के साथ ही दराज में पड़े फार्म और अन्य दस्तावेज जमीन में बिखेर दिए।
चोरों ने लॉकर रूम के दरवाजे मे लगा ताला और कुंडा तोड़ने की कोशिश की, मगर कामयाब नहीं हो सके। सीओ जीसी टम्टा ने भी बैंक का मुआयना किया। मैनेजर अनिल कुमार ग्रोवर ने बताया कि चोर बैंक से कोई धनराशि या दस्तावेज नहीं ले जा सके हैं।
सीओ ने एसओ को घटना में लिप्त लोगों का जल्द से जल्द पता लगाने के निर्देश दिए। एसओ नासिर ने बताया कि मैनेजर अनिल कुमार ग्रोवर की तहरीर पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना के खुलासे के लिए दो टीमें गठित की गई हैं।
500 रुपये भी नहीं ले गए चोर
उत्तराखंड ग्रामीण बैंक में चोरी के इरादे से घुसे चोर बेहद जल्दबाजी में थे। कैशियर रूम की दराज में खाता खोलने वाले फार्म के साथ 100-100 रुपये के पांच नोट भी थे। लेकिन दराज खंगालते समय शायद जल्दबाजी और अंधेरे की वजह से चोरों की नजर नोटों पर नहीं पड़ी। पुलिसकर्मी जब बैंक का मुआयना कर रहे थे, तो उन्होंने जमीन पर नोटों को पड़े देखा। बड़ी बात यह रही कि चोरों ने बैंक के भीतर कंप्यूटर या अन्य उपकरणों को ले जाने की कोशिश भी नहीं की।
नाइट विजन कैमरा होता तो पहचान में आ जाते चोर
काशीपुर। ग्रामीण बैंक के भीतर तीन और एक सीसीटीवी बाहर लगा हुआ मिला। पुलिसकर्मियों ने जब फुटेज खंगालनी शुरू की तो स्क्रीन में अंधेरा ही अंधेरा नजर आया। स्टाफ से पता चला कि कैमरे नाइट विजन नहीं हैं। हालांकि पुलिसकर्मियों ने काफी कोशिश की, मगर कुछ हासिल नहीं हो सका। सीओ ने बैंक मैनेजर को नाइट विजन कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अगर नाइट विजन कैमरे होते तो चोर पहचान में आ जाते।
थाने से पौन किलोमीटर दूर है बैंक
जिस बैंक में चोरी का प्रयास हुआ है, उससे कुंडा थाने की दूरी करीब पौने किलोमीटर की है। कुंडा चौराहे पर भी रात में पिकेट तैनात रहती है। बावजूद इसके चोरों ने बैंक की दीवार काटकर चोरी का प्रयास किया। इससे समझा जा सकता है कि रात में पुलिस की कैसी गश्त होती होगी। सीओ टम्टा कहते हैं कि जिस जगह से बैंक में चोर दाखिल हुए हैं, वहां रात में सन्नाटा पसरा रहता है। वहां से पिकेट करीब सौ मीटर दूर रहती है। ऐसे में इतनी दूर से घटना का आभास होना असंभव है।
पेशेवर नहीं थे चोर
ग्रामीण बैंक को निशाना बनाने वाले चोर पेशेवर नहीं थे। पुलिस के सूत्र बताते हैं कि अक्सर बैंक और एटीएम को निशाना बनाने वाला गिरोह गैस कटर मशीन साथ लेकर चलता है। ताला और लॉकर काटने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। लेकिन बैंक में घुसे चोरों ने ताले और कुंडे पर भारी चीज से तोड़ने की असफल कोशिश की थी। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोर स्थानीय हो सकते हैं। जिन्हें बैंक के बारे में पूरी जानकारी रही होगी।
सुराख से लोगों को निकलवाकर किया डैमो
बैंक में चोरों द्वारा किए गए सुराख को पुलिस में दोनों तरफ से बारीक मुआयना किया। जिसके बाद आधा दर्जन युवक और बच्चों को बुलवाकर उन्हें सुराख से बैंक के भीतर प्रवेश कराया गया। पुलिस जानना चाह रही कि बैंक में प्रवेश करने वालों की कद काठी क्या रही होगी। डैमो से अंदाजा लगाया गया कि चोर की बाडी बेहद पतली रही होगी और लंबाई भी कम होगी। इसी आधार पर पुलिस संदिग्ध को पकड़कर पूछताछ भी करेगी।